कॉन्स्टिपेशन, आपकी सेहत ही नहीं प्रोडक्टिविटी को भी कर सकती है प्रभावित, इन 5 प्रभावी तरीकों से करें इससे मुकाबला

क्या आपको भी सुबह उठकर मल त्याग करने में परेशानी होती है, तो आज से इस पर ध्यान देना शुरू करें। अन्यथा आगे चलकर यह समग्र सेहत पर भारी पड़ सकता है।
Period mei constipation se kaise raahat paayein
शरीर में एस्ट्रोजन का स्तर आपके गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम के काम करने के तरीके को प्रभावित करता है। । चित्र- अडोबी स्टॉक
अंजलि कुमारी Published: 11 Jun 2023, 14:00 pm IST
  • 122

अक्सर अपने घर के बड़ों को यह कहते हुए सुना होगा कि सुबह उठकर सबसे पहले पानी पीकर हमें बाथरूम जाना चाहिए। मॉर्निंग पूप यानी कि सुबह मल त्याग करना हमारी समग्र सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, हम सभी ने कभी न कभी यह अनुभव जरूर किया होगा कि जब हम सुबह बाथरूम नहीं जाते हैं, तो हमें पूरे दिन असहज महसूस होता रहता है, साथ ही दिनचर्या पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ता है। यदि आपको भी सुबह मल त्याग करने में परेशानी होती है, तो परेशान न हों ऐसे कई उपाय हैं जो इसमें आपकी मदद कर सकते हैं (Tips to avoid constipation)।

हेल्थ शॉट्स ने इस विषय पर अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल चेन्नई के गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉक्टर आदित्य शाह से सलाह ली। उन्होंने सुबह मल त्याग करने के फायदे बताते हुए आसानी से मल त्याग करने के कुछ प्रभावी उपायों पर भी बातचीत की है। तो चलिए जानते हैं इस विषय पर अधिक विस्तार से।

इन टिप्स को ध्यान रखें, सुबह मल त्याग करने में नहीं होगी परेशानी

1. हाइड्रेटेड रहना है जरूरी

शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी होने से पाचन क्रिया पूरी तरह से संतुलित रहती है। साथ ही बॉवेल फंक्शन भी इंप्रूव होता है। ऐसे में सुबह उठते के साथ एक गिलास पानी पीएं। यदि आप गुनगुना पानी पी रही हैं, तो यह अधिक फायदेमंद रहेगा। उंसके बाद बाथरूम जाएं। हर रोज ऐसा ही करें इससे आपको मल त्याग करने में आसानी होगी।

pani apke samagra swasthye ke liye bahut zaruri hai
पानी हमारे सभी शारीरिक अंगों को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है। चित्र : शटर स्टॉक

2. इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें

यदि आप नियमित रूप से मल त्याग करने की दिनचर्या स्थापित कर लेती हैं तो इससे आपके पाचन क्रिया को कई फायदे पहुंचते हैं। यदि आप भी उनमें से हैं जिन्हें सुबह मल त्याग करने में परेशानी होती है, तो इसे स्किप न करें। सुबह पानी पिएं और नियमित रूप से बाथरूम में बैठने की आदत बनाएं। ऐसा करने से आपकी स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा।

यदि आप हर रोज सुबह उठकर सबसे पहले बाथरूम जाने की आदत बनाती हैं, तो आपका शरीर इसका आदी हो जाता है। सुबह-सुबह आपको खुद महसूस होगा कि आपको मल त्याग करना है।

यह भी पढ़ें : प्रोटीन और विटामिन्स का खजाना है बत्तख का अंडा, बस एक अंडा आपकी सेहत को दे सकता है ये 4 फायदे

3. डाइट में शामिल करें फाइबर

फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन पाचन क्रिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। डाइट में पर्याप्त फाइबर लें यह कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है साथ ही नियमित मल त्याग को बढ़ावा देता है। खासकर यदि आपको सुबह के समय कब्ज का एहसास होता है, तो आपके लिए फाइबर बेहद महत्वपूर्ण है।

फल, सब्जियां, फलियां, अनाज इत्यादि जैसे फाइबर युक्त संतुष्टि प्रदान करने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करें। ये पाचन क्रिया के साथ समग्र सेहत के लिए बेहद फायदेमंद रहेंगे।

4. घरेलू नुस्खे आएंगे आपके काम

सुबह उठकर अजवाइन, हींग, जीरा, अदरक, हल्दी इत्यादि को पानी में डालकर उबाल आने दें फिर इन्हें छानकर पिएं। इसके अलावा अपना पसंदीदा कोई भी हर्बल टी एन्जॉय लर सकती हैं। यह सभी पाचन क्रिया के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं और बॉवेल मूवमेंट को इंप्रूव करते हैं। आप गुनगुने पानी में आधा नींबू निचोड़ कर उसे पी सकती हैं यह भी काफी प्रभावी होता है।

ajwain ki chay pien
अजवायन की चाय पिएं! चित्र: शटरस्‍टॉक

5. अपने बाथरूम को साफ सुथरा और रिलैक्सिंग बनाएं

यदि आपका बाथरूम साफ सुथरा और रिलैक्सिंग होता है, तो यह आपके बॉवेल मूवमेंट पर सकारात्मक असर डालता है। साथ ही आपको सुबह मल त्याग करने में भी आसानी होती है। इसके साथ ही इस दौरान हड़बड़ी न मचाएं अन्यथा डिस्ट्रक्शन के कारण बॉवेल मूवमेंट का नेचुरल फ्लोर टूट जाता है और आपको मल त्याग करने में परेशानी होती है।

अपनी रुचि के विषय चुनें और फ़ीड कस्टमाइज़ करें

कस्टमाइज़ करें

6. स्ट्रेस मैनेजमेंट है जरूरी

स्ट्रेस और एंग्जाइटी का असर केवल आपके मानसिक स्वास्थ्य को ही नहीं बल्कि आपके पाचन तंत्र को भी प्रभावित कर सकता है। ऐसे में नियमित बॉवेल मूवमेंट के लिए स्ट्रेस मैनेजमेंट गतिविधियों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। सबसे जरूरी है खुद को खुश रखने का प्रयास करना इसलिए सकारात्मक चीजों के आसपास रहने का प्रयास करें। इसके अलावा योग, मेडिटेशन, ब्रीथिंग एक्सरसाइज इत्यादि में भाग लेने से मदद मिलेगी।

यह भी पढ़ें : Salmon benefits: जाड़े ही नहीं गर्मी में भी इन 7 फायदों के लिए खाई जा सकती है सैल्मन मछली

  • 122
लेखक के बारे में

इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट अंजलि फूड, ब्यूटी, हेल्थ और वेलनेस पर लगातार लिख रहीं हैं। ...और पढ़ें

अगला लेख