World Chronic Fatigue Syndrome Day : लंबी थकान हो सकती है इस गंभीर बीमारी का संकेत

Published on: 11 May 2022, 18:12 pm IST

थका हुआ महसूस करना और शरीर में हमेशा शिथिलता महसूस करने में फर्क होता है। यदि आप भी 6 महीने से ज़्यादा इस समस्या से जूझ रही हैं, तो यह क्रोनिक फटीग सिंड्रोम के लक्षण हो सकते हैं।

janiye kya hai chronic fatigue syndrome
क्रोनिक थकान सिंड्रोम क्या है और इससे बचाव के उपाय। चित्र : शटरस्टॉक

आजकल के लाइफस्टाइल के कारण हर किसी की जिंदगी में भागदौड़ मची रहती है। हर कोई आपको दुखी और तनावग्रस्त दिखाई देगा। मगर इन सब के बीच आप कभी-कभी खुद को एनर्जेटिक और खुश भी महसूस करती होंगी। ज़्यादा काम की वजह से थक जाना आम बात है, लेकिन यदि आराम करने के बाद भी आपकी थकान नहीं मिटती, तो यह एक गंभीर समस्या की ओर इशारा करता है। जिसे क्रोनिक फटिग सिंड्रोम (Chronic Fatigue Syndrome) कहा जाता है। वर्ल्ड क्रोनिक फटिग सिंड्रोम डे के अवसर पर आपको इसके बारे में विस्तार से जानना चाहिए।

आपको बता दें कि हम यहां एक – दो दिन या एक हफ्ते कि थकान के बारे में बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि ऐसी थकान के बारे में बात कर रहे हैं, जो आपके शरीर में बस गई है। और आप इससे तकरीबन 6 महीनों से झेल रही हैं। तो यह क्रोनिक फटीग सिंड्रोम डे (World Chronic Fatigue Syndrome Day 2022) के कारण हो सकता है।

वर्ल्ड क्रोनिक फटीग सिंड्रोम डे 2022

यह एक अंतर्राष्ट्रीय जागरूकता दिवस है। हर साल 12 मई को वर्ल्ड क्रोनिक फटीग सिंड्रोम डे मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य इस स्थिति के बारे में लोगों को जागरूक करना है। यह एक गंभीर बीमारी है जिसके बारे में लोगों को पता होना चाहिए। क्योंकि बिना किसी लक्षण के यह किसी के भी साथ लंबे समय तक रह सकती है।

chronic fatigue syndrome kya haiलंबे समय तक सुस्त महसूस करना क्रोनिक फटीग का है लक्षण। चित्र: शटरस्‍टॉक

तो क्या है क्रोनिक फटीग सिंड्रोम?

क्रोनिक फटीग सिंड्रोम या मायालजिक एन्सेफैलोमाइलाइटिस (Myalgic Encephalomyelitis/Chronic Fatigue Syndrome) एक जटिल बीमारी है, जो पूरे शरीर को प्रभावित कर सकती है, जिससे दर्द और अत्यधिक थकान होती है। यह बीमारी शरीर की कई प्रणालियों को प्रभावित करती है। इस बीमारी से ग्रसित लोग अत्यधिक थकान, व्यायाम के बाद अस्वस्थता या नींद की समस्या, सोचने और ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत, दर्द और चक्कर आने जैसी अन्य समस्याओं से जुड़ी सामान्य गतिविधियों को करने में असमर्थता से पीड़ित होते हैं।

क्या हैं इसके लक्षण?

उन गतिविधियों को करने की कम क्षमता जो पहले संभव थी
काफी ज़्यादा थकान
आराम करने के बावजूद सुधार न होना
कोई भी एक्टिविटी न कर पाना
इस तरह आपको कभी पहले महसूस न हुआ हो
याद्दाश्त या एकाग्रता की समस्या
गला खराब होना
सिर दर्द
आपकी गर्दन या बगल में बढ़े हुए लिम्फ नोड्स
मांसपेशी या जोड़ों का दर्द
चक्कर आना जो लेटने या बैठने से खड़े होने तक बढ़ जाता है

मेयो क्लीनिक के अनुसार जानिए क्या हैं इसके कारण?

प्रतिरक्षा प्रणाली की समस्याएं

जिन लोगों को क्रोनिक फटीग सिंड्रोम है उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली थोड़ी कमजोर दिखाई देती है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि क्या यह हानि वास्तव में विकार का कारण बनने के लिए पर्याप्त है।

hamesha thakaan meshoos karna sahi nhin haiहमेशा थकान महसूस करना सही नहीं है। चित्र : शटरस्टॉक

मेंटल या इमोशनल ट्रॉमा

कुछ लोग रिपोर्ट करते हैं कि उनके लक्षण शुरू होने से कुछ समय पहले उन्हें चोट, सर्जरी या महत्वपूर्ण भावनात्मक तनाव का अनुभव हुआ।

तो आप इस सिंड्रोम से बचने के लिए क्या कर सकती हैं

जीवनशैली में कुछ बदलाव करने से आपके लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है।

अपने कैफीन का सेवन सीमित करने से आपको बेहतर नींद और अनिद्रा को कम करने में मदद मिल सकती है। आपको निकोटीन और अल्कोहल को भी सीमित करना चाहिए या उससे बचना चाहिए।

दिन में नैप लेने से बचने की कोशिश करें अगर यह रात में सोने की आपकी क्षमता को नुकसान पहुंचा रहा है।

स्लीपिंग रूटीन बनाएं। हर रात एक ही समय पर सोएं और हर दिन लगभग एक ही समय पर जागने का लक्ष्य रखें।

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ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

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