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जी हां, घर पर रह कर भी किया जा सकता है कैंसर का इलाज, जानिए क्‍या कहते हैं विशेषज्ञ

Updated on: 15 April 2021, 19:10pm IST
कोविड-19 महामारी के बढ़ते मामलों के बीच उन लोगों के लिए चिंता बढ़ती जा रही है, जो गंभीर बीमारियों के शिकार हैं। पर चिंता न करें, कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के उपचार में भी आप घर पर ही मरीज की देखभाल कर सकती हैं।
Dr Neeraj Miglani
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meditation bhi pain management me helpful ho sakti hain
मेडिटेशन भी कैंसर पेन मैनेजमेंट में मददगार हो सकती है। चित्र: शटरस्‍टॉक

‘कैंसर’ शब्द को सुनते ही हम ऊपर से नीचे तक पूरी तरह हिल जाते हैं। पर क्या आप जानती हैं कि विशेषज्ञों से मार्गदर्शन के साथ इसे घर पर ही अच्छी तरह से प्रबंधित किया जा सकता है। यहां कुछ मिथ्स और गलत धारणाएं हैं, जिन्हें दूर करना महत्वपूर्ण है। इससे पहले कि आप अपने लिए या किसी प्रियजन के लिए घर पर ही कैंसर की देखभाल का विकल्प चुनें।

‘कैंसर’ शब्द हमेशा लोगों के मन में डर और चिंताएं पैदा करके उन्हें डराता है। हर प्रकार के कैंसर में, असामान्य कोशिकाओं की बेकाबू वृद्धि शरीर में कहीं भी फैलती है। ऐसी असामान्य कोशिकाओं को कैंसर कोशिका, ट्यूमर कोशिका या घातक कोशिकाएं कहा जा सकता है। वे दिन गए जब इस जानलेवा बीमारी का इलाज नहीं हो पाता था।

असंभव नहीं है कैंसर का उपचार

आज, उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं कैंसर के लिए सर्वोत्तम उपचार और देखभाल प्रदान करने के लिए उपलब्‍ध हैं। इसके अलावा, घर पर कैंसर की देखभाल की अवधारणा, अस्पतालों में होने वाली अतिरिक्त लागत और चल रही महामारी को लेकर सुरक्षा के मुद्दों के कारण उठी है।

कोविड-19 महामारी के दौरान अब परिजन रोगी को घर पर रखने को ही प्राथमिकता दे रहे हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक
कोविड-19 महामारी के दौरान अब परिजन रोगी को घर पर रखने को ही प्राथमिकता दे रहे हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक

वर्षों से, लोग कैंसर के संबंध में कई मिथ्स और भ्रांतियों के शिकार हो गए हैं, विशेष रूप से घर पर कैंसर रोगियों की देखभाल को लेकर। जितना बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाना महत्वपूर्ण है, उतना ही आवश्यक सभी मौजूदा मिथ्स से दूर रहना भी है।

ऑनलाइन दुनिया पहले से ही बेशुमार गलतफहमियों से भरी हुई है, जो लोगों को समय पर और घर पर उचित उपचार करने से रोक सकती है।

यहां 5 सबसे आम मिथ्स हैं, जिन्‍हें तोड़ते हुए तथ्यों को जानना जरूरी है 

मिथ 1: कैंसर का इलाज घर पर नहीं किया जा सकता

हालांकि यह सच है कि अधिकांश कैंसर उपचार अस्पतालों, नर्सिंग होम और क्लीनिकों में दिए जाते हैं, लेकिन कुछ प्रकार के उपचार घर पर ही किए जा सकते हैं। तकनीक-सक्षम ऑनलाइन प्लेटफॉर्म घरों से ही आराम से रोगियों को डॉक्टर द्वारा संचालित कैंसर की देखभाल के लिए उपचार सुनिश्चित करते हैं।

घर पर, कैंसर की देखभाल पूरे अनुभव को अधिक आरामदायक और प्रबंधनीय बनाकर एक स्‍पीडी रिकवरी को बढ़ावा देती है। देखभाल करने वाले मरीजों की प्रीमियम देखभाल सुनिश्चित करते हैं। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि रोगी सही वर्काउट रुटीन बनाए रखें और सभी निर्धारित उपचारों का पालन करें।

इमोशनल हेल्‍थ के लिए फायदेमंद

घर पर कैंसर की देखभाल रोगियों के भावनात्मक कल्याण को भी बढ़ाती है। पेलिएटिव केयर (Palliative care) तनाव, टेंशन और अवसाद को कम करके उनके जीवन स्तर में सुधार करती है। इसके अलावा, घर पर कैंसर की देखभाल की सेवा प्रदान करने वाले सभी लोग अत्यधिक कुशल और अच्छी तरह से प्रशिक्षित होते हैं।

घर पर कैंसर की देखभाल का सबसे उल्लेखनीय लाभ उपचार की लागत-प्रभावशीलता है। यह सेवा यात्रा की बाधाओं के बिना उपचार में शामिल स्काई-रॉकेटिंग की लागत को रोकने में मदद करती है।

मिथ 2: घर पर कैंसर की देखभाल हर मरीज के लिए है

यह घर पर कैंसर की देखभाल से जुड़े आम मिथ्स में से एक है। यह सभी कैंसर रोगियों के लिए एक संभव विकल्प नहीं है। यह भी सलाह दी जाती है कि आपको हमेशा अपने डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए। घर पर कैंसर की देखभाल से जुड़े फायदे और संभावित जोखिमों को समझना चाहिए।

