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IVF प्‍लान कर रहीं हैं? तो डाइट में शामिल करें ये खास फूड, जो बढ़ा देंगे सफलता की संभावना

Published on:16 September 2020, 13:16pm IST
माना कि आपके पास IVF एक सेफ ऑप्शन के रूप में मौजूद है। लेकिन खुद को प्रेगनेंसी के लिए तैयार करना भी जरूरी है जिसके लिए आप इन फूड्स का सहारा ले सकती हैं।
Dr Gauri Agarwal
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आईवीएफ ट्राय कर रहीं हैं तो अपने फूड पर भी ध्‍यान दें। चित्र: शटरस्‍टॉक

हमारा आहार हमारे दैनिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अनुचित और अपर्याप्त आहार बीमारियों का कारण बन सकता है या हार्मोनल असंतुलन पैदा कर सकता है – प्रमुख कारण जो पुरुषों और महिलाओं दोनों में प्रजनन क्षमता को प्रभावित करते हैं। हमारी जीवनशैली के गतिहीन मोड में होने के कारण यह अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।

इसलिए, यदि आप गर्भ धारण करने की कोशिश कर रहीं हैं, या इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) या किसी भी अन्य सहायक प्रजनन तकनीक (एआरटी) से गुजरना की योजना बना रही हैं, तो आप क्या खाते हैं उस पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है। सही आहार 10% तक मनवांछित परिणाम प्राप्त करने में और आपकी संभावनाओं को बढ़ाने में मदद कर सकता है। जबकि आहार की कमी आपका पैसा बिना किसी परिणाम खर्च कर सकता है।

आप जो खाते हैं वह आपके शरीर को पोषण देता है और आपके शरीर को गर्भावस्था के लिए तैयार करता है, यह भी महत्वपूर्ण है।

बेहतर आईवीएफ परिणामों के लिए इन आहार से जुड़ी टिप्स का पालन करें

आईवीएफ प्रक्रिया से पहले या उसके दौरान आहार का अत्यधिक महत्व होने के कुछ कारण हैं। शुरुआत के लिए, अच्छा भोजन महिलाओं में गर्भाशय की लेयर का निर्माण करने में मदद करता है जो अंततः बच्चे को सम्भालने और गर्भावस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

गर्भधारण करना चाहती हैं, तो डाइट पर भी ध्‍यान दें। चित्र: शटरस्‍टॉक

संतुलित पोषण ओव्यूलेशन के लिए भी आवश्यक है। अच्छा भोजन बेबी को आवश्यक पोषण प्रदान करता है और एक स्वस्थ गर्भावस्था का समर्थन करता है। आपके भोजन में सब्जियां, फल, प्रोटीन, साबुत अनाज, मछली और मोनो-अनसैचुरेटेड फैट का संतुलन होना चाहिए। फ्रंटियर्स इन पब्लिक हेल्थ जर्नल में प्रकाशित एक सर्वे में पाया गया कि एक संतुलित आहार लेने वाली महिला में ओवरी डिसोर्डर के कारण बांझपन का जोखिम 66% कम पाया गया।

जानना चाहतीं हैं कि ये खाद्य पदार्थ क्या हैं? तो आगे पढ़ें

हरी पत्तेदार सब्जियां- ये प्रजनन क्षमता को बढ़ाती हैं और एंटीऑक्सिडेंट, फोलिक एसिड और आयरन से भरपूर होती हैं। गोभी आवश्यक विटामिन और खनिजों से भरी हुई है। गोभी में मौजूद डीएन्डोल मीथेन एस्ट्रोजन को नियंत्रित करता है।

ब्रोकोली- यह सब्जी विटामिन सी में समृद्ध है और आपके एग को मैच्योर करने में मदद करती है। ब्रोकोली में मौजूद आयरन, एंटीऑक्सिडेंट, फोलिक एसिड आपके और बेबी के विकास में मदद करता है।

आलू- यह सब्जी विटामिन बी और ई जैसे आवश्यक विटामिन प्रदान करती है और शरीर में कोशिकाओं को बढ़ाने में मदद करती है। इसलिए भ्रूण का बनना आसान हो जाता है।

आलू भी गर्भावस्‍था में जरूर खाना चाहिए। चित्र: शटरस्‍टॉक
आलू भी गर्भावस्‍था में जरूर खाना चाहिए। चित्र: शटरस्‍टॉक

केला- विटामिन बी 6 से भरा हुआ, यह फल वास्तव में एक सुपरफूड है और मेंस्ट्रुअल साईकिल को नियमित बनाने में मदद करता है। यह एक स्वस्थ स्नैक विकल्प भी है।

अनानास- इस फल में मैंगनीज की अच्छी मात्रा होती है, जिसे प्रजनन के लिये आवश्यक माना जाता है। इसलिए अनानास प्रजनन हार्मोन को बढ़ाने में मदद करता है।

साल्मन- ओमेगा-3 फैटी एसिड में समृद्ध यह मछली प्रेगनेंसी के लिये एक आवश्यक फूड है। यह एस्ट्रोजन संतुलन में मदद करती है और रक्त के प्रवाह को बढ़ाती है। कच्चे साल्मन से बचें, लेकिन पका हुआ खाने में फायदेमंद होता है।

कॉम्पलेक्स कार्ब्स- ये ब्लड शुगर लेवल को अच्छी तरह से नियंत्रित करते हैं और स्वस्थ वजन बनाए रखने में आपकी मदद करते हैं।

फोलिक एसिड- पालक, दाल, काली-मटर, किडनी बीन्स, बीन्स, ब्रोकोली, संतरे और अन्य खट्टे फल, और पपीता फोलिक एसिड का अच्छा स्रोत हैं। जो प्रोजेस्टेरोन के स्तर को बढ़ाते हैं, अनियमित ओव्यूलेशन के जोखिम को कम करता है।

गर्भावस्था में संतुलित आहार लें, क्योंकिं जो आप खा रही हैं वही बच्चा भी खा रहा है। चित्र: शटरस्टॉक।

यह जन्म से जुड़े जोखिमों को कम करके एक स्वस्थ गर्भावस्था का सहायक है। फोलिक एसिड का दैनिक सेवन 400 mg (जब आप गर्भ धारण की योजना बनाते हैं और पहले तीन महीनों में करते हैं) और 600 mg (गर्भावस्था के चौथे से नौवें महीने तक) होना चाहिए।

कुछ खाद्य पदार्थ गर्भवती होने और स्वस्थ गर्भावस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं

शराब और कैफीन- इन दो चीजों से हर कीमत पर बचें क्योंकि यह महिलाओं में ओव्यूलेशन और पुरुषों में शुक्राणु की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं।

सी फूड- हालांकि सी-फूड प्रोटीन और आवश्यक फैटी एसिड का एक अच्छा स्रोत हें, कच्चे या आधे-पके समुद्री भोजन का सेवन संक्रमण या एलर्जी का कारण हो सकता है। इसके अलावा, समुद्री भोजन लेड में भरपूर माना जाता है, जो भ्रूण में डेवेलपमेन्ट में अवरोध बन सकता है और जन्म के समय में समस्या पैदा कर सकता है।

हर्बल उपचार- हर्बल सप्लीमेंट का आमतौर पर आईवीएफ प्रक्रिया पर सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है और कुछ जड़ी-बूटियां प्रजनन दवाओं के जैसे ही बिहेव कर सकती हैं। ऐसे में, किसी भी सप्लीमेंट को लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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Dr Gauri Agarwal is a fertility expert and founder of Seeds of Innocence, an IVF & Surrogacy Hospital.

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