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कॉन्टैक्ट लेंस पहनती हैं, तो सेफ्टी टिप्‍स भी जान लें, वरना हो सकते हैं ये 6 भयानक परिणाम

Published on:29 August 2020, 15:20pm IST
अगर आपको चश्मा लगाना नहीं पसन्द तो कॉन्टैक्ट लेंस आपके लिए वरदान साबित हो सकते हैं। लेकिन सही तरह इस्तेमाल न करने से कॉन्टैक्ट लेंस आपके लिए समस्या खड़ी कर सकते हैं।
टीम हेल्‍थ शॉट्स
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कॉन्‍टैक्‍ट लेंस के साथ आपको एक्‍स्‍ट्रा सावधानी बरतने की जरूरत है। चित्र: शटरस्‍टाॅॅॅक

हम जानते हैं कि आपके दिन बहुत व्यस्त होते हैं और रात होते-होते आपके अंदर इतनी ऊर्जा नहीं बचती कि आप कॉन्टैक्ट लेंस निकालने का झंझट कर पाए। अगर आप कॉन्टैक्ट लेंस पहन कर सो गयीं थीं तो दोबारा ऐसा कभी भी मत कीजियेगा।

आपकी इस एक गलती से आंख में इंफेक्शन से लेकर इर्रिटेशन और आंखों की रोशनी भी कम हो सकती है। अगर आप अपने कॉन्टैक्ट लेंस के साथ यह लापरवाही करती हैं तो यह जरूर पढ़ें।
भले ही आप रोजाना कॉन्टैक्ट लेंस पहनती हों, इन्हें पहन कर सोना आपकी आंखों के लिए सुरक्षित नहीं है। जैसे मेकअप लगाकर सोने से आपकी स्किन को नुकसान पहुंचता है और एक्ने हो जाते हैं, वैसे ही कॉन्टैक्ट लेंस पहन कर सोने से कॉर्निया को नुकसान पहुंचता है।

कॉन्टैक्ट लेंस के गलत इस्तेमाल से यह 6 खतरनाक परिणाम हो सकते हैं-

1. कंजेक्टिवाइटिस

कंजेक्टिवाइटिस जिसे आम भाषा में आंख आना भी बोलते हैं, आंखों का इंफेक्शन है। जिसमें आंख लाल होने लगती है, आंख में कीचड़ आने लगता है और खुजली और जलन होती है।
कॉन्टैक्ट लेंस ज्यादा देर तक पहनने से कंज्यक्टिवा में सूजन आ जाती है जिससे कंजक्टिवाइटिस हो जाता है।

2. आंख में दर्द

लेंस पहन कर सोने से आंख के कॉर्निया में खरोंच पड़ जाती है, जिससे आंखों में दर्द होने लगता है। ऐसा होने का कारण यह है कि लेंस कॉर्निया को नमी नहीं पहुंचने देतीं और कॉर्निया का ऑक्सीजन भी ब्लॉक कर देती हैं।

आंखेें आपकी जिंदगी का सबसे सुंदर तोहफा हैं, इनका ख्‍याल रखें। चित्र: शटरस्‍टॉक

3. केराटाईटिस

यह बीमारी कंजेक्टिवाइटिस की तरह ही है, यहां एकमात्र अंतर यह है कि यह कानों को भी अंदर से डैमेज कर देता है। इससे गम्भीर मामलों में सुनाई पड़ना भी बन्द हो जाता है।
रात भर लेंस में सोने से यह समस्या जागती है।

4. लाल आंखें

अगर आपकी आंखें अक्सर लाल रहती हैं तो यह आपकी आंखों में डैमेज की निशानी है। ऐसा होने पर कुछ दिन कॉन्टैक्ट लेंस न लगाएं। अगर ऐसा करने से लालामी चली जाती है, तो इसका मतलब है कि आप लेंस को जरूरत से ज्यादा पहन रही थीं। यह गम्भीर समस्या है इसे हल्के में न लें।

5. कॉर्नियल निओ वैस्क्युलराइजेशन

लम्बे समय तक कॉन्टैक्ट लेंस पहनने से आपकी आंखों को फ्लूइड और ऑक्सीजन नहीं मिल पाता जिसकी आंख को जरूरत होती है। ऑक्सीजन न मिलने के कारण कॉर्निया के आसपास की नसें बढ़ जाती है।

आपकी आंखें अनमोल हैं, इनका खास ख़्याल रखना जरूरी है। चित्र- शटर स्टॉक।

इससे धुंधला दिखने की समस्या होती है और गम्भीर मामलों में आंखों की रोशनी भी चली जाती है। सबसे बड़ी समस्या है कि इसके कोई लक्षण नहीं होते। इसलिए आपको सावधानी बरतनी होगी और आंखों का अच्छे से ख्याल रखना होगा।

6. आंख का अल्सर

अगर आप अपनी लेन्सेस को पहनने से पहले अच्छी तरह साफ नहीं करती हैं, तो आपको अल्सर हो सकता है। अल्सर कॉर्निया पर सफेद फोड़े के रूप में नजर आते हैं और बहुत दर्दनाक होते हैं। दर्द के साथ-साथ यह आपकी आंखों की रोशनी भी छीन सकते हैं।

लेंस की सफाई आगे चलकर बहुत जरूरी होती है क्योंकि इसका लांग टर्म इफेक्ट होता है। इसलिए जरूरी है कि आप अपनी आंखों का ख्याल रखें। और कॉन्टैक्ट लेंस लगाने पर तो दोगुना ख्याल रखें।

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ये हेल्‍थ शॉट्स के विविध लेखकों का समूह हैं, जो आपकी सेहत, सौंदर्य और तंदुरुस्ती के लिए हर बार कुछ खास लेकर आते हैं।