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स्‍मोकिंग है आापके फेफड़ों की सबसे बड़ी दुश्‍मन, जानिए लंग कैंसर के लिए जिम्‍मेदार कारक

Updated on: 10 December 2020, 12:14pm IST
नवंबर को हम लंग कैंसर अवेयरनेस मंथ के तौर पर जानते हैं। इस वक्‍त आपको जानने चाहिए स्‍मोकिंग सहित वे कारक जो बढ़ा देते हैं आपका फेफड़ों के कैंसर का जोखिम। 
प्रेरणा मिश्रा
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2016 me unhe lung cancer diagnose hua tha
वर्ष 2016 में बुजुर्ग में लंग कैंसर का पता चला था।चित्र: शटरस्टॉक

बढ़ता प्रदूषण और अब कोविड जैसा भयंकर संक्रमण। सभी आपके फेफड़ों पर ही हमला करते हैं। खासतौर से सर्दियों की दस्‍तक के साथ ही दिल्‍ली जैसे महानगरों में स्‍मॉग लेवल भी बढ़ जाता है। इन सभी जोखिमों से अपने फेफड़ों को बचाने के लिए आपको जानने चाहिए वे कारण जो आपके लंग कैंसर के जोखिम को बढ़ा देते हैं।  

नवंबर में जानिए फेफड़ों के कैंसर के बारे में (Lung cancer awareness month)

लंग कैंसर एक प्रकार का कैंसर है जो फेफड़ों में शुरू होता है। आपके फेफड़े में दो स्पंजी ऑर्गन हैं जो आपके चेस्ट के पास होते है। इससे आप आसानी से ऑक्सीजन लेते हैं जब आप सांस लेते हैं और जब आप छोड़ते हैं तो कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ते हैं।

लापरवाही ने इस बीमारी की भयावहता को और बढ़़ा़ दिया है। चित्र: शटरस्‍टॉक

फेफड़े के कैंसर के लक्षण आमतौर पर शुरुआती चरणों में दिखाई नहीं देते। लंग कैंसर के लक्षण आमतौर पर तब दिखते हैं जब कैंसर अगली स्टेज पर पहुंच चुका होता है।

इसके लक्षणों की शुरुआत :-

इसमें शुरूआत में ख़ासी होती है, जो कभी बंद होने का नाम नहीं लेती।

खून की खांसी आना

सांस लेने में कठिनाई

छाती में दर्द

स्वर बैठना

खुद वजन कम होना

हड्डी में दर्द

सिरदर्द

 लंग कैंसर के कारण (Causes Of Lung Cancer)

लंग कैंसर दुनिया भर में सबसे आम कैंसर है इसके मामले सर्दियों की शुरूआत यानी नवंबर में बढ़ जाते हैं। इसीलिए नवम्बर को लंग कैंसर अवेयरनेस मंथ के तौर पर जाना जाता है। इसका उद्देश्‍य लोगों में जागरूकता फैलाना है। इसी बहाने आप उन कारकों के बारे में जानते हैं जो किसी के लिए भी फेफड़ों के कैंसर का जोखिम बढ़ा देेते हैं। 

1.धूम्रपान

अमेरिकन कैंसर सोसायटी के एक अध्ययन से पता चला है कि धूम्रपान और तम्बाकू फेफड़ों के कैंसर का प्रमुख कारण हैं।

स्‍मोकिंग आपको बालों को नुसकान पहुंचाती है। चित्र: शटरस्‍टॉक
स्‍मोकिंग आपके फेफड़ों को नुसकान पहुंचाती है। चित्र: शटरस्‍टॉक

लगभग 80% लंग कैंसर से होने वाली मौतें धूम्रपान के कारण होती हैं। इनमें कई मामले पेसिव स्‍मोकिंग यानी अप्रत्‍यक्ष धूम्रपान के कारण भी होते हैं। 

2.रेडॉन गैस के संपर्क में आने

रेडॉन गैस के संपर्क में आने से भी आप लंग कैंसर से ग्रस्त हो सकते हैं। रेडॉन मिट्टी, चट्टान और पानी में यूरेनियम के प्राकृतिक कणों के टूटने से उत्पन्न होती है। जो अंततः आपके द्वारा सांस लेने वाली हवा का हिस्सा बन जाता है। रेडॉन का असुरक्षित स्तर घरों सहित किसी भी इमारत में जमा हो सकता है।

3.प्रिवियस रेडिएश्न थेरेपी

यदि आप एक अन्य प्रकार के कैंसर के लिए चेस्ट में रेडिएश्न थेरेपी से गुजरे हैं, तो आपको फेफड़ों के कैंसर के विकास का खतरा बढ़ सकता है।

4.फेफड़े के कैंसर का पारिवारिक इतिहास

माता-पिता, भाई-बहन सहित परिवार के किसी सदस्‍य के फेफड़े के कैंसर से पीड़ित होने पर परिवार के अन्‍य सदस्‍यों के लिए भी इसका जोखिम बढ़ जाता है।

परिवार से कनैक्टिविटी आपको अवसाद और आत्‍महत्‍या से बचाए रखती है। चित्र: शटरस्‍टॉक
परिवार को रखना है शुरूक्षित? तो आज ही छोड़े स्मोकिंग। चित्र: शटरस्‍टॉक

इसलिए यह जरूरी है कि अपने फेफड़ों को स्‍वस्‍थ बनाए रखने के लिए सबसे पहले स्‍मोकिंग से तौबा करें।

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प्रेरणा मिश्रा प्रेरणा मिश्रा

हेल्‍दी फूड, एक्‍सरसाइज और कविता - मेरे ये तीन दोस्‍त मुझे तनाव से बचाए रखते हैं।