इन 5 कारणों से जलने लगती हैं आंखें! जानिए कब है डॉक्टर को दिखाने की जरूरत

Published on: 27 April 2022, 12:00 pm IST

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार , दुनिया भर में लगभग 2.2 बिलियन लोग दृष्टि दोष से पीड़ित हैं। इसलिए जरूरी है कि आंखों पर उचित समय पर ध्यान दिया जाए।

Burning eyes ke kayi karan ho sakte hain
आंखों में जलन होने के लिए कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं। चित्र : शटरस्टॉक

गर्मियों में आंखों की समस्याओं में सबसे आम है आंखों में जलन होना। आंखों में जलन हमेशा चिंता का कारण नहीं होती है, लेकिन कुछ मामलों में, आपको इस समस्या के इलाज के लिए आई स्पेशलिस्ट (eye specialist) को दिखाने की आवश्यकता हो सकती है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार , दुनिया भर में लगभग 2.2 बिलियन लोग दृष्टि दोष से पीड़ित हैं । इसलिए अपनी आंखों की अच्छी तरह देखभाल करना वास्तव में महत्वपूर्ण है। ताकि उम्र बढ़ने पर भी आंखों का स्वास्थ्य और अच्छी दृष्टि बनाए रखी जा सके।

खासतौर पर गर्मियों में आंखों का ख्याल रखना और भी जरूरी हो जाता है। इसके लिए हमने बात की गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस ग्रेटर नोएडा में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर नंदिता चतुर्वेदी से। डॉ नंदिता बताती हैं कि आंखों में होने वाली जलन किसी अन्य परेशानी या बीमारी की वजह से भी हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि विशेषज्ञ के परामर्श अनुसार ही उनकी सही देखभाल की जाए।

क्या हैं बर्निंग आई की समस्या (burning eyes)?

डॉ नंदिता ‘जलती हुई’ आंखों का मतलब समझाते हुए कहती हैं, इससे आशय है आंखों में जलन होना। जो जलन के साथ ही आंखों से खून (ब्लड) आंखों में लालिमा और आंसू का कारण बन सकती है। अन्य लक्षण जो इस जलन के साथ हो सकते हैं वे हैं आंखों से पानी आना, दर्द होना और खुजली होना।

आपकी आंखों में जलन होने के अलग-अलग कारण हो सकते हैं, जैसे कि मौसम, एलर्जी या अन्य बीमारियां। यह आनुवंशिकी के कारण भी हो सकता है। यदि आपको ड्राई आई सिंड्रोम (DES) है, जो एक ऐसी स्थिति है जहां आंखों से पर्याप्त आंसू नहीं निकलते हैं या आंसू बहुत जल्दी वाष्पित हो जाते हैं, तो भी आपकी आंखों में जलन होती रहती है।

Swollen eye aapko pareshan karti hai
सूजी आंखें आपको परेशान करती है। चित्र-शटरस्टॉक.

यहां हैं आंखों में जलन होने के कुछ कारण:

1 आंखों में खिंचाव:

आंखों में जलन का सबसे आम कारण आंखों में खिंचाव माना जाता है, क्योंकि यह एक ऐसी चीज है जिसका अनुभव आजकल लगभग हर कोई करता है। जैसा कि हम अपना अधिक समय चमकदार रोशनी वाली स्क्रीन (विशेषकर महामारी के दौरान) को घूरने में बिताते हैं। हम अपनी आंखों  को लगातार थकाते रहते हैं।

2 चोट:

आंख में चोट लगने से खुजली के साथ जलन हो सकती है। धूल, हवा, गर्मी और धूप जैसे रोजमर्रा के कारणों जैसे कॉन्टैक्ट लेंस लगाने या बाहर निकालने के कारण भी आंखों में चोट लग सकती है अगर आंखें शैंपू, परफ्यूम, क्लोरीनयुक्त पानी, या सिगरेट के धुएं के संपर्क में आती हैं, तो रासायनिक एक्सपोजर से आंखों में चोट लग सकती है।

3 अधिक हानिकारक रसायनों से संपर्क

यह आंखों में तेज जलन का कारण हो सकता है। यदि आप अक्सर खतरनाक रसायनों के आसपास काम करते हैं, तो आंखों की किसी भी गंभीर चोट से बचने के लिए सुरक्षात्मक आई गियर पहनना सुनिश्चित करें। यह आपकी आंखों में होने वाली जलन रोकने में मदद करेगा।

4 एलर्जी

आंखों में जलन का अनुभव करना एलर्जी से पीड़ित होने के सबसे आम लक्षणों में से एक है। पराग, पालतू पशुओं के बाल, या धूल जैसे एलर्जेन आंखों के साथ-साथ शरीर के अन्य हिस्सों जैसे नाक, गले और त्वचा को परेशान कर सकते हैं ।

एलर्जी की वजह से आंखों में होने वाली जलन से बचने के लिए, सुनिश्चित करें कि आप एलर्जी को कम करने के लिए एंटीहिस्टामाइन लेते हैं। आप घर के अंदर रहकर भी धूल मिट्टी जैसी एलर्जी से बच सकते हैं, खासकर उन दिनों में जब धूल मिट्टी या बाहर से आने वाले कणों की संख्या अधिक होती है। गर्मियों के मौसम में एसी के इस्तेमाल की वजह से भी आंखों में ड्राईनेस हो सकती है।

