फॉलो

कहीं आप भी इस जानलेवा ईटिंग डिसऑर्डर की शिकार तो नहीं? जानिए इसके लक्षण

Published on:5 August 2020, 11:30am IST
बुलिमिया नर्वोसा एक खतरनाक डिसऑर्डर है, जो जानलेवा भी साबित हो सकता है। इन लक्षणों को पहचानें।
विदुषी शुक्‍ला
  • 66 Likes
क्यों होते हैं ईटिंग डिसऑर्डर। चित्र- शटर स्टॉक।

बचपन से ही हम फिल्मों में, टीवी में यही देखते आये हैं कि परफेक्ट शरीर ऐसा होता है। महिला हो तो जीरो साइज फिगर और पुरुष हो तो सिक्स पैक एब्स से कम नहीं चलेगा। हम मानें या न माने, हम सब फिल्मी सितारों की तरह दिखना चाहते हैं।

और खूबसूरती के इस सो-कॉल्ड ढांचे में फिट होने के लिए हम क्या नहीं करते।

खुद को एक्सरसाइज के लिए ज़रूरत से ज्यादा पुश करते हैं, भूखे रहते हैं, महंगे वेट लॉस प्रोडक्ट्स ट्राय करते हैं और कई बार तो सर्जरी से फैट बर्न करने का निर्णय भी ले लेते हैं।

कहीं आप वजन घटाने की सनक से ग्रस्त तो नहीं हैं? अपनी बॉडी को लेकर नकारात्मक इमेज न बनाये। चित्र- शटर स्टॉक।

पतले होने की होड़ में हम फि‍टनेस पर ध्यान नहीं देते, उल्टा अपनी मेन्टल और साइकोलॉजिकल हेल्थ को नुकसान पहुंचा लेते हैं। जब यह पतले होने की इच्छा सनक का रूप लेने लगती है, तो हम बुलीमिया नर्वोसा नामक ईटिंग डिसऑर्डर से ग्रस्त हो जाते हैं।

क्या है बुलीमिया नर्वोसा?

बुलीमिया नर्वोसा जिसे बुलीमिया भी कहते हैं, एक साइकोलॉजिकल ईटिंग डिसऑर्डर है जिसमें वजन कम करने के लिए व्यक्ति जो भी खाता है, तुरंत उसको उल्टी करके बाहर निकाल देता है।

यह उल्टियां व्यक्ति जबरदस्ती करता है, ताकि जो भी खाया है उससे वजन न बढ़े।

‘ईटिंग डिसऑर्डर होप’ नामक एक संस्था के स्टडी में पाया गया कि यह डिसऑर्डर पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा देखा जाता है, कारण है महिलाओं के लिए खूबसूरती के अवास्तविक मापदण्ड।

क्या हैं इसके लक्षण?

1. बुलीमिया से जूझ रहा व्यक्ति ज़रूरत से ज्यादा खाता है, क्योंकि उल्टियां करने के कारण उसके शरीर की ऊर्जा की ज़रूरत पूरी नहीं होती।

2. खाना खाने के तुरंत बाद बाथरूम जाना। इस डिसऑर्डर से गुजर रहे व्यक्ति सबके सामने अपनी स्थिति जाहिर नहीं करते, इसलिए वे अकेले में ही उल्टी करते हैं।

खाना खाने के बाद ज़बरन उल्टी करना सिर्फ आपके शरीर पर ही नहीं, आपके मस्तिष्क पर भी बुरा प्रभाव डालता है। चित्र- शटर स्टॉक।

3. दिन भर खुद के मोटे या ओवरवेट होने की शिकायत करना।

4. खुद के शरीर के प्रति बहुत नकारात्मक विचार रखना।

5. वेट लॉस के लिए सप्लीमेंट्स लेना।

6. ज़रूरत से ज्यादा एक्सरसाइज करना, और शिकायत करना कि एक्सरसाइज से कुछ फायदा नहीं हो रहा।

7. दांतों में कैविटी और सेंसिटिविटी होना। बार-बार उल्टी करने से पेट के एसिड्स दांतो की ऊपरी परत को गला देते हैं, जिसके कारण दांत सेंसिटिव हो जाते हैं।

8. सबके सामने खाना अवॉयड करना, और अकेले में खाना।

इन लक्षणों से अगर आपको इस समस्या की गम्भीरता का अंदाजा नहीं लगा है, तो इससे होने वाले परिणाम जानकर आप ज़रूर दंग हो जाएंगी।

बुलीमिया के कारण आपके शरीर में यह होता है-

· किडनी फेलियर
· हृदय रोग
· दांतों में सड़न
· मसूड़े सड़ना
· कब्ज़
· डिहाइड्रेशन
· शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन
· पोषक तत्वों की भारी कमी
· अनियमित पीरियड्स
· डिप्रेशन

इतना ही नहीं, इस डिसऑर्डर में मरीज खुदकुशी भी कर सकता है।

क्या है बुलीमिया नर्वोसा का इलाज। Gif: giphy.

इसका इलाज जटिल है, और रीलैप्स की बहुत सम्भावना होती है। इसके लिए एन्टी डिप्रेसेंट ‘फ्लूऑक्सेटीन’ का प्रयोग FDA द्वारा प्रमाणित है।

दवा, थेरेपी और मेडिटेशन की मदद से इस समस्या को ट्रीट किया जाता है, मगर ठीक होने के लिए सबसे ज़रूरी है खुद से प्रेम करना, अपने शरीर को अपनाना और स्वस्थ रहने पर ध्यान देना।

अगर आपको लगता है कि यह लक्षण आपके अंदर या आपके आसपास किसी में हैं, तो जल्द से जल्द डॉक्टर की मदद लें। जितनी जल्दी इलाज शुरू होगा, ठीक होने के चान्सेस उतने अधिक होंगे।

0 कमेंट्स

कृपया अपना कमेंट पोस्ट करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

विदुषी शुक्‍ला विदुषी शुक्‍ला

पहला प्‍यार प्रकृति और दूसरा मिठास। संबंधों में मिठास हो तो वे और सुंदर होते हैं। डायबिटीज और तनाव दोनों पास नहीं आते।

संबंधि‍त सामग्री