बिगड़ते खानपान की वजह से आपको आजकल हर कोई कोलेस्ट्रॉल की समस्या से ग्रस्त दिख जाएगा। बता दें कि उच्च कोलेस्ट्रॉल का स्तर शरीर के लिए अच्छा नहीं होता है। इससे हमारा शरीर कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाता है।
कोलेस्ट्रॉल कई कारणों से बढ़ता है जैसे शरीर में अतिरिक्त वसा का जमा होना, किसी भी शारीरिक गतिविधि में शामिल न होना, खराब आहार और कुछ लोगों में जेनेटिक कारणों से भी यह हो सकता है। यदि आप कम उम्र में हृदय रोगों से ग्रस्त नहीं होना चाहते हैं और लंबे समय तक स्वस्थ रहना चाहती हैं तो आप अपने उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए विभिन्न तरीके आजमा सकती हैं।
आज हम आपको कुछ स्वस्थ जड़ी बूटियों के बारे में बताएंगे, जो शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ने नहीं देती हैं। इसके लिए हमने मैक्स हॉस्पिटल, गुरुग्राम की क्लिनिकल न्यूट्रिशन एंड डायटेटिक्स विभाग की हेड क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट – उपासना शर्मा से बात की। जानिए क्या है उनका कहना।
कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने के लिए तुलसी फायदेमंद है। तुलसी में मौजूद यूजेनॉल नामक एक आवश्यक तेल उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है। इसके एंटीफंगल और एंटी बैक्टीरियल तत्व शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालते हैं। तुलसी के पत्ते चबाने या काढ़ा पीने से उच्च रक्तचाप से बचाव होता है।
डॉ उपासना के अनुसार – ”तुलसी शुगर लेवल को भी मेंटेन करने में मदद करती है। इसमें मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं। रोज तुलसी के एक – दो पत्ते खा सकती है या फिर इसको चाय मे भी डाल के पिया जा सकता है।”

हल्दी को जितना हो सके अपने आहार में शामिल करें क्योंकि इससे कोरोनरी संबंधित समस्याएं नहीं होती हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार हल्दी में मौजूद करक्यूमिन धमनियों को सख्त होने से रोकता है। साथ ही इसके एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करते हैं।
डॉ उपासना के अनुसार – ”इसका इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है। हल्दी में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करते हैं। विशेष रूप से, हल्दी कोरोनरी प्रॉब्लम्स के खतरे को कम करने में सहायता करती है।”
लहसुन स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं का रामबाण इलाज है। यह पेट और दिल को स्वस्थ रखता है। शरीर में उचित रक्त प्रवाह को विनियमित करने के साथ, लहसुन में मौजूद एलिसिन, मैंगनीज और फास्फोरस जैसे यौगिक और खनिज उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

पेट संबंधी समस्याओं को ठीक करने के लिए मेथी का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है। मधुमेह के रोगी आमतौर पर मेथी का पानी पीते हैं क्योंकि यह रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है। मगर क्या आप जानती हैं कि मेथी के सेवन से हाई ब्लड कोलेस्ट्रॉल को भी कम किया जा सकता है। जी हां, एनसीबीआई के अनुसार मेथी में मौजूद एथिल एसीटेट नाम का तत्व खून में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है।
अदरक बायोएक्टिव यौगिकों से भरपूर होता है और इसलिए रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करके कोरोनरी हृदय रोगों के जोखिम को कम करता है। इतना ही नहीं, अदरक मोटापा कम करने में भी फायदेमंद साबित हो सकती है, जो कि कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का सीधा कारण है।
इन हर्ब्स का सेवन करना भी बहुत आसान है। बस इन्हें पानी के साथ उबालें और सुबह खाली पेट इनके पानी का सेवन करें।
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