5 आंखों में संक्रमण और बीमारियां

आंखों में जलन होना आंखों के संक्रमण या बीमारी का लक्षण हो सकता है, क्योंकि वायरस या बैक्टीरिया के सीधे संपर्क में आने से आंखों में परेशानी हो सकती है या आंखों में जलन हो सकती है। ऐसा ही एक प्रकार का नेत्र संक्रमण है केराटाइटिस , यह कॉर्निया की सूजन है।

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आंखों को प्रभवित कर सकता है धूम्रपान। चित्र: शटरस्‍टॉक

केराटाइटिस के लक्षणों में लालिमा, दर्द, अधिक आंसू और लगातार पानी निकलना शामिल हैं। ये लक्षण आंखों में जलन के साथ भी हो सकते हैं। आंखों का संक्रमण, जो जलन पैदा कर सकता है, से बचने के लिए आपको अपनी आंखों के स्वास्थ्य की अच्छी देखभाल करनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर चिकित्सक की सहायता लेनी चाहिए।

आंखों में मौजूद कॉर्निया के ऊपर टियर लेयर होती है। अगर इसे किसी भी वजह से नुकसान पहुंचे तो आंखों में जलन हो सकती है। स्क्रीन से ज़्यादा एक्सपोज़र भी जलन की वजह बन सकता है।

तो क्या बर्निंग आई का उपचार किया जा सकता है?

आम तौर पर आंखों में जलन तब होती है जब बाहरी कण हमारी आंखों में चले जाते हैं, इसलिए कोई भी चीज़ (क्रीम, लोशन पाउडर इत्यादि) जो आंखों पर या उसके पास लगाया जाता है, भले ही वह हानिरहित लगता हो (जैसे सनस्क्रीन) का इस्तेमाल ध्यान से करें या आस पास।

यदि आंखों में जलन किसी एलर्जी की प्रतिक्रिया के कारण होती है, तो एलर्जी की दवा जैसे कि एंटीहिस्टामाइन या आई ड्रॉप किसी भी जलन से राहत दिलाएंगे। अपनी पलकों पर आई ड्रॉप्स या एक गर्म सेक का उपयोग करने से भी वसंत और गर्मियों में एलर्जी के मौसम में सूखी आँखों से राहत पाने में मदद मिल सकती है।

आंखों में जलन होने पर त्वरित उपचार के लिए आजमाएं ये घरेलू उपाय 

अपनी आंखों को इस तरह की परेशानी से दूर करने के लिए आप इन प्राकृतिक और सुविधाजनक घरेलू उपायों को आजमा सकती हैं –

आंखों को सादा पानी से धोना

अपनी आंखों को सादा पानी से धोने से आपकी आंखों में जलन पैदा करने वाले किसी भी एलर्जी या जलन को दूर कर सकते हैं। यह आंखों में होने वाली ड्राईनेस या सूजन को कम करने में मदद कर सकता है। ध्यान रहे कि आंखें बंद करके ही धोएं, वरना नैचुरल टियर शील्ड पर असर पड़ सकता है।

गर्म सेंक 

एक कपड़े को गर्म पानी में भिगोएं और फिर अपनी आंखों पर दिन में कुछ मिनट के लिए गर्म सेंक लगाने से भी जलन कम हो सकती है।

apni ankho ko aram dena bahut zaruri hai
समय-समय पर अपनी आंखों को आराम देना बहुत जरूरी है। चित्र: शटरस्‍टाॅक

हाइड्रेटेड रहना

पानी पीने से आंखों में मौजूद नमी बढ़ती है और ड्राईनेस कम होती है, जो चुभन और जलन का एक कारण है। आंखों में नमी बनाए रखने का एक और तरीका है ह्यूमिडिफायर चलाना, क्योंकि यह हवा में नमी को बढ़ाता है।

स्क्रीन टाइम कम करना

महामारी और ऑनलाइन स्टडी/वर्क फ्रॉम होम के आम होने के कारण, हम हर दिन स्क्रीन टाइम बढ़ाते हैं, और इससे डिजिटल आई स्ट्रेन हो सकता है। स्क्रीन देखने में आप कितना समय बिताते हैं, इसे कम करने से जलन और जलन को रोका जा सकता है।

कब हो सकती है डॉक्टर को दिखाने की जरूरत 

ज्यादातर मामलों में, घरेलू उपचार (जैसा कि ऊपर बताया गया है) आंखों की जलन को ठीक करने के लिए पर्याप्त हैं। हालांकि, अगर कुछ समय बीत जाने के बाद भी आपके लक्षण बने रहते हैं और खराब हो जाते हैं और घरेलू उपचार मदद नहीं करते हैं, तो एक ऑप्टोमेट्रिस्ट या नेत्र रोग विशेषज्ञ की सलाह लेना ठीक रहेगा ।

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टीम हेल्‍थ शॉट्स टीम हेल्‍थ शॉट्स

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