Dental Checkup : ये 6 तरह की समस्याएं बताती हैं कि आपको तुरंत डेंटल चेकअप की जरूरत है

डेंटल चेकअप न करवाने की सूरत में दांतों में कैविटी, दर्द व ब्लीडिंग की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। जानते हैं किन कारणों से दांतों के डॉक्टर के पास चेकअप के लिए जाएं (Urgent signs to visit the dentist)।
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इससे दांत कमजोर होने के साथ दर्द की समस्या होने लगती है। चित्र : शटरस्टॉक
ज्योति सोही Published: 1 Feb 2024, 08:00 pm IST
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शरीर के अन्य अंगों के चेकअप के समान ही दांतों की देखभाल करना भी बेहद ज़रूरी है। दिनभर में बार बार चाय, कॉफी, खाना और स्मोकिंग की लत दांतों की सेहत को नुकसान पहुंचाती है। हांलाकि अधिकतर लोग दिन में दो बार ब्रश करते हैं। मगर डेंटल चेकअप न करवाने की सूरत में दांतों में कैविटी, दर्द व ब्लीडिंग की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। जानते हैं किन कारणों से दांतों के डॉक्टर के पास चेकअप के लिए जाएं (Urgent signs to visit the dentist)।

इस बारे में एमडीएस, डॉ दिवाकर वशिष्ट का कहना है कि हर 3 से 6 महीने के भीतर डेंटल चेकअप बेहदज़रूरी है। इससे दांतों में बढ़ने वाले डिसकलरेशन दूर हो सकती है और मसूढ़ों का स्वास्थ्य भी उचित बना रहता है। इससे कैविटी और दांतों में बढ़ने वाली दरारों को भी आसानी से पहचाना जा सकता है। ओरल हाइजीन को मेंटेन रखने के लिए भी डेंटल चेकअप को अवॉइड न करें। वे लोग जो तम्बाकू खाने हैं और सिगरेट पीते हैं। उनमें माउथ कैंसर की संभावना बढ़ने लगती है। ऐसे में समय समय पर डेंटल चेकअप से कई समस्याओं का खतरा कम किया जा सकता है।

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खाने खाने के बाद अगर आप अपने दांत साफ नहीं करते हैं, तो दांतों पर एक परत जम जाती है। इस चिपचिपी परत से जीवाणु मूंह में पनपने लगते हैं। चित्र अडोबी स्टॉक

जानते हैं किन कारणों से मिलता है डेंटल चेकअप का संकेत (Urgent signs to visit the dentist)

1 दांतों का दर्द

बैक्टीरियल इंफैक्शन और मसूढ़ों में सूजन के चलते लगातार दांतों में दर्द बने लगता है। इससे उस दांत के अलावा आस पास के दांतों में भी दर्द महसूस होने लगता है, जो धीरे धीरे असहनीय होने लगता है। मुंह में कई कारणों से पनपने वाले बैड बैक्टीरिया दर्द की समस्या को बढ़ाते हैं, जो गलत खानपान से भी बढ़ते हैं। ऐसे में डॉक्टरी सलाह अवश्य लें।

2 मसूढ़ों से खून आना

कई बार ब्रशिंग या फ्लॉस के दौरान गम ब्लीडिंग की समस्या का सामना करना पड़ता है। लंबे वक्त के बाद फ्लॉस करने से ब्लड का आना सामान्य है। मगर कुछ दिनों तक लगातार दांतों से बहने वाला खून अलार्मिंग साइन माना जाता है। हर बार कुल्ला करने पर या कुछ खाने के बाद दांतों से ब्लीडिंग होने पर डॉक्टर के पास अवश्य जांत्र के लिए जाएं।

3 दांत का अचानक टूटना

कहीं गिरने, चोट लगने या किसी चीज़ से टकराकर दांत टूटना भी चिंता का विषय बन जाता है। ऐसे में ओरल हेल्थ का विशेष ध्यान रखें। दरअसल, दांत टूटने के साथ अन्य प्रकार की इंजरी से बचने के लिए चिकित्सक से अवश्य संपर्क साधें। इससे र्फ्स्ट एड के साथ मुंह में होने वाली अन्य प्रकार की क्षति से भी बचा जा सकता है।

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खूबसूरत दांत आपकी मुस्कान और चेहरे को और ज्यादा आकर्षक बना देते हैं। चित्र : शटरस्टॉक

4 दांतों में संक्रमण

वे लोग जो स्मोकिंग करते हैं या तंबाकू खाते हैं। उनके मुंह में टीथ इंफेक्शन की समस्या बढ़ने लगती है। दांतों के बीचों बीच बढ़ने वाले संक्रमण से दर्द व सूजन की समस्या बनी रहती है। साथ ही बोन डैमेज का भी खतरा रहता है। ऐसे में डॉक्टर के पास चेकअप के लिए ज़ष्र जाएं।

5 फिलिंग व क्राउन का गिरना व लूज़ हो जाना

दांतों के स्वास्थ्य को उत्तम बनाए रखने और चेहरे की बनावट को ज्यों का त्यों रखने के लिए लोग दांतों के मध्य फिलिंग भरवाते हैं। इसके अलावा दांतों पर क्राउन भी लगवाया जाता है। अगर किसी कारणवश या ठोकर लगने से वो क्राउन या फिलिंग निकल रहा है, तो घर पर उसका स्वंय इलाज करने की जगह दंत चिकितसक से बातचीत करें।

6 टूथ डिसकलरेशन

दांतों पर होने वाले दाग और पीलापन कई समस्याओं का संकेत देते हैं। ऐसे में दांतों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए चेकअप के लिए जाएं। कई बार ज्यादा चाय व काफी इनटेक बढ़ाने और निर्जलीकरण के चलते दांतों के रंग में बदलाव दिखने लगता है।

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लेखक के बारे में

लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं। ...और पढ़ें

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