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क्या कपड़ों और जूतों के साथ भी घर आ सकता है कोरोना वायरस, जानें क्या‍ कहते हैं विशेषज्ञ

Published on:15 June 2020, 17:07pm IST
दो चीजें जो ग्रोसरी खरीदने से लेकर आपके ऑफि‍स जाने तक हर बार आपके साथ होती हैं, वे हैं आपके कपड़े और जूते, तो क्या ये दोनों भी कोरोना वायरस के वाहक हो सकते हैं? इस पर क्या कहते हैं विशेषज्ञ!
टीम हेल्‍थ शॉट्स
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कपड़ों के माध्यम से नोवल कोरोनावायरस का स्थानांतरण संभव नहीं है। इसके बावजूद विशेषज्ञ मानते हैं कि बाहर से लौटकर कपड़े धोना एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है। चित्र: शटरस्टॉ‍क

COVID-19 , नोवल कोरोना वायरस के बारे में अब नए तरह से शोध किए जा रहे हैं। बाहर से आकर हाथ धोना, गरारे करना आदि तो रूटीन का हिस्सार है ही पर लोगों के मन में यह सवाल भी आ रहा है कि क्या, कपड़ों और जूतों के साथ भी कोरोना वायरस आ सकता है?

आइए जानते हैं इस पर क्या है दुनिया भर के मेडिकल प्रोफेशनल्स की राय

आप में से ज्यादातर लोग सिर्फ ग्रोसरी लेने बाहर जा रहे हैं। पर अब अनलॉक 1.0 के साथ कुछ लोगों ने ऑफि‍स जाना भी शुरू कर दिया है।

घर लौट कर आप हाथ धोते हैं और उन चीजों को सेनिटाइज करते हैं, जिनका आपने बाहर इस्तेमाल किया है। पर उन कपड़ों के बारे में आपका क्या, ख्याल है जो आपने बाहर जाते समय पहने थे? और जूते?

कपड़ों पर होता है सबसे कम जोखिम

“अभी तक इस वायरस के बारे में बहुत कुछ नहीं जानते हैं। इसलिए हर दिन इस पर लगातार शोध जारी हैं। पर सामान्यत: हमें ऐसा लगता है कि कपड़े और जूते भी इस संक्रमण के वाहक हो सकते हैं। और विशेषज्ञ भी इस सोच को गलत नहीं मानते। इस बारे में ऑरलेंडों के मुख्य चिकित्सक डॉ.विंसेंट हसु का मानना है कि जूते और कपड़े भी बहुत सारे बैक्टीरिया अपने साथ कैरी करते हैं। हालांकि अभी तक इस पर किसी तरह का डाटा उपलब्ध नहीं हो पाया है।

अगर आप किसी कोि‍विड पॉजीटिव के सीधे संपर्क में हैं या मेडिकल फील्‍ड में हैं, तो कपड़ों की सफाई का ज्‍यादा ध्‍यान रखें। चित्र : शटरस्‍टॉक

COVID-19, नोवल कोरोनवायरस के कारण होने वाली फ्लू जैसी सांस की बीमारी है, जो सांस की बूंदों द्वारा फैलती है। किसी संक्रमित व्यक्ति के आसपास होने पर यदि वह खांसता या छींकता है तो संक्रमण होने के जोखिम ज्यादा बढ़ जाते हैं।

नोवल कोरोनोवायरस अलग-अलग सतहों पर मानव शरीर के बाहर भी जीवित रहने में सक्षम है। ऐसी स्थिति में यह और भी खतरनाक हो जाता है।

सतह के प्रकार के आधार पर, विशेषज्ञ मानते हैं कि ये अलग-अलग सतहों पर कुछ घंटों से लेकर कुछ दिनों तक जीवित रह सकता है। मैटल और प्लास्टिक पर यह वायरस 2 से 3 दिनों तक जीवित रह सकता है। जबकि कपड़ों को इसके जीवित रहने के लिए अनुकूल नहीं पाया गया।

क्‍या कहते हैं अध्‍ययन

डॉ. कैथलीन जॉर्डन जो कॉमन इंफेक्शन डिसीज की एस्पसर्ट हैं, वे बताती हैं, “इस बारे में हमारे पास इन्फ्लूएंजा और अन्य वायरस के बारे में पहले से शोध मौजूद हैं। जिनमें सामने आया कि सामान्य तौर पर कपड़ों को वायरस का सबसे अच्छा इनक्यूबेटर नहीं माना जा सकता।”

नमी और आर्द्रता किसी भी वायरस के पनपने में महत्वसपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पर कपड़ों की प्रकृति इसके अनुकूल नहीं होती। जॉर्डन कहती हैं, “कपड़े आमतौर पर ठोस सतह की बजाए रेशों का जाल होते हैं, जो वायरस को आसानी जीवित रहने के लिए सही माहौल नहीं प्रदान कर पाते।”

