कैसे करता पटाखों का प्रदूषण प्रदूषण प्रभावित।
दिवाली का त्योहार हमारे जीवन में रंग और खुशी भर देता है, लेकिन इसके साथ ही प्रदूषण, खासकर पटाखों के धुएं, हमारी आंखों पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं। ड्राई आई सिंड्रोम और एलर्जी जैसी समस्याएं इस समय आम हो जाती हैं। आंखें हमारे शरीर का सबसे संवेदनशील अंग हैं, और इन्हें धुएं और प्रदूषण से सुरक्षित रखना आवश्यक है। आज हेल्थशॉट्स में हम दिवाली के बाद होने वाली आंखों की समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा करेंगे, ताकि आप इस त्योहार को बिना किसी चिंता के मना सकें।
नारायणा हॉस्पिटल गुरुग्राम में ऑप्थल्मोलॉजी डिपार्टमेंट के सीनियर कंसल्टेंट एंड हेड, डॉ. दिग्विजय सिंह, बताते हैं कि “पटाखों के धुएं और केमिकल से आँखों पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है। पटाखों से निकलने वाली तेज रोशनी और इसके धुएं हमारी आंखों में गंभीर समस्याएं पैदा करने का काम कर सकते हैं। हवा में फैले हानिकारक कण आँखों में जलन, खुजली और लालिमा का कारण बन सकते हैं। पटाखों का धुआं आंखों की नाजुक सतह पर सीधे असर करता है, जिससे नजर धुंधली हो सकती है।
इसके अलावा, पटाखों के कणों का आंखों के अंदर जाने से गंभीर इन्फेक्शन या चोट लगने की संभावना भी होती है। इस दौरान खराब हवा और धुएं की अधिकता से आँखों की नमी कम हो जाती है। यह ड्राई आई सिंड्रोम का कारण बन सकता है, जिसमें आँखें सूख जाती हैं और इनमें जलन व असुविधा महसूस होती है। यह स्थिति विशेष रूप से उन लोगों के लिए गंभीर हो सकती है जो पहले से ही आँखों की समस्याओं, जैसे कंजक्टिवाइटिस या आई फ्लू से पीड़ित हैं।”
यह भी पढ़ें: बढ़ते प्रदूषण और गर्मी के साथ बढ़ने लगी हैं आंखों की समस्याएं, जानिए कैसे करना है इनसे बचाव

डॉ. दिग्विजय इन समस्याओं से निपटने के निम्नलिखित उपाय बताते हैं-
एक अच्छे गुणवत्ता वाले एयर प्यूरीफायर में निवेश करने से इनडोर एलर्जन्स को कम करने में मदद मिल सकती है, जिससे आंखों की सुरक्षा भी बढ़ती है। यह प्रदूषण और धूल के कणों को फिल्टर करके आपकी आंखों को अधिक सुरक्षित और स्वस्थ रखता है।
दिवाली के दौरान आंखों की समस्याओं से बचाव के लिए गॉगल्स या चश्मे का उपयोग करें, क्योंकि ये धुएं और प्रदूषकों से आंखों को सुरक्षित रखते हैं। इसके अलावा, यह आपको तेज रोशनी से भी बचाने में मदद करते हैं, जिससे आपकी आंखों की सेहत बेहतर बनी रहती है।
आंखों को रगड़ना जलन को बढ़ा सकता है और अधिक एलर्जन्स को अंदर ला सकता है। यदि आपकी आंखें खुजली कर रही हैं, तो धीरे से पलक झपकें या आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें। यदि आंखों में जलन महसूस हो, तो तुरंत साफ पानी से धो लें और एंटी-एलर्जिक आई ड्रॉप का इस्तेमाल करें।
ड्राई आई की समस्या से बचने के लिए आंखों में लुब्रिकेटिंग आई ड्रॉप का उपयोग करें और इन्हें नियमित अंतराल पर डालें। यह आपकी आंखों को नमी प्रदान करता है और जलन को कम करता है, जिससे आप बेहतर महसूस कर सकते हैं।

अगर आप पटाखे नहीं फोड़ते तो यह बेहतर है। पर इसके पाॅल्यूटेंट्स आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसीलिए जब बाहर पटाखे फोड़े जा रहे हों, उस समय में बाहरी गतिविधियों को सीमित रखें। बाहर के प्रदूषकों के संपर्क को कम करने के लिए खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें।
पटाखे जलाने पर हाथों में बारूद के कण और केमिकल लग सकते हैं, जिससे आंखों को छूने पर जलन की समस्या पैदा हो सकती है। इसलिए पटाखे जलाने के बाद अच्छी तरीके से अपने हाथ को धोएं और बार-बार आंखों को छूने से बचें।
अगर आपको ऐसा महसूस हो रहा है कि आपकी आंखों में धुआं चला गया है तो इसके लिए एलोवेरा जेल का उपयोग करने से आंखों में जलन की समस्या दूर होगी और केमिकल वाले धुएं का असर कम हो जाएगा। हर जगह पटाखे जलाने के बजाय इसके लिए एक जगह सुनिश्चित कर लें और हमेशा ग्रीन पटाखे का उपयोग करने का प्रयास करें।
आंखों पर ठंडी पट्टी लगाने से सूजन कम हो सकती है और खुजली में राहत मिल सकती है। जहां पटाखे फोड़ रहे हैं वहां पर गिला कपड़ा या पानी रख ले ताकि कोई दुर्घटना होने पर इससे मदद मिल सके।
इन बातों का ध्यान रखते हुए आप मजेदार के साथ एक सुरक्षित त्योहार का आनंद ले सकेंगे। आंखों के साथ कोई समझौता नहीं जा सकता है इसलिए दिवाली में आंखों को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। आँखों में गंभीर चोट या जलन होने पर बिना देर किए डाॅक्टर से संपर्क करें। ध्यान रहे बिना डॉक्टर की सलाह के किसी भी ड्रॉप या दवा का इस्तेमाल न करें वरना दिक्कत और बढ़ सकती है।
यह भी पढ़ें: कम या ज्यादा पलकें झपकाना भी हो सकता है कुछ समस्याओं का संकेत, जानिए इसे कैसे ठीक करना है
डिस्क्लेमर: हेल्थ शॉट्स पर, हम आपके स्वास्थ्य और कल्याण के लिए सटीक, भरोसेमंद और प्रामाणिक जानकारी प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके बावजूद, वