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स्तन में गांठ महसूस हो रही है? तो कैंसर के बारे में चिंता करने से पहले इन कारणों की भी करें जांच

Published on:1 October 2020, 09:00am IST
अमूमन स्तन में गांठ, दर्द और तनाव महसूस होने पर हमारा शक ब्रेस्ट कैंसर की ओर ही जाता है, लेकिन इसके अन्य कारण भी हो सकते हैं।
विदुषी शुक्‍ला
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स्तन में गांठ महसूस हो रही है? तो कैंसर के बारे में चिंता करने से पहले इन कारणों की भी करें जांच। चित्र : शटरस्टॉक

ब्रेस्ट में अक्सर दर्द होने लगता है? या एक स्तन कुछ अधिक बढ़ा हुआ लग रहा है? ब्रेस्ट में गांठ महसूस हो रही है? अगर इनमें से कोई भी समस्या आपको महसूस होती है, तो तुरन्त पैनिक ना करने लगें। क्योंकि स्तन में गांठ और दर्द का एकमात्र कारण ब्रेस्ट कैंसर ही नहीं है। इसका नॉन-कैंसरस कारण हो सकता है फाइब्रॉडेनोमा।

क्या होता है फाइब्रॉडेनोमा?

फाइब्रॉडेनोमा ब्रेस्ट में एक ट्यूमर होता है जो कैंसर नहीं होता है लेकिन काफी खतरनाक होता है। अमेरिकन सोसाइटी ऑफ ब्रेस्ट सर्जन फाउंडेशन के अनुसार 30 वर्ष से कम लगभग 10 प्रतिशत महिलाओं में यह समस्या पाई जाती है।

कैंसर के अलावा स्‍तन में गांठ होने के ये 5 कारण भी हो सकते हैं। चित्र- शटरस्टॉक।

यह ट्यूमर शरीर में कैंसर की तरह फैलता नहीं है, लेकिन इसका ट्रीटमेंट आवश्यक होता है। यह एक ब्रेस्ट में भी हो सकता है और दोनों ब्रेस्ट में भी।
यह आकर में बहुत छोटे होते हैं और अगर आप इन्हें छूने पर महसूस कर पाती हैं, तो यह कठोर लगते हैं। बाकी के टिश्यू के मुकाबले यह ट्यूमर हार्ड होते हैं और आसानी से महसूस किए जा सकते हैं।

क्या हैं फाइब्रॉडेनोमा के कारण?

हालांकि फाइब्रॉडेनोमा का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया जा सकता, लेकिन इसके लिए आपका हॉर्मोनल असंतुलन ही जिम्मेदार है।

1. 20 साल की उम्र से पहले ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव का सेवन इन ब्रेस्ट ट्यूमर के लिए सबसे अधिक जिम्मेदार है। ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स एस्ट्रोजन के स्तर को बिगाड़ देती हैं, जो इन ट्यूमर की ग्रोथ के लिए जिम्मेदार होता है।

2. प्रेगनेंसी के दौरान हॉर्मोन्स संतुलित ना रहें तो भी फाइब्रॉडेनोमा का जोखिम बढ़ जाता है। यही नहीं, जिन महिलाओं को पहले से फाइब्रॉडेनोमाकी समस्या थी, उन्होंने प्रेगनेंसी के दौरान ट्यूमर बढ़ने की शिकायत की।

3. एस्ट्रोजन का स्तर असामान्य रूप से बढ़ाने वाली कई बीमारियां जैसे ओवेरियन ट्यूमर या लिवर की बीमारियां भी फाइब्रॉडेनोमा का कारण हो सकती हैं।

स्‍तन में गांठ, दर्द, तनाव होने के विभिन्‍न कारण। चित्र: शटरस्‍टॉक

4. ओबेसिटी और खराब जीवनशैली भी ब्रेस्ट के ट्यूमर का जोखिम बढ़ा सकती है।

5. कॉफी, चाय और सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन फाइब्रॉडेनोमा के लक्षणों को और बढ़ाता है और स्थिति को बद्तर कर सकता है। कई महिलाओं को यह फूड्स छोड़ने के बाद फाइब्रॉडेनोमा में आराम मिला है।

दो तरह के हो सकते हैं फाइब्रॉडेनोमा-

सिंपल और कॉम्प्लेक्स फाइब्रॉडेनोमा के दो प्रकार होते हैं। सिंपल फाइब्रॉडेनोमा आकार में छोटे होते हैं और अमूमन हाथ से महसूस नहीं होते। इन्हें माइक्रोस्कोप में देखा जा सकता है और यह ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम नहीं बढ़ाते। यह आसानी से दवा से ठीक हो सकते हैं।

कॉम्प्लेक्स फाइब्रॉडेनोमा में टिश्यू के साथ-साथ कैल्शियम डिपॉजिट और मैक्रोसिस्ट होते हैं। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार कॉम्प्लेक्स फाइब्रॉडेनोमा कैंसर का जोखिम डेढ़ गुना बढ़ा सकते हैं।

प्रेगनेंसी में भी ब्रेस्‍ट में दर्द होता है! चित्र : शटरस्टॉेक

क्या है फाइब्रॉडेनोमा का इलाज?

अगर आप के ब्रेस्ट में फाइब्रॉडेनोमा का ट्यूमर डायग्नोस हुआ है, तो इसका यह अर्थ नहीं कि यह जानलेवा या खतरनाक होगा ही। कई बार डॉक्टर इसे निकालने की जरूरत भी नहीं समझते। आपके लक्षण, फैमिली हिस्ट्री इत्यादि पर निर्भर करता है कि आपका ट्यूमर निकाला जाएगा या नहीं।

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ऑपरेशन और सर्जरी के बाद यह ट्यूमर दोबारा निकल सकते हैं, इसलिए डॉक्टर सर्जरी की सलाह तब तक नहीं देते जब तक गंभीर केस न हो।

अगर आपको अपने स्तन में कोई गांठ महसूस हो, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप अपने डॉक्टर से मिलें और उनका सुझाव लें।

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विदुषी शुक्‍ला विदुषी शुक्‍ला

पहला प्‍यार प्रकृति और दूसरा मिठास। संबंधों में मिठास हो तो वे और सुंदर होते हैं। डायबिटीज और तनाव दोनों पास नहीं आते।