हैवी डिनर के बाद कब्ज और अपच से परेशान हैं, तो इसबगोल कर सकता है आपकी मदद

इस वीकेंड अगर हैवी डिनर आउट का प्लान है, तो अगली सुबह कब्ज़ और वेट मैनेजमेंट की फिक्र को इसबगोल की भूसी पर छोड़ दीजिए।
जानें एक इसबगोल के अनेक फायदे
शालिनी पाण्डेय Updated on: 6 May 2022, 14:32 pm IST
ऐप खोलें

इसबगोल (isabgol) का नाम तो हम सब ने सुना है। बचपन में मां या दादी कब्ज़ की शिकायत से बचाने के लिए इसे खिलाती थीं। मुझे तो यह पानी में घुला हुआ, एक चम्मच शक्कर के साथ खाना बेहद पसंद था। बड़े होने पर पता चला कि इसबगोल सिर्फ कब्ज़ (Isabgol for constipation) को ही दूर नहीं करता, बल्कि और भी कई तकलीफों में रामबाण उपचार है। मां और दादी दोनों का इस नुस्खों के लिए शुक्रिया वर्ना कहते हैं न पेट गड़बड़ तो सब गड़बड़। चलिए जानें कैसे अपच, डायरिया या कब्ज जैसी पेट (How to use isabgol for stomach disturbance) की सभी समस्याओं का उपचार है इसबगोल।

पहले जानिए क्या है इसबगोल

इसबगोल को साइलियम की भूसी के नाम से भी जाना जाता है। यह एक फाइबर है जो कब्ज के लिए सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले घरेलू उपचारों में से एक है। यह वजन घटाने में कारगर है क्योंकि यह न सिर्फ पेट भरा होने का एहसास कराता है बल्कि  अधिक खाने से रोकने में भी मदद करता है। मधुमेह के रोगियों के लिए भी इसबगोल काफी अच्छा है क्योंकि यह ब्लड शुगर (Manage blood sugar) के स्तर को मैनेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

बवासीर (Piles) की सबसे बड़ी वजह है कब्ज (Constipation), इसबगोल यहां भी करामाती साबित होता है क्योंकि यह  कब्ज नहीं होने देता। साथ ही अपने एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण के कारण बवासीर में होने वाली सूजन को भी कम करता है। इसबगोल की भूसी को सोने से पहले गर्म दूध या पानी (Isabgol with milk or water) के साथ लिया जा सकता है।

कब्ज़ ही नहीं हाई कोलेस्ट्रोल कम करने में भी मदद करता है इसबगोल

इसबगोल अत्यधिक लेने से बचना चाहिए क्योंकि इससे पेट में दर्द, दस्त आदि दिक्कतें हो सकती हैं ।

आइए अब जानते हैं इसबगोल के फायदे

1 कब्ज से राहत दिलाता है इसबगोल

इसबगोल कब्ज को नियंत्रित करने में फायदेमंद होता है। इसमें फाइबर की मात्रा भरपूर होती है। इसबगोल में पानी को सोखने और बनाए रखने की क्षमता भी होती है। यह पेट साफ़ करने की प्रक्रिया को आसान बनाता है। इसबगोल को पानी, दही या दूध के साथ खाया जा सकता है।

2 बवासीर (piles) में भी हैं फायदेमंद

बवासीर के इलाज में इसबगोल फायदेमंद होता है। बवासीर पुरानी कब्ज के कारण होता  है। इसबगोल फाइबर का एक समृद्ध स्रोत है। यह पानी को सोखने और बनाए रखने में मदद करता है। इससे मल त्यागने में मदद मिलती है। इस प्रकार, इसबगोल पुरानी कब्ज का प्रबंधन करता है जिससे बवासीर हो सकता है। यह बवासीर से जुड़े जमाव और रक्तस्राव (ब्लीडिंग-Bleeding) को भी कम करता है ।

3 उच्च कोलेस्ट्रॉल (high Cholesterol) पर भी लगाता है लगाम

इसबगोल में हाइपोक्लोरेमिक नाम तत्व होता है जो कोलेस्ट्रॉल मैनेज करने में मदद करता है। एनसीबीआई द्वारा इसबगोल के फायदे पर किए गए एक अध्ययन के अनुसार, छह सप्ताह तक रोजाना इसबगोल का सेवन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है।

खाने का तरीका:

कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए 230-235ml पानी के साथ रोजाना 10-20 ग्राम इसबगोल का सेवन करें।

पानी दूध या दही के साथ  लिया जा सकता है इसबगोल

4 मोटापे (Obesity) को कम करता है इसबगोल 

यह वजन घटाने के लिए एक प्राकृतिक इलाज के रूप में कार्य करता है, क्योंकि यह भूख को नियंत्रित कर सकता है। आपका पेट भरा महसूस होने के कारण आपकी खुराक कम हो जाती है और आपका वेट आसानी से मैनेज होने लगता है।

खाने का तरीका:

गर्म पानी और ½ नींबू के साथ इसका सेवन करें।

वयस्कों के लिए- एक से तीन खुराक में 8-11 ग्राम को 150 मिली पानी के साथ लेने से लाभ होता है।

5 दस्त में भी गुणकारी

इसबगोल दस्त को नियंत्रित करने में फायदेमंद रहता है। यह कैल्शियम और आयरन चैनलों को बंद करता है जिससे शरीर में इनकी मात्रा बनी रहे, इतना नहीं इसमें डायरिया-रोकने के गुण भी होते हैं। इसबगोल डाइजेस्टिव सिस्टम में पानी की मात्रा कम करके दस्त को नियंत्रित करने में मदद करता है।

खाने का तरीका:

दस्त होने पर इसबगोल को दही के साथ लें।

6 अल्सरेटिव कोलाइटिस में भी लिया जा सकता है इसबगोल 

इसबगोल वात और पित्त को संतुलित करने के अपने गुण के कारण आंत के सूजन के मामले में मदद करता है। इसबगोल शरीर में रफेज़ या फाइबर की कमी को दूर करता है। शरीर में मौजूद अतिरिक्त पानी का इस्तेमाल कब्ज़ हटाकर पेट साफ़ करने में करता है।

खाने का तरीका:

1-2 चम्मच इसबगोल की भूसी का पाउडर लें।
1 गिलास गुनगुने पानी में मिलाएं।
इसे रात को सोने से पहले लें। पाचन क्रिया को बेहतर रखने के लिए यह कारगर है।

यह भी पढ़ें – तेल, घी और मसाले भी बढ़ा सकते हैं फेफड़ों के लिए मुश्किलें? एक्सपर्ट बता रहे हैं इसका कारण

लेखक के बारे में
शालिनी पाण्डेय

पीरियड ट्रैकर

अपनी माहवारी को ट्रैक करें हेल्थशॉट्स, पीरियड ट्रैकर
के साथ।

ट्रैक करें
Next Story