हालांकि जो निष्कर्ष सामने आए हैं, उनके अनुसार यही कहा जा सकता है कि कपड़ों पर कोरोना वायरस के पनपने का जोखिम सबसे कम होता है। फि‍र भी कुछ विशेष परिस्थितियों में कपड़ों को तुरंत धोना जरूरी है।

जब आपको कपड़ों के साथ अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए

यदि आप COVID-19 पॉजीटिव किसी व्यक्ति के पास जा रहे हैं या उसकी देखभाल में संलग्न हैं, तो आपको अपनी सुरक्षा के लिए तुरंत कपड़े बदलने चाहिए और उन्हें धोना चाहिए। इनमें स्‍वास्‍थ्‍य कर्मी और डॉक्टर आदि भी शामिल हो सकते हैं।

ग्रोसरी या सब्जी लाने के बाद आपको अपने कपड़े धोने की जरूरत नहीं है, अगर आपने सामाजिक दूरी का नियम अपनाया है। पर इस दौरान अगर किसी ने आपके बहुत करीब आकर छींका या खांसा है तो आपको घर पहुंचकर तुरंत कपड़े धोने चाहिए।

इसके बावजूद कोरोना वायरस से बचने के लिए कपड़े धोने से ज्यादा अपने हाथों को धोना और सामाजिक दूरी का पालन करना ज्यादा जरूरी है। यह भी जरूरी है कि सामान लाने के दौरान अपने चेहरे और आंखों को न छूएं।

घर पर कपड़े धोने के दौरान, वायरस को मारने के लिए आपको किसी एक्ट्रा एफर्ट की जरूरत नहीं है। अपने घरेलू डिटर्जेंट से कपड़ों को धोना ही काफी है।

और जूते कितने सुरक्षित हैं ?

जूते कपड़ों की तुलना में बहुत ज्यादा गंदे होते हैं। उनमें बैक्टीरिया के छिपे होने के ज्यादा ठिकाने होते हैं। इसलिए जूतों में कोरोना वायरस कैरी करने का जोखिम ज्यादा होता है। इसलिए सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि बाहर के जूते घर में न पहनें।

बैक्‍टीरिया के साथ ही कोरोना वायरस भी जूतों में आसानी से छिप सकता है। चित्र: शटरस्टॉक

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (Centers for Disease Control and Prevention) द्वारा प्रकाशित एक नए अध्ययन से पता चलता है कि नोवल कोरोनावायरस जूते के तलवों पर रह सकता है। अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने चीन के वुहान में एक अस्पताल में गहन चिकित्सा इकाई में चिकित्सा स्टाफ के सदस्यों द्वारा पहने गए जूते के तलवों से नमूने लिए।

उन्होंने पाया कि SARS-CoV-2 के लिए गए आधे सैंपल की टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आई।
इन निष्कर्षों ने शोधकर्ताओं को यह सुझाव दिया है कि चिकित्सा स्टाफ के जूते रोग इस वायरस के वाहक की तरह काम कर सकते हैं।

बहरहाल, विशेषज्ञ इस बात से सहमत हैं कि जूते ज्यादातर मामलों में नोवल कोरोनावायरस के संचरण का एक अप्रभावित स्रोत हैं। और ऐसा इसलिए है क्योंकि हम पहले से ही जूतों के मामले में ज्यादा सतर्क होते हैं।

अच्‍छी आदत है जूते उतार कर अंदर आना

जॉर्डन कहती हैं, “हम आमतौर पर जूतों को रसोई से बाहर ही रखते हैं। उन्हें मेज तक नहीं लाते, हमारे चेहरे से जूतों का कोई संकर्प नहीं होता। इसलिए, हमारे डेली रूटीन में पहले से ही जूतों के बारे में हम ज्यादा स्वच्छता का पालन करते हैं।”

इसके बावजूद आपको कोविड-19 महामारी के समय में अपने जूतों के बारे में और ज्यादा सतर्क हो जाना चाहिए। ताकि किसी भी तरह का बैक्टीरिया या वायरस आपके घर में दाखिल न हो। बेहतर होगा कि आप अपने जूतों को दरवाजे पर ही छोड़ दें।

घर के मुख्य एरिया में दाखिल होने से पहले एक ऐसा स्थान बनाएं जहां आप बाहर से लौटकर कपड़ों और जूतों को उतार कर रख सकें। अपने जूते उतारना और अपने घर में प्रवेश करने से पहले उन्हें साफ करना (और उन्हें अपने गैरेज, वॉशरूम, या पोर्च में छोड़ना) भी एक विकल्प हो सकता है।

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