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विश्व हेपेटाइटिस दिवस : हेपेटाइटिस का जोखिम बढ़ा सकती हैं खानपान संबंधी ये आदतें

Published on:27 July 2021, 12:00pm IST
हेपेटाइटिस लीवर की ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर के टिश्यू घायल और संक्रमित हो जाते हैं। स्थिति गंभीर होने पर इससे जान भी जा सकती है। इसलिए खानपान संबंधी बुरी आदतों को आज ही छोड़ दें।
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ
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हेपेटाइटिस का जोखिम बढ़ा सकती हैं खानपान संबंधी ये आदतें। चित्र : शटरस्टॉक
हेपेटाइटिस का जोखिम बढ़ा सकती हैं खानपान संबंधी ये आदतें। चित्र : शटरस्टॉक

कुछ बीमारियों का इलाज दवाइयों से ज्यादा परहेज और आहार पर निर्भर करता है – हेपेटाइटिस भी उन्हीं में से एक है। हेपेटाइटिस में खानपान का विशेष ध्यान रखना होता है क्योंकि यह एक लिवर की बीमारी है और आपकी एक छोटी सी गलती आपका लिवर पूरी तरह से डैमेज कर सकती है। इसलिए, आज हम आपको कुछ सावधानियों के बारे में बताएंगे जिनका आपको ख्याल रखना चाहिए।

मगर सबसे पहले यह समझ लेते हैं कि हेपेटाइटिस (Hepatitis) क्या है?

हेपेटाइटिस लिवर में एक तरह का इन्फ्लेमेशन है। यह इन्फ्लेमेशन तब होता है जब शरीर के ऊतक घायल या संक्रमित होते हैं। यह आपके लीवर को नुकसान पहुंचा सकता है। सूजन और डैमेज आपके लिवर की कार्य प्रणाली को प्रभावित कर सकते हैं।

हेपेटाइटिस का क्या कारण बनता है?

वायरल हेपेटाइटिस सबसे आम प्रकार है। यह कई वायरसों में से एक के कारण होता है –
हेपेटाइटिस वायरस A, B, C, D और E

अल्कोहलिक हेपेटाइटिस भारी शराब के सेवन के कारण होता है।

टॉक्सिक हेपेटाइटिस कुछ विषों, रसायनों, दवाओं या सप्लीमेंट आहार के कारण हो सकता है।
ऑटोइम्यून हेपेटाइटिस एक पुराना प्रकार है, जिसमें आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली आपके लीवर पर हमला करती है। कारण ज्ञात नहीं है, लेकिन जेनेटिक्स और आपका पर्यावरण इसमें एक भूमिका निभा सकता है।

हेपेटाइटिस संक्रमण के कारण। चित्र: शटरस्‍टॉक

अगर किसी को हेपेटाइटिस हो जाता है तो उसे अपने खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ऐसे में खानपान संबंधी इन गलतियों को न करें। वरना आपको भारी जोखिम उठाना पड़ सकता है।

ये आसान उपाय आपको हेपेटाइटिस से बचा सकते हैं

ध्यान रखें कि एक अनहेल्दी आहार लिवर डैमेज में योगदान कर सकता है। यदि आप बहुत अधिक उच्च कैलोरी वाला चिकना, वसायुक्त या मीठा भोजन करते हैं, तो आपका वजन बढ़ेगा और आपके लीवर में वसा का निर्माण शुरू हो जाएगा। आपके लिवर में वसा, हेपेटाइटिस वायरस को लक्षित करने वाली दवाओं की प्रभावशीलता को कम कर सकती है।

निम्नलिखित खाद्य पदार्थों की ओवर डोज से बचें :

मक्खन, खट्टा क्रीम, और अन्य उच्च वसा वाले डेयरी खाद्य पदार्थ
मांस – मछली, ज्यादा तला और मसालेदार भोजन
कुकीज, केक, सोडा और पैकेज्ड फ़ूड
भारी मात्रा में नमक वाले खाद्य पदार्थ
शराब

बटर का सेवन न करें. चित्र : शटरस्टॉक
बटर का सेवन न करें. चित्र : शटरस्टॉक

अपने लीवर को स्वस्थ रखने के लिए इन चीजों को करें अपने आहार में शामिल :

भरपूर फल और सब्जियां
साबुत अनाज जैसे ओट्स, ब्राउन राइस, जौ और क्विनोआ
लीन प्रोटीन जैसे मछली, त्वचा रहित चिकन, अंडे का सफेद भाग और बीन्स
कम वसा वाले या बिना वसा वाले डेयरी उत्पाद
नट्स, एवोकाडो और जैतून के तेल जैसे स्वस्थ वसा

यह भी ध्यान रखें :

चूंकि आपका लीवर हेपेटाइटिस वायरस से जूझ रहा है, इसलिए किसी भी बीमारी से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतें जिससे लीवर खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। किसी भी संभावित हानिकारक अवशेषों को हटाने के लिए सभी मांस, फलों और सब्जियों को धो लें, और क्रॉस-कॉनटैमिनेशन को रोकने के लिए भोजन को छूने से पहले और बाद में अपने हाथों को अच्छी तरह धो लें।

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ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।