केवल जब डॉक्टर रोगी की स्थिति, कैंसर के प्रकार, कैंसर के चरण, अन्य चिकित्सा मुद्दों, चल रहे उपचार, जोखिम, स्थान और रोगी के घर की स्वच्छता की स्थिति, परिवार के सदस्यों की स्थिति और रोगी की देखभाल करने की उनकी क्षमता का विश्लेषण करने बाद एक सहमति (consent post) प्रदान करें, तब ही घर पर देखभाल का विकल्प चुनना चाहिए।

मिथ 3 : घर पर कैंसर की देखभाल महंगी है

आमतौर पर लोगों को यह गलतफहमी है कि कैंसर एक महंगी बीमारी है और घर पर इसका इलाज एक अतिरिक्त खर्च है। हालांकि, यह एक मिथ है, क्योंकि अधिकांश मामलों में घर पर देखभाल आर्थिक रूप से व्यवहार्य और सस्ती है। अस्पताल के चक्कर काटने और वहां रहने के मुकाबले।

एक मरीज हमेशा स्वास्थ्य मुद्दों, विशेष रूप से कैंसर के मामले में सबसे अच्छे अस्पतालों और देखभाल को प्राथमिकता देगा।

हालांकि, अच्छे अस्पतालों में लंबे और महंगे बिलों का भुगतान करना पड़ता है। इसलिए, घर पर कैंसर की देखभाल आपकी जेब पर थोड़ा कम भार डालती है। क्योंकि परिवार को अस्पताल के बिस्तर और सेवाओं की अतिरिक्त लागत का वहन नहीं करना पड़ता। खर्च पूरी तरह से दवाओं और अन्य आवश्यकताओं पर होगा।

इसके अतिरिक्त, चूंकि अस्पताल में लगातार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, इसलिए यात्रा का समय और पैसा भी कम हो जाएगा। यहां तक कि घर की सुविधाओं की देखभाल भी सस्ती है, जिससे मरीज की जरूरतों का समाधान हो सकता है।

मिथ 4: हम घर पर निर्धारित दवाएं नहीं ले सकते

वर्तमान समय में, जब चिकित्सा क्षेत्र एक बड़े संक्रमण से गुजर रहा है, तो ऐसे में घर पर कैंसर की देखभाल वास्तव में संभव है। इसलिए आप निर्धारित दवाएं ले सकते हैं। विभिन्न गोलियां और एंटीबायोटिक दवाएं हैं, जिनका सेवन घर पर किया जा सकता है।

इंजेक्शन और कीमोथेरेपी सत्र के लिए, विभिन्न उच्च चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध हैं। जो यह सुनिश्चित करती हैं कि कोई रोगी पीड़ित न हो। आजकल, इंजेक्शन और कीमोथेरेपी सत्र देना एक बोझिल प्रक्रिया नहीं है। उन्हें सरल बनाया गया है ताकि परिवार के सदस्य बुनियादी गतिविधियों के लिए अतिरिक्त लागत पर घर की देखभाल करने वाली नर्स या चिकित्सा पेशेवर के बिना, अंत में चीजों को संभाल सकें।

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मिथ 5: परिवार मरीज की देखभाल करने में सक्षम नहीं होगा

यह एक पूर्वकल्पित धारणा है कि घर पर कैंसर की देखभाल करना एक विचार नहीं है, क्योंकि परिवार के पास चिकित्सा ज्ञान का अभाव है। इसलिए वे अस्पताल की तरह ठीक से रोगी की देखभाल नहीं कर पाएंगे।

हालांकि अब लोग अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य के प्रति सजग हुए हैं। वे डॉक्‍टर से परामर्श कर रोगी की देखभाल के बुनियादी ज्ञान को इकट्ठा करने की कोशिश करते हैं। जब मरीज अपने परिवार के साथ होते हैं, तो वे आवश्यक वित्तीय, शारीरिक, भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक रूप से ज्‍यादा मजबूत महसूस करते हैं।

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परिवार न केवल दैनिक कामों के साथ रोगी की देखभाल कर पाता, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि दवाएं समय पर दी जाएं। उनकी चिंता, प्यार और देखभाल के साथ अपनी तकलीफ से बेहतर तरीके से उबर आते हैं।

अंत में

कैंसर निस्संदेह एक जानलेवा बीमारी है। लेकिन सबसे अच्छे उपचार के साथ इसकी शुरुआती पहचान से रोगियों के बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। बीमारी के बारे में विस्तृत जानकारी रखना, किसी मौजूदा मिथ या गलत धारणा को ध्यान में रखना भी महत्वपूर्ण है।

ज्‍यादातर लोगों का मानना है कि कैंसर का इलाज घर पर नहीं किया जा सकता, लेकिन घर में कैंसर की देखभाल वास्तव में सही सुविधाओं के साथ संभव है। यह न केवल अस्पताल-प्रेरित जोखिमों को कम करने में मदद करता है। बल्कि अतिरिक्त लागत, समय और यात्रा पर खर्च को भी कम करता है।

यह रोगी और उनके परिवार दोनों के लिए सुविधाजनक भी होता है। हालांकि, गलतियों के होने की थोड़ी संभावना है, जो अधिक जोखिम पैदा कर सकती है। लेकिन त्वरित कार्रवाई और सही लोगों तक पहुंचने के साथ, स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।

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Dr Neeraj Miglani Dr Neeraj Miglani

Dr Neeraj Miglani is a general physician with 30 years of experience and has previously worked with brands like Apollo and Medanta hospital. She currently works as the Chief Medical Officer at Hospido Private Limited.