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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : आयुर्वेद की ये 5 हर्ब्‍स, जो योग का लाभ कर देंगी दोगुना

Published on:16 June 2021, 15:11pm IST
योग एक समग्र जीवनशैली है, ये आपके आहार के प्रभाव को बढ़ा सकती है। पर क्या आप जानती हैं कि आयुर्वेद में कुछ ऐसी हर्ब्स भी हैं जो योगाभ्यास के प्रभाव को बढ़ा देती हैं।
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योगा रूटीन में शामिल करें ये हेर्ब्स. चित्र : शटरस्टॉक

पारंपरिक योगियों ने हमेशा जड़ी-बूटियों को अपने अभ्यास में सहायता करने के लिए उपयोग किया है। योग के अभ्यास से होने वाले लाभों को जड़ी-बूटियों ने और भी बढ़ा दिया है। ये शारीरिक और मानसिक दोनों स्तरों पर लाभदायक रहीं हैं। ये रोग उपचार और रोग की रोकथाम दोनों के लिए उपयोगी हैं। बढ़ी हुई जीवन शक्ति के लिए और हमारे सभी उच्च संकायों को जागृत करने के लिए जड़ी बूटियां बेहद महत्वपूर्ण हैं।

जड़ी-बूटियों का यह योगिक उपयोग बहुत अलग है। इसका उद्देश्य समय के साथ हमारी धारणा और तंत्रिका तंत्र में सूक्ष्म प्राकृतिक परिवर्तन करना है, जो हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं।

तो आइये जानते हैं उन जड़ी-बूटियों के बारे में जो योगाभ्यास का लाभ दोगुना कर देंगी –

1 तुलसी

तुलसी को मैडिटेशन हर्ब (meditation herb) के रूप में जाना जाता है। तुलसी का उल्लेख दो प्राचीन ग्रंथों, चरक संहिता और सुश्रुत संहिता में किया गया है। तुलसी के कई औषधीय लाभ हैं जो मस्तिष्क परिसंचरण को बढ़ाता है, शरीर की रक्षा करता है, और कॉर्टिकोस्टेरोन (तनाव का उपोत्पाद) के बढ़े हुए स्तर को रोकता है।

इसके पत्तों का सेवन आप सुबह खाली पेट कर सकती हैं या इसे पूरा दिन पानी में डालकर वह पानी पी सकती हैं।

तुलसी को आप चाय में डालकर भी पी सकते हैं. चित्र : शटरस्टॉक

2 ब्राह्मी

ब्राह्मी का सेवन करने से आप अपनी एकाग्रता, संतोष और आनंद में सुधार कर सकती हैं। यह भी मस्तिष्क और सम्पूर्ण शरीर में परिसंचरण को बढ़ाती है। यह शरीर में डोपामाइन रिसेप्टर्स और न्यूरोट्रांसमीटर को भी उत्तेजित करती है। ब्राह्मी का सेवन आप हर रोज़ दूध के साथ कर सकती हैं। ब्राह्मी का रस तंत्रिका तंत्र को साफ करने और ध्यान को बढ़ावा देने के लिए सुबह और शाम उत्कृष्ट है।

3 पीपली

मन और इंद्रियों को उत्तेजित करने और धारणा में सुधार करने के लिए पीपली जड़ी बूटी फायदेमंद है। यह जड़ी बूटी चक्रों को खोलती हैं, जो योगाभ्यास और ध्यान में एक महत्वपूर्ण क्रिया है। यह सेरेब्रल सर्कुलेशन बढ़ाती हैं और सिर से बलगम निकालती हैं।

पीपली अंतर्दृष्टि और ध्यान की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने और एकाग्रता को बढ़ाती हैं। वे प्राण को गति देने वाली जड़ी-बूटियों के समान हैं। शहद के साथ इसकी जड़ को पीसकर आप नियमित पीपली का सेवन कर सकती हैं।

4 दालचीनी

आपको जानकार आश्चर्य होगा कि दालचीनी शरीर और मस्तिष्क में लचीलापन बढ़ाकर, रक्त परिसंचरण को बढ़ावा देती है। इस तरह की जड़ी-बूटियां मस्कुलोस्केलेटल फ़ंक्शन और समन्वय में सुधार करके आसन के उचित प्रदर्शन में सहायता करती हैं। उन्हें आमतौर पर एंटी-रूमेटिक या एंटी-आर्थराइटिक एजेंटों के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। यह मुख्य रूप से हठ योग के लिए सही जड़ी बूटी हैं।

दालचीनी आपके लिए फायदेमंद है। चित्र-शटरस्टॉक

5 हल्दी

शरीर और तंत्रिका तंत्र को ठंडा और साफ करने के लिए हल्दी फायदेमंद है। ये जड़ी-बूटी रक्त, ऊतकों और आंतरिक अंगों से विषाक्त पदार्थों को निकालती हैं। यह आमतौर पर स्वाद में कड़वे या कसैले होते हैं। यह इम्युनिटी बढ़ाती है और सर्दी खांसी और जुकाम को दूर रखती है। आप हल्दी का सेवन रात को दूध के साथ कर सकते हैं।

तो डियर गर्ल्स इन प्राचीन जड़ी-बूटियों को अपने दैनिक आहार में शामिल कर आप जब योगाभ्यास करती हैं, तो आपका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य और भी बेहतर हो जाता है। पर यह भी जरूरी है कि किसी भी हर्ब का इस्तेमाल करने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श कर लें।

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