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अच्छी हार्मोनल हेल्‍थ के लिए रकुल प्रीत कर रहीं हैं सीड साइकलिंग की सिफारिश, जानिए क्‍या है यह

Published on:8 September 2020, 15:00pm IST
क्‍या आप अकसर चिड़चिड़ी और तनाव में रहती हैं? हो सकता है कि इसकी वजह आपका हार्मोनल असंतुलन हो! रकुल प्रीत सुझा रहीं हैं एक ऐसा घरेलू उपाय जो आपके हॉर्मोन को संतुलित रखने में मदद करेगा।
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हॉर्मोनल संतुलन के लिए रकुल प्रीत सिंह सीड्स साइ‍कलिंग का सुझाव देती हैं। चित्र: Insta/ Rakulpreet

अधिकांश महिलाओं के लिए प्‍यूबर्टी बहुत सारी जटिलताएं लेकर आती है। आम तौर पर इस समय पर हार्मोन्स उत्तेजित होते हैं और इस कारण आपके मूड स्विंग्स और चेहरों पर मुहांसे आना भी एक आम समस्‍या हो जाती है। आप भले ही इसे लाइटली ले रहीं हों, पर ये असंतुलित हार्मोन आपकी प्रजनन क्षमता पर कहर बरपा सकते है।

साथ ही इससे आपकी डेली रूटीन लाइफ भी प्रभावित हो सकती है। अब सवाल ये है कि इन असंतुलित हॉर्मोन को कैसे कंट्रोल करें? तो इसका जवाब छुपा है आपकी डाइट में। आप सही पोषण से उन्‍हें संतुलित कर सकती हैं।

यदि आपके हार्मोन पीरियड्स और गर्भावस्था के दौरान गड़बड़ हो रहे हैं, तो यह एक सामान्य बात है। लेकिन अगर स्थिति सामान्य कभी नहीं होती है, तो यह समय है एक्शन लेने का। इस स्थिति में वही इस समस्या का समाधान बता सकता है, जो इससे जूझ रहा हो। ऐसा ही एक समाधान लेकर आईं हैं बॉलीवुड अभिनेत्री रकुल प्रीत। हाल ही में उन्‍होंने अपने इंस्टाग्राम पेज पर सीड साइकलिंग के बारे में पोस्ट किया है, यह एक बहुत सुंदर प्रयास है।

क्या है सीड साइकलिंग?

जैसा कि नाम से पता चलता है, सीड साइकलिंग। इसमें चार अलग-अलग तरह के बीजों को शामिल किया गया है – कद्दू के बीज, फ्लैक्‍स सीड्स, तिल और सूरजमुखी के बीज। यह बीज आपके मासिक धर्म चक्र के अनुसार, एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरोन के बीच एक स्वस्थ संतुलन को बढ़ावा देने में मदद करते है।

कद्दू और फ्लैक्‍स सीड्स के संयोजन का सेवन फॉलिक फेस (आपके मासिक धर्म के 1 से 14 दिन तक) के दौरान किया जाता है। जबकि सूरजमुखी और तिल के बीज के मिश्रण का सेवन लूटियल चरण (आपके मासिक धर्म चक्र के 14 से 28 दिन तक) के दौरान किया जाता है।

कैसे मदद करती है सीड साइकलिंग?

बीज में मौजूद पोषक तत्‍व सघन होते हैं। नियमित रूप से इनका सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। सीड साइकलिंग से आपके हार्मोन अधिक खुश और स्वस्थ रहते हैं। जिसका मतलब है कि आपके पीरियड्स भी नॉर्मल होने लगते हैं।

बीजों में प्राकृतिक सूक्ष्‍म पोषक तत्‍व होते हैं, जो हमारी इम्‍युनिटी बनाए रखने में मदद करते हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक

आइए अब थोड़ा डिटेल में समझते हैं :

फ्लैक्‍स और कद्दू के बीज – यह एस्ट्रोजेन के उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद करते हैं।

सूरजमुखी के बीज और तिल – यह कॉम्बो एंटरोडियोल के माध्यम से शरीर में प्रोजेस्टेरोन के स्तर को संतुलित करता है और एक ऐसा यौगिक है जो एस्ट्रोजन मेटाबॉलिज्म में हस्तक्षेप करता है।

सैद्धांतिक रूप से, सीड साइकलिंग जरूरत के आधार पर एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के उत्पादन को बढ़ाकर या बाधित करके आपके मासिक धर्म चक्र के दौरान प्राकृतिक हार्मोनल परिवर्तन को आसान बनाते हैं। यह आपके शरीर में हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

कुछ महीनों के लिए इसे जरूर आजमाएं। निश्चित तौर पर आपको इसका लाभ मिलेगा। लेकिन याद रखें कि अगर आपके पीरियड्स के साथ कोई गंभीर समस्या है, तो अपने चिकित्सक से सलाह ले कर ही कोई शुरुआत करें। वरना आपके लिए यह समस्‍या को बढ़ा सकते हैं।

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ये हेल्‍थ शॉट्स के विविध लेखकों का समूह हैं, जो आपकी सेहत, सौंदर्य और तंदुरुस्ती के लिए हर बार कुछ खास लेकर आते हैं।

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