कामकाज और स्तनपान के बीच सामंजस्य नहीं बिठा पा रही हैं? आपकी परेशानी को आसन बनाएंगे ये टिप्स

क्या आप अपने करियर और बच्चे की स्तनपान की जरूरतों के बारे में चिंतित हैं? डोंट वरी! यहां कुछ टिप्स दी गयी हैं जो आपकी मदद करेंगी और वर्क लाइफ को आसान बनाएंगी।
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कामकाज और स्तनपान के बीच सामंजस्य बिठाना मुश्किल हो सकता है. चित्र : शटरस्टॉक
टीम हेल्‍थ शॉट्स Published: 6 Aug 2021, 12:30 pm IST
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इक्कीसवीं सदी की महिलाओं के लिए मातृत्व मुश्किल है! वे सिर्फ अपनी वर्क लाइफ ही नहीं संभालती हैं, बल्कि परिवार की सभी जिम्मेदारियों को भी निभा रही हैं। फिर जब स्तनपान कराने की बात आती है, तो महिलाएं इसमें भी कोई समझौता नहीं करना चाहती।

अपने परिवार के सपोर्ट और सहकर्मियों की मदद से, एक साथ दोनों जिम्मेदारियां निभाना संभव है। जबकि फुल टाइम जॉब हमारे स्तनपान से संबंधित निर्णयों को प्रभावित कर सकता है- जैसे कि स्तनपान की अवधि, दूध स्राव की योजना बनाना और उसे बनाए रखना, यह आमतौर पर स्तनपान की अवधि को कम करता है। 80% से अधिक महिलाएं पहले महीने के बाद से ही अपना काम शुरू कर देती हैं।

हर स्तनपान कराने वाली मां के लिए यह बेहतर होता है कि एक बार स्तनपान विशेषज्ञ से परामर्श लें। यह आपको दूध को स्टोर करने का सही तरीका बता सकते हैं। इसके अलावा, एक सही मार्गदर्शन, माताओं को स्तन दूध की आपूर्ति बनाए रखने और एक उपयुक्त स्तन पंप खोजने में मदद कर सकता है।

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जानिए ब्रैस्टफीडिग के टिप्स. चित्र : शटरस्टॉक

आप अन्य माताओं के साथ बात करके भी खुद को तैयार कर सकती हैं, जिन्होंने सफलतापूर्वक काम करने और नर्सिंग करने में सफलता प्राप्त की है। अपने बच्चे से अलगाव तनावपूर्ण हो सकता है, लेकिन अच्छी योजना और समर्थन के साथ यह आसान बन सकता है।

ब्रैस्टफीडिंग के लिए कुछ टिप्स :

1. काम पर लौटने से पहले ब्रेस्टमिल्क की अच्छी आपूर्ति स्थापित करें और बनाए रखें। अपना लक्ष्य निर्धारित करना और सभी पर चर्चा करना महत्वपूर्ण है।

2. अपनी डिलीवरी के पहले घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करें। स्तन दूध उत्पादन को बढ़ाने का सबसे अच्छा तरीका है कि बच्चे को बार-बार दूध पिलाया जाए।

3. जितना हो सके आराम करें और खुद पर भरोसा रखें। तनाव, थकान और आत्मविश्वास की कमी स्तन दूध के उत्पादन में बाधा उत्पन्न करती है।

4. काम पर जाने से पहले, हाथ से मां के दूध को निकालना सीखें या स्तन पंप का उपयोग भी किया जा सकता है। एक स्तनपान सलाहकार से मदद लें।

5. घर से निकलने से पहले और वापस आने पर अपने बच्चे को दूध पिलाएं।

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6. काम पर, लंच ब्रेक, चाय के दौरान बच्चे को दूध पिलाएं या जब भी आपके स्तन भरे होते हैं। यह ब्रेस्टमिल्क की आपूर्ति करता है और उभार को रोकता है।

7. सोने से पहले रात के भोजन के लिए पर्याप्त समय दें। रात का भोजन आपको दूध की मात्रा बढ़ाने में मदद कर सकता है।

8. वीकेंड पर या छुट्टी के दौरान अपने बच्चे को अच्छे से दूध पिलाएं।

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