कुपोषण का संकेत हो सकता है बचपन में ही बालों का सफेद होना, इससे बचना है जरूरी

Updated on: 2 February 2022, 17:04 pm IST

छोटी उम्र में बाल सफेद होना न केवल बच्चों के शारीरिक स्वास्थ्य, बल्कि खराब मानसिक स्वास्थ्य की ओर भी संकेत कर सकता है। इस ओर समय रहते ध्यान देना जरूरी है।

Bachchon ke balon ka safed hona unke mansik swasthay ko bhi prabhavit karta hai.
बच्चों के बालों का सफेद होना उनके मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। चित्र: शटरस्टॉक

बदलती लाइफस्टाइल (Lifestyle) का असर न सिर्फ बड़ों, बल्कि छोटे-छोटे बच्चों पर भी दिखाई देने लगा है। जो सफेद बाल (Hair graying)  कभी एजिंग (Aging) का संकेत माने जाते थे, वही अब छोटे बच्चों की समस्या भी बनने लगे हैं।

छोटी उम्र में बच्चों के बालों का सफेद होना उनके मानसिक स्वास्थ्य (Mental health) को भी प्रभावित करता है। और इसके कारण कभी-कभी उन्हें बुलिंग (Bullying) का भी सामना करना पड़ सकता है। इसलिए यह जरूरी है कि आप बच्चों के बालों के सफेद होने के कारण और उससे बचने के उपायों (White hair in kids)  के बारे में जानें। 

छोटी उम्र में क्यों सफेद होने लगते हैं बाल  (Why do children’s hair turn white at a young age?)

मुंबई की जानी मानी डॉ. प्रतिमा गोयल का कहना हैं कि कम उम्र में सफेद बाल होने का कोई विशेष कारण स्पष्ट नहीं है। इस वजह से इसका कोई विशेष इलाज नहीं है। फिर भी कुछ ज्ञात कारणों में विटामिन, प्रोटीन की कमी और आनुवंशिक कारकों, हाइपोथायरायडिज्म, विटिलिगो प्रमुख हैं। लेकिन, कई शोध में यह बात भी सामने आ चुकी है कि ज्यादा तनाव लेने के कारण भी बाल सफेद हो जाते हैं। कम उम्र में सफेद बाल होने के अन्य कारण इस प्रकार है- 

  1. ठीक से नींद नहीं लेना। 
  2. विटामिन-बी की कमी। 
  3. मेलेनिन का निर्माण बंद हो जाना। 
  4. विभिन्न पोषक तत्वों की कमी। 
  5. किसी तरह की दवाई या सर्जरी के कारण। 
  6. पढ़ाई या किसी अन्य बात का तनाव। 
  7. और जेनेटिक।  

सफेद बालों को कंट्रोल करने के आसान टिप्स (Simple tips to control gray hair)

आंवला है फायदेमंद

अगर आप अपने बच्चों के सफेद होते बालों को लेकर चिंतित हैं, तो आपको जरुरी सुझावों को फॉलो करना चाहिए। सबसे पहले बच्चे के आहार में आंवला को शामिल करें। आंवला न सिर्फ बालों, बल्कि आंखों की रोशनी के लिए भी अच्छा होता है। आप आंवले को अचार, मुरब्बे, चटनी या फिर कैंडी के रूप में खिला सकते हैं। बता दें कि बच्चों के सफेद होते बालों को समय रहते कंट्रोल करना बेहद आवश्यक है। ज्यादा समय होने के बाद यह प्रॉब्लम तेजी से बढ़ सकती है।

नारियल तेल से मालिश करें

आजकल छोटे-छोटे बच्चे बाजार के कई तरह के सुगंधित तेल का इस्तेमाल बालों में करते हैं। पेरेंट्स को बच्चों को नारियल तेल लगाने के लिए प्रेरित करना चाहिए। बालों के हेल्दी बनाए रखने में नारियल तेल बेहद गुणकारी है। अच्छे रिजल्ट के लिए नारियल के तेल को आंवला के साथ उपयोग करना चाहिए। इसके लिए आंवले को सबसे पहले नारियल तेल में अच्छी तरह पका लें। इसके बाद इसे एक शीशी या डिब्बें में भरकर रख लें। इससे बच्चों के सिर की रोजाना अच्छी तरह से मालिश करें।  

टमाटर और नींबू का नुस्खा अपनाएं

टमाटर और नींबू बालों की हेल्थ के लिए फायदेमंद है। इनका उपयोग दही के साथ करना चाहिए। सबसे पहले टमाटर को पीसकर दही में अच्छी तरह से मिलाए। इसके बाद इसमें नींबू के रस को निचोड़ लें। इस पेस्ट को अच्छी तरह मिलाकर बच्चों के बालों में अच्छी तरह लगाए। पेस्ट को करीब एक घंटे तक बालों में लगा रहने के बाद बालों को अच्छी तरह धुलवा दें। इस नुस्खे को सप्ताह में दो बार आजमा सकते हैं। इससे सफेद बाल तेजी से कंट्रोल होगा।

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टमाटर और नींबू बालों की हेल्थ के लिए फायदेमंद है। चित्र: शटरस्टॉक

रीठा और शिकाकाई लाभदायक

बालों को तेजी से काले, घने और मुलायम बनाने के लिए सूखा आंवला, रीठा और शिकाकाई का नुस्खा भी कारगर उपाय है। तीनों को रात को एक लोहे की कढ़ाई में भिगोकर रखें। इसके बाद इसे पीसकर पेस्ट तैयार कर लें। अब इससे बच्चों के बालों में अच्छी तरह लगाए और करीब एक घंटे के बाद बालों को अच्छी तरह धोएं।   

तोरई है फायदेमंद

तोरई की सब्जी खाने बेहद टेस्टी और पोषक तत्वों से भरपूर होती है। यह आपके बच्चों के बालों के लिए भी रामबाण औषधि है। बालों की सेहत के लिए तोरई का इस्तेमाल जा सकता है। सबसे पहले तोरई को नारियल तेल में काले होने तक अच्छी तरह पकाएं। इसके बाद नारियल तेल को एक शीशी में भरकर रखें। इससे रोजाना बच्चों के बालों की मालिश करें।  

बच्चों के आहार में इन्हें करें शामिल  (Include these in children’s diet)

इन नुस्खो को आजमाने के साथ ही बच्चों के आहार में कुछ पौष्टिक चीजों को शामिल करें। आप अपने बच्चे के आहार में हरे पत्तेदार, सब्जियां, दालें, फलों, स्प्राउट्स, दूध, पनीर, दही आदि चीजें शामिल करें। साथ बच्चे को फिजिकल एक्टिविटी के लिए मोटिवेट करें। 

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श्याम दांगी श्याम दांगी

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