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प्रेगनेंसी में नुकसान पहुंचाते हैं केमिकल युक्त उत्पाद, इन घरेलू नुस्खों से करें त्वचा की देखभाल

Published on:7 October 2020, 18:11pm IST
गर्भावस्था के दौरान केमिकल का उपयोग शिशु के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि आप अपनी त्वचा की केयर ही न करें। हम बताते हैं कुछ टिप्स जिनकी मदद से आप अपनी त्वचा और शिशु दोनों का ख्याल रख सकती हैं।
विदुषी शुक्‍ला
गर्भावस्‍था एक संवेदनशील समय है।गर्भावस्‍था में त्‍वचा की देखभाल के लिए इस्‍तेमाल करें ये घरेलू उत्‍पाद। चित्र: शटरस्‍टाॅॅॅक

प्रेगनेंसी हर महिला के लिए बहुत खूबसूरत समय होता है। लेकिन खूबसूरत के साथ-साथ यह समय बदलावों से भरा भी होता है। आपके शरीर में तरह-तरह के हॉर्मोनल बदलाव आ रहे होते हैं जिनका असर आपकी त्वचा पर भी पड़ता है।

कुछ महिलाओं में त्वचा अत्यधिक तैलीय हो जाती है तो कुछ में पिम्पल और एक्ने की समस्या आम हो जाती है। पिगमेंटेशन, मेलास्मा और स्ट्रेच मार्क्स प्रेगनेंसी में बहुत आम बात हैं।

समस्या की बात यह है कि आपके सामान्य ब्यूटी केयर प्रोडक्ट्स में कई ऐसे केमिकल होते हैं, जो शिशु के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। केमिकल जैसे सैलिसिलिक एसिड, रेटोनॉइड, टेट्रासाइक्लिन और पैराबेन शिशु के विकास और प्रसव में अड़चन पैदा कर सकते हैं।

गर्भावस्‍था में एंटी पिगमेंटेशन क्रीम का इस्‍तेमाल भी खतरनाक हो सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक
गर्भावस्‍था में एंटी पिगमेंटेशन क्रीम का इस्‍तेमाल भी खतरनाक हो सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

आपके क्‍लींजर से लेकर मॉइस्चराइजर तक में, इन केमिकल का भंडार होता है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि आप अपना स्किन केयर रूटीन ही त्याग दें।
इसलिए हम आपको बता रहे हैं कुछ प्राकृतिक और घरेलू विकल्प जिनका इस्तेमाल कर आप अपनी त्वचा का प्रेगनेंसी में भी ख्याल रख सकती हैं।

सबसे पहले बात करते हैं क्‍लींजर की-

क्‍लींजर का काम है आपकी त्वचा को साफ करना। आमतौर पर अपने नाईट टाइम स्किन केयर रूटीन में हम वॉटर बेस्ड क्‍लींजर का इस्तेमाल करते हैं, जो त्वचा पर बहुत कठोर नहीं होता और उसे कोमलता से साफ करता है। लेकिन क्‍लींजर में सैलिसिलिक एसिड होता है जो गर्भपात का खतरा बढ़ाता है। इसलिए आपको बाजार के क्‍लींजर से दूर ही रहना चाहिए।

दिल्ली एनसीआर की जानी-मानी डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ रिंकी कपूर क्‍लींजर के रूप में कच्चे दूध या क्रीम का प्रयोग करने का सुझाव देती हैं। दूध त्वचा को साफ करता है और उसे ड्राई भी नहीं करता। आप दूध के साथ ओट्स का आटा मिलाकर हल्का एक्सफोलिएट भी कर सकती हैं।

इस तरह घर पर बनाएं टोनर-

टोनर आपके स्किन केयर का हिस्सा हो या नहीं, यह घरेलू टोनर आपको अपने रूटीन में जरूर शामिल करना चाहिए।
फ्रंटियर्स ऑफ डर्मेटोलॉजी जर्नल के अनुसार शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन के असंतुलन के कारण ही ऑयली स्किन, पिगमेंटेशन इत्यादि की समस्या सामने आती हैं। इसके साथ ही प्रेगनेंसी में एक्ने और मुंहासों की समस्या भी होती है। इन सभी समस्याओं का इलाज है यह टोनर।

घरेलू टोनर आपको अपने रूटीन में जरूर शामिल करना चाहिए। चित्र- शटरस्टॉक

इसके लिए एक गिलास साफ पानी एक बर्तन में लें और उसमें आठ से बारह नीम के पत्ते डाल कर उबालें। उबलने के बाद इस पानी में एक बैग ग्रीन टी का डालें और ढक कर छोड़ दें। पानी हल्का ठंडा हो जाए तो उसे एक स्प्रे बॉटल में पलट लें और एक से दो चम्मच गुलाब जल मिला लें। एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर यह टोनर आपकी एक्ने और पिगमेंटेशन की समस्या को दूर रखेगा।

मॉइस्चराइजर के लिए विकल्प

बाजार में मौजूद हर्बल और आयुर्वेदिक क्रीम पर भरोसा किया जा सकता है। अपनी स्किन टाइप के अनुसार बिना खुशबू वाला हर्बल मॉइस्चराइजर या क्रीम इस्तेमाल करें।
अगर आपकी त्वचा ड्राई है तो मॉइस्चराइजर की जगह बादाम का शुद्ध तेल सीरम की तरह इस्तेमाल करें।

स्ट्रेच मार्क्स के लिए यह नुस्खा अपनायें

प्रेगनेंसी के दौरान आपकी त्वचा खिंचेगी और स्ट्रेच मार्क्स पड़ेंगे। इन स्ट्रेच मार्क्स को पड़ने के बाद गायब नहीं किया जा सकता, इसके लिए आपको पहले ही सही कदम उठाने होंगे। अरण्डी का तेल स्ट्रेच मार्क्स के लिये सबसे कारगर है। पेट, कमर, कंधे और कूल्हों पर अच्छी तरह मॉइस्चराइजर लगाएं और रात हो सोने से पहले कैस्टर ऑयल लगाकर सोएं।

प्रेगनेंसी में इन घरेलू नुस्खों से करें त्वचा की देखभाल। चित्र- शटरस्टॉक

इसके अलावा आप हफ्ते में एक बार चेहरे पर एलोवेरा, हल्दी का मास्क या टमाटर लगा सकती हैं।

त्वचा की सही देखभाल से आप मां बनने के बाद भी जवां और दमकती त्वचा की स्वामिनी बन सकती हैं। तो केमिकल भरे उत्पादों को आज ही छोड़ें और इन घरेलू नुस्खों से त्वचा की देखभाल करें।

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विदुषी शुक्‍ला विदुषी शुक्‍ला

पहला प्‍यार प्रकृति और दूसरा मिठास। संबंधों में मिठास हो तो वे और सुंदर होते हैं। डायबिटीज और तनाव दोनों पास नहीं आते।