Wet Clothes side effects: बारिश में भीगे कपडे़ पहनना आपको दे सकता है ये 6 स्वास्थ्य जोखिम

बारिश अच्छी लगती है, पर बारिश में भीगे कपडे़ पहनना इंटिमेट एरिया में इन्फेक्शन, स्किन रैशेज और निमोनिया का भी कारण बन सकता है। इसलिए साफ और सूखे कपड़े पहनना सुनिश्चित करें।
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जानें गीले कपडे़ पहनने के साइड इफेक्ट्स. चित्र : एडॉबीस्टॉक
अंजलि कुमारी Updated: 27 Jun 2024, 03:51 pm IST
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बारिश के मौसम में कई दिनों तक बादल छाए रहते हैं, वहीं इस मौसम वातावरण में ह्यूमिडिटी बढ़ने की वजह से कपड़े पूरी तरह से नहीं सूखते। अक्सर धुले हुए कपड़ों में नमी रह जाती है, और जल्दवाजी में हम उन्ही कपड़ों को पहन लेते हैं। इतना ही नहीं कई लोग बारिश में भींग जाते हैं और लंबे समय तक गीले कपडे पहने रहते हैं, खासकर ऑफिस जा रहे लोग। ऐसे में आपको यह मालूम होना चाहिए की ऐसा करना आपकी स्किन को नुकसान पहुंचा सकता है।

खासकर गीले या नमी युक्त अंडरगार्मेंट्स पहनने से आपके प्राइवेट पार्ट्स को अधिक नुकसान पहुंचता है। इस बारे में अधिक विस्तार से समझने के लिए हेल्थ शॉट्स ने सीके बिरला हॉस्पिटल गुरुग्राम की ऑब्सटेट्रिक्स और गाइनेकोलॉजिस्ट आस्था दयाल से बात की। तो चलिए जानते हैं गीले या नमीयुक्त कपडे़ पहनने के नुकसान (Wet Clothes side effects)।

जानें बरसात में नमीयुक्त कपड़े पहनने के नुकसान (Wet Clothes side effects)

इंटिमेट एरिया में हो सकती है जलन और रैशेज

डॉक्टर आस्था दयाल के अनुसार “गीले अंडरवियर से योनि में जलन, रेडनेस या रैशेज हो सकते हैं। इससे योनि क्षेत्र में यीस्ट संक्रमण जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। अगर आप गीले अंडरवियर को नहीं बदलती हैं, तो वेजाइनल एरिया में मौजूद नमी आपके पीएच संतुलन को बिगाड़ सकती है। इस स्थिति में तमाम तरह के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।

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वेजाइनल सिस्ट योनि पर चोट या ग्लैंड के ब्लॉक होने के कारण होती हैं। चित्र : एडॉबीस्टॉक

यह स्थिति काफी आम है, लेकिन गीले अंडरवियर से आपके लिए जोखिम बढ़ सकता है, क्योंकि नमीयुक्त एरिया में बैक्टीरिया तेजी से ग्रो करते हैं। याद रखें, संक्रमण के लक्षण हल्के से मध्यम हो सकते हैं, लेकिन अगर इलाज न किया जाए तो ये अधिक गंभीर हो सकते हैं। खासकर बरसात में संक्रमण के बढ़ने का खतरा अधिक होता है।

कमजोर होती है इम्युनिटी

बरसात के मौसम में गीले कपड़े पहनने से प्रतिरक्षा प्रणाली कमज़ोर हो सकती है, क्योंकि शरीर को गर्म रहने और गर्मी को बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। इसके अलावा, बॉडी पर नमी के बने रहने से संक्रमण और बीमारी के जोखिम बढ़ जाते हैं, क्योंकि नमी बैक्टीरिया और अन्य रोगजनकों के विकास को बढ़ावा दे सकती हैं।

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सर्दी और जुकाम हो सकता है

गीले होने से सर्दी लगने की संभावना बढ़ जाती है, क्योंकि शरीर अपना प्राकृतिक तापमान खो देता है, जिससे यह बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाता है। खासकर इस बदलते मौसम दर्दी खांसी जैसे संक्रमण आसानी से आपको परेशान कर सकते हैं।

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सर्दी और खांसी की समस्या आपको परेशान कर सकती है. चित्र : एडॉबीस्टॉक

चेस्ट एलर्जी

गीलेपन से छाती की एलर्जी विकसित होने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे सांस लेने में समस्या हो सकती है और जिसकी वजह से आपकी नियमित दिनचर्या पर नकारात्मक असर पड़ता है।

त्वचा संक्रमण हो सकता है

लंबे समय तक गीले कपडे पहन कर रहने से त्वचा संबंधी संक्रमण जैसे की रेडनेस, रैशेज, इर्रिटेशन, खुजली, बंप्स आदि आपको परेशान कर सकते हैं। इस प्रकार के संक्रमण को अवॉयड करने के लिए आपको अपने कपड़ों को पूरी तरह से ड्राई करके पहनना चाहिए।

बच्चों को परेशान कर सकता है निमोनिया

बारिश में भीगना, खेलना बच्चों को बेहद पसंद होता है, पर कई बार बच्चे लंबे समय तक गीले कपडे पहने रहते हैं, जिसकी वजह से उन्हें निमोनिया हो सकता है। गीले कपडे और शरीर कीटाणुओं को अपनी ओर आकर्षित करते हैं, और ये कीटाणु उन्हें बीमार कर सकते हैं।

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बारिश के मौसम में बचाव के लिए इन टिप्स का ध्यान रकहेन। चित्र : अडॉबीस्टॉक

जानें इससे बचाव के तरीके

बारिश में गीले कपड़े जल्दी से बदलें, खासकर उन लोगों के लिए जो बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील हैं।

गर्म तरल पदार्थ पीने से शरीर का तापमान बेहतर हो सकता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सकती है।

अचानक तापमान परिवर्तन से दूर रहें। इसलिए, ऐसे कपड़े पहनना बेहतर है जो बारिश से बचाएं, शरीर की गर्मी बनाए रखें और तापमान में अचानक परिवर्तन न आने दें, क्युकी इससे आप बीमार हो सकती हैं।

स्वस्थ आहार बनाए रखें; सब्जी और फल खाने से प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है और शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता में सुधार होता है।

जब तक ज़रूरी न हो बारिश के दौरान घर से बाहर न निकलें, रेन कोट पहनें। चेस्ट और रेस्पिरेटरी संबंधी एलर्जी वाले मरीज डॉक्टर के संपर्क में रहें और उनके द्वारा सुझाए गए टिप्स का पालन करें।

घर को हवादार रखने से स्वस्थ इनडोर वातावरण बनाए रखने और बीमारियों के प्रसार को रोकने में मदद मिलती है।

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इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट अंजलि फूड, ब्यूटी, हेल्थ और वेलनेस पर लगातार लिख रहीं हैं। ...और पढ़ें

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