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अगर न्यू मॉम है कोरोना पॉजिटिव, तो ब्रेस्टफीड करना चाहिए? जानिए क्या कहता है डब्‍ल्‍यूएचओ

Published on:8 August 2020, 12:00pm IST
आपका ब्रेस्ट मिल्क SARS-CoV-2 वायरस से ज्यादा शक्तिशाली है। इसलिए कोविड-19 की चिंता छोड़कर अपने शिशु को ब्रेस्टफीड करवाएं।
टीम हेल्‍थ शॉट्स
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ब्र्रेेेेेेेेस्‍टफीड कोरोनावायरस से ज्‍यादा ताकतवर है। चित्र: शटरस्टॉक।

इस बार विश्व स्तनपान सप्ताह कोविड वैश्विक महामारी के बीच आया है। दुनिया भर में कई ऐसी न्यू मॉम हैं, जिन्होंने महामारी के बीच अपने बच्चे को जन्म दिया। इनमें कुछ ऐसी भी होंगी जिन्हें डिलीवरी के फौरन बाद अपने बच्चे को खुद से दूर कर देना पड़ा, क्योंकि वे कोविड पॉजिटिव थीं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि कोविड पॉजिटिव मां अपने बच्चे को स्तनपान करवा सकती हैं या नहीं? हमने इस बारे में विश्व स्वास्‍थ्‍य संगठन और अन्य विशेषज्ञ सुझाव एकत्रित किए।

कोई भी आम व्यक्ति यह तर्क देगा कि अगर मां कोरोना वायरस से संक्रमित है, तो बच्चे में दूध के माध्यम से वायरस जा सकता है। लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन यह नहीं मानता।

ब्रेस्ट मिल्क कोरोना वायरस से ज्यादा ताकतवर है

अच्छी खबर है कि मां का दूध कोविड-19 से अधिक ताकतवर है। इसलिए बच्चे को ब्रेस्टफीड करना पूरी तरह सुरक्षित है। डॉ. टेडरॉस अधानोम घेब्रेयेसस कहते हैं, “WHO का मानना है कि कोविड-19 पॉजिटिव मांओ को अपने बच्चे को ब्रेस्टफीड कराना रोकना नहीं चाहिए, बल्कि पहले की तरह ही ब्रेस्टफीड कराना चाहिए।”

ब्रेस्टफीडिंग अवेयरनेस वीक के मौके पर टेडरॉस ने बताया,”ब्रेस्ट मिल्क नवजात शिशुओं के लिए अमृत के समान है, जो कोविड-19 के जोखिम को भी कम करता है।”

ब्रेस्ट मिल्क के पोषक तत्व

ब्रेस्ट मिल्क से ज्यादा फायदेमंद भोजन आपके बच्चे के लिए कुछ हो ही नहीं सकता। इसमें प्रोटीन, फैट, कार्बोहाइड्रेट, मिनरल्स, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, सोडियम और विटामिन ए, सी और डी होता है।

स्‍तनपान से ही बच्‍चा सभी पोषक तत्‍व ग्रहण करता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

पुणे के मदरहुड हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट और लैक्टेशन एक्सपर्ट अर्चना वाडकर बताती हैं,”आपके बच्चे के पोषण का एकमात्र स्रोत आपका ब्रेस्ट मिल्क ही है। साथ ही ब्रेस्ट मिल्क बेबी की इम्युनिटी बढ़ाता है, जो बच्चे को खतरनाक बीमारियों से बचाता है।”
डॉ. वाडकर बताती हैं, “पहला गाढ़ा दूध जिसे कोलेस्ट्रम कहा जाता है, उसमें बच्चे की इम्युनिटी बढ़ाने की क्षमता होती है। बच्चे को कम से कम छह महीने तक ब्रेस्ट फीड कराना चाहिए!”

स्टडीज मानतीं हैं, ब्रेस्ट मिल्क अमृत से कम नहीं

जर्नल ऑफ फ्रंटियर्स इन इम्यु्नोलॉजी में प्रकाशित स्टडी के अनुसार ब्रेस्ट मिल्क बच्चे के इननेट इम्यून सिस्टम को एक्टिवेट करता है, और बच्चे को इंफेक्शन से लड़ने के योग्य बनाता है।
जर्नल ऑफ एनल्स ऑफ़ एलर्जी, अस्थमा एंड इम्युंनोलॉजी की रिसर्च के मुताबिक ब्रेस्ट मिल्क से कोरोना वायरस ट्रांसफर होने का कोई सबूत अब तक नहीं मिला है।

ब्रेस्ट मिल्क शिशु को कोरोना वायरस से लड़ने की शक्ति प्रदान करता है, जो बच्चे की सुरक्षा ले लिए ज़रूरी है। तो कोविड-19 पॉज़िटिव होने पर घबराएं नहीं बस सही प्रीकॉशन्स बरतें और बच्चे को ब्रेस्टफीड ज़रूर कराएं।

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ये हेल्‍थ शॉट्स के विविध लेखकों का समूह हैं, जो आपकी सेहत, सौंदर्य और तंदुरुस्ती के लिए हर बार कुछ खास लेकर आते हैं।

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