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यदि आप कोविड-19 से बचाव के लिए नमक के पानी से गरारे कर रहे हैं, तो इसे अभी पढ़ें

Published on:14 June 2020, 14:30pm IST
आज-कल सोशल मीडिया दुनियाभर के मिथ्स और अफवाहों से भरा पड़ा है। खासकर जब बात कोविड-19 और उससे बचाव की हो तो आप समझ सकती हैं कि इन अफवाहों पर लोगों का कितना ज्यादा ध्यान जाता होगा। ऐसे ही एक मिथ की हम बात करेंगे जो नमक के पानी के गरारे के बारे में फैलाया जा रहा है।
टीम हेल्‍थ शॉट्स
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नमक के पानी से गरारे करना आपको कोविड-19 से नहीं बचा सकता। चित्र: शटरस्‍टॉक

पिछले हफ्ते एक डॉक्टर का वीडियो वायरल हुआ जो अपनी ऑडी की रूफ से कोविड-19 के बचाव को लेकर जागरूकता फैलाने की कोशिश कर रहे थे। डॉक्टर का कहना था कि यदि आप नमक के पानी से गरारे करते हैं, तो आपको कोविड-19 होने का खतरा कम है। डॉक्टर का कहना था कि यह एक आयुर्वेदिक तरीका है और कोविड-19 के इलाज में यह सबसे कारगर तरीका है।

क्‍या कहती है रिसर्च

हाउल्ट की रिसर्च ने पानी में नमक मिलाकर इस्तेमाल करने वाले इस कोविड-19 के उपाय को सिरे से नकार दिया है। उनके अनुसार यह टेक्नीक कोविड-19 वायरस से आपको नहीं बचा सकती। यह आपके फेफड़ो में कोविड-19 वायरस को जाने से नहीं रोक सकती। यह बात कहीं साबित भी नहीं हुई है।

वह कहते हैं कि कुछ-कुछ अंतराल के बाद नमक का पानी पीने का उपाय भी कोविड 19 से लड़ने में आपकी कोई सहयता नहीं कर सकता।

WHO का भी यही मत है

बल्कि हाउल्ट से ही मिलती-जुलती बात WHO भी कई बार अपनी स्टेटमेंट्स में कह चुका है। उनके अनुसार नमक के पानी के गरारे किसी भी तरीके से इस तकलीफ का इलाज नहीं है। उनका कहना है कि इसमें कोई शक नहीं कि गर्म पानी आपके गले को नमी देने के लिए काफी कारगर होगा।

फिर भी WHO ने कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं मिलता कि खारे पानी का इस्तेमाल करने से आप कोविड-19 से बच जाएंगे।

डब्‍ल्‍यूएचओ ने भी नमक के गरारे को कोविड-19 से बचाने में नाकामयाब बताया है। चित्र : शटरस्‍टॉक

बजाय इसके WHO तो सुझाव देता है कि आप अपने हाथों को बार बार धोएं और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। सेंटर्स ऑफ डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन (CDC) ने भी हाउल्ट और WHO का समर्थन किया है।

तो भारत में नमक के पानी का सुझाव क्यों ?

सभी प्रसिद्ध विश्वस्तरीय स्वास्थ्य संस्थाओं ने नमक के पानी से गरारे करने के ऑप्शन को नकार दिया है तो भारतीय इसमें अपना विश्वास क्यों रखते हैं।

डॉक्टर कुणाल शाह जो कि होम्योपैथी एक्सपर्ट है और अपना क्लीनिक मुंबई में चलाते हैं, हमने उनसे बात करने का मौका मिला। हम इस बात की गहराई को और ज्यादा समझने की कोशिश करना चाहते थे।

डॉक्टर कहते हैं, नमक के पानी से गरारे करना एक नेचुरोपैथी ट्रीटमेंट का तरीका है। इसमें कोई दो राय नहीं, अगर हम कोविड-19 के संदर्भ में बात करें, तो यह बहुत इफेक्टिव तकनीक नहीं है। लेकिन इसके द्वारा मिलने वाले फायदों की बात करें तो क्योंकि कोविड-19 की वजह से आपका गला सूखा रहता है। यह ना सिर्फ आपके गले को स्वस्थ रखेगा, बल्कि उसमें नमी भी बरकरार रखेगा।

“बहुत सारे डॉक्टर हैं जो कोरोनोवायरस को रोकने के लिए नमक के पानी के गरारे करने के प्रयोग को आगे बढ़ा रहे हैं, लेकिन यह एक शारीरिक राहत है।”

सार संक्षेप
साफ तौर पर नमक के पानी से गरारा करना सुरक्षा कवच नहीं है, जैसा कि कहा जा रहा है। हां, यह गले के लिए अच्छा है, लेकिन अगर आप कोविड -19 से सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो मास्क और सोशल डिस्टेन्सिंग ही एकमात्र सही तरीका है।

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