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स्‍वैब टेस्‍ट नेगेटिव आने पर भी आप कोविड-19 पॉज़िटिव हो सकते हैं, जानिए कैसे?

Published on:16 July 2020, 15:00pm IST
ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां कोविड पॉज़िटिव मरीज टेस्ट में नेगेटिव आ रहे हैं। मगर यह क्यों हो रहा है?
टीम हेल्‍थ शॉट्स
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आपके कोविड पॉजिटिव होने के बावजूद स्‍वैब टेस्‍ट नेगेटिव आ सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

कोविड-19 का ग्राफ हमें कहीं से भी नीचे आता नजर नहीं आ रहा, मामले लगातार बढ़ ही रहे हैं। और WHO के डायरेक्टर-जेनेरल टेडरोज़ अधानोम घेब्रेयेसस के स्टेटमेंट ने हमें और दहशत में डाल दिया है। उन्होंने कहा,”यदि प्रीकॉशन्स नहीं फॉलो किये गए तो यह महामारी बदतर होती जाएगी। इस वक्त और कोई दिशा नज़र नहीं आ रही है।”

इसके साथ-साथ एक समस्या यह भी है कि टेस्ट के रिज़ल्ट्स सटीक नहीं है। अगर आप पॉज़िटिव हैं तो भी आपका टेस्ट नेगेटिव आ सकता है। क्या यह सम्भव है कि रिज़ल्ट्स गलत आएं? एक्सपर्ट से जान लेते हैं।

“दुर्भाग्यवश यह बात जितनी दुखद है उतनी ही सच भी,” यह कहना है मुंबई के ग्लोबल हॉस्पिटल के क्रिटिकल केअर यूनिट के हेड डॉ प्रशांत बोराडे।

क्यों पॉज़िटिव व्यक्ति का भी टेस्ट नेगेटिव आ रहा है?

कोविड-19 के टेस्ट के लिए RT-PCR नामक टेस्ट होता है। इसे रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन-पॉलीमेरेस चेन रिएक्शन कहते हैं। आउटलुक मैगज़ीन के एक आर्टिकल और कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात उठी कि रिजल्ट्स गलत कैसे आ सकते हैं। डॉ बोराडे बताते हैं कि रिज़ल्ट्स गलत आने के दो मुख्य कारण हैं-

अगर संक्रमण के पहले 7 दिन में टेस्ट हो जाता है, तो परिणाम 70% सही होते हैं। अगर टेस्ट 7 से 14 दिन के बीच मे होता है, तो यही परिणाम 54% ही सही होते हैं।

1. सैंपल कलेक्शन में आती है सबसे ज्यादा गड़बड़

स्वैब से सैम्पल्स लेने में ही सबसे ज्यादा लापरवाही होती है। अगर स्‍वैब गहराई तक नहीं जाता तो सही रिजल्ट नहीं आते। डॉ बोराडे बताते हैं कि सही सैम्पल के लिए स्वेब को कम से कम फैरिंक्स तक जाना चाहिए। और स्क्रेपिंग 20 सेकंड तक की जानी चाहिए।

टेस्‍ट नेगेटिव आने की एक वजह एंटीबायोटिक का सेवन भी हो सकती है। चित्र: शटरस्‍टॉक

टेस्ट सही ना आना बहुत बड़ी समस्या है क्योंकि अगर वायरस आपके शरीर में मौजूद है तो स्थिति और गम्भीर होती जाएगी। इसलिए एक्सपर्ट फेफड़ों के CT स्कैन करने की सलाह देते हैं। अगर वायरस फेफड़ों तक पहुंच गया है, तो CT स्कैन में पता लग जाता है।

2. पेशेंट्स एंटीबायोटिक्स खा रहे हैं

अगर मरीज पहले से ही एंटीबायोटिक्स खा रहे हैं, तो टेस्ट सटीक नहीं आता। ऐसे पेशेंट्स में कोविड-19 के लक्षण तो दिखेंगे मगर स्वेब टेस्ट नेगेटिव आएगा। डॉ बोराडे बताते हैं कि स्वेब टेस्ट में नाक और गले के लिक्विड को टेस्ट किया जाता है, जो कि पूरी तरह सटीक नहीं होता। एंटीबॉडी टेस्ट ज्यादा असरदार है। मगर इतने बड़े स्तर पर एंटीबॉडी टेस्ट नहीं किया जा सकता।

क्या है इसका उपाय?

डॉ बोराडे बताते हैं, “अगर मरीज़ के सिम्पटम्स और टेस्ट मैच नहीं हो रहे यानी अगर लक्षण वाले मरीज़ का टेस्ट नेगेटिव आता है तो हम, एंटीबॉडी टेस्ट और CT स्कैन करवाते हैं। तीन में से दो कॉमन परिणाम के आधार पर हम आगे बढ़ते हैं।”

स्‍वैब टेस्‍ट नेगेटिव होने पर एक्‍सरे करवाना जरूरी हो जाता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

मगर यहां ध्यान रखने वाली बात यह है कि आप अगर नेगेटिव हैं तब भी लापरवाही न करें। इम्यूनिटी बढ़ाने वाले फूड्स खाएं, मास्क लगाएं और अपना खास ख्या।ल रखें। अगर आपको लगता है कि कोविड-19 के सिम्पटम्स हैं तो डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

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ये हेल्‍थ शॉट्स के विविध लेखकों का समूह हैं, जो आपकी सेहत, सौंदर्य और तंदुरुस्ती के लिए हर बार कुछ खास लेकर आते हैं।

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