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यंग लेडीज, डायबिटीज से बचना है तो 20 की उम्र में ही रखें इन खास बातों का ध्‍यान

Updated on: 27 August 2020, 19:01pm IST
डाय‍बिटीज साइलेंट किलर है। यह अकेली ही बहुत सारी बीमारियों को न्‍यौता देती है। पर यह बिल्‍कुल न सोचें कि इस बीमारी की फि‍क्र करने का अभी आपका टाइम नहीं आया।
योगिता यादव
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डायबिटीज से बचने की तैयारी आपको अभी से करनी होगी। चित्र: शटरस्‍टॉक

अभी हम सिर्फ कोविड-19 से बचने के लिए अपनी इम्‍युनिटी पर ध्‍यान दे रहे हैं। पर ये नहीं जानते कि हार्ट डिजीज के बाद डायबिटीज वह दूसरी सबसे बड़ी बीमारी है जो कोविड-19 को घातक बना रही है। दुर्भाग्‍य से अब यह 25 से 30 की उम्र में भी महिलाओं में दस्‍तक देने लगी है। लॉकडाउन के कारण मोटापे के साथ-साथ महिलाओं में डायबिटीज का जोखिम भी बढ़ गया है। तो अगर आप 20 की उम्र पार कर तीस के दशक में शामिल होने वाली हैं, तो इस आर्टिकल को ध्‍यान से पढ़ें।

बढ़ रहा है डायबिटीज का जोखिम

अगर आपको लग रहा है कि अभी डायबिटीज चैक करवाने के मामले में आप बहुत यंग है तो आपको इन आंकड़ों पर गौर करना चाहिए। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के मुताबिक भारत में 7 करोड़ से ज्‍यादा लोग डायबिटीज के शिकार हैं। और इनमें एक बड़ी संख्‍या युवा महिलाओं की है। दुनिया भर में मधुमेह के मामले में भारत दूसरे स्‍थान पर है। सबसे बड़ी युवा आबादी वाले किसी भी देश के लिए यह एक बड़ी चिंता की बात है।

कोविड-19 में डायबिटीज का होना और भी खतरनाक

डायबिटोलॉजिया जर्नल में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार डायबिटीज कोविड-19 को और भी घातक बना देती है। ऐसे लोगों को अन्‍य मरीजों की तुलना में ब्रीदिंग की समस्‍या ज्‍यादा होती है और उन्‍हें वेंटिलेटर पर लेना पड़ता है। जबकि उनकी रिकवरी की संभावना भी अन्‍यों के मुकाबले काफी कम होती है। इसलिए यह जरूरी है कोरोनावायरस के समय में आपको इम्‍युनिटी के साथ-साथ डायबिटीज का भी ध्‍यान रखने की जरूरत है।

शुगर लाइफस्‍टाइल जनित बीमारी है, इसे कंट्रोल किया जा सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

लॉकडाउन में बढ़ गया है डायबिटीज का जोखिम

स्‍वास्‍थ्‍य जगत में आ रही रिपोर्ट पर भरोसा करें तो लॉकडाउन के कारण लोगों में डायबिटीज का जोखिम भी बढ़ गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह है शारीरिक व्‍यायाम में कमी। जिससे 40 फीसदी लोगों का वजन 5 किलो तक बढ़ गया है। जबकि 16 फीसदी लोगों के वजन में दो से ढाई किलो की बढ़ोतरी हुई। बढ़े हुए वजन और शारीरिक श्रम में कमी के चलते टाइप 2 डायबिटीज का खतरा भी बढ़ गया है। अगर इन दिनों में आपने वजन बढ़ने को नोटिस किया है तो आपको भी अपनी शुगर जरूर चैक करवानी चाहिए।

समझें डायबिटीज के ये सामान्‍य लक्षण

डायबिटीज को पहचानना इतना भी मुश्किल नहीं है। बस आपको अपने रूटीन पर चैक रखना है। वजन बढ़ना डायबिटीज का कारण हो सकता है, लेकिन यह शुगर का एकमात्र लक्षण नहीं है। इसके अलावा अगर आपको बार-बार प्‍यास लगती है और गला सूखा हुआ रहता है, तो भी आपको अपनी मधुमेह जांच करवानी चाहिए।

मधुमेह से पीड़ित हर दो में से एक भारतीय इस तथ्य से अनजान है कि उन्हें भी यह बीमारी है। चित्र: शटरस्‍टॉक

इसके अलावा बार-बार पेशाब आना भी मधुमेह का संकेत हो सकता है। हालांकि यह लीकी ब्‍लेडर की भी समस्‍या का संकेत हो सकता है।

मधुमेह का असर आंखों की रोशनी पर भी पड़ता है। अगर आपको ऐसा अनुभव हो रहा है कि इन दिनों आपको पढ़ने में या देखने में मुश्किल हो रही है, तो यह भी डायबिटीज का संकेत हो सकता है। इसलिए यह जरूरी है कि बिना देरी किए आप तुरंत डायबिटीज की जांच करवाएं।

हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल ही बचा सकता है आपको 

अगर आपको उपरोक्‍त लक्षण नजर आ रहे हैं तो आपका सबसे पहला काम होना चाहिए डायबिटीज की जांच करवाना। इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि आप हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल मेंटेन करें। हेल्‍दी लाइफस्‍टाइल का अर्थ है एक ऐसी दिनचर्या जिसमें पर्याप्‍त शारीरिक श्रम, व्‍यायाम, हेल्‍दी डाइट और सोने और उठने का भी संतुलित समय हो।

तो मैडम, माना कि अभी आप यंग हैं। पर अपनी सेहत का ख्‍याल जितना जल्‍दी रखना शुरू करेंगी, उतना ही आपके लिए ज्‍यादा अच्‍छा होगा।

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योगिता यादव योगिता यादव

पानी की दीवानी हूं और खुद से प्‍यार है। प्‍यार और पानी ही जिंदगी के लिए सबसे ज्‍यादा जरूरी हैं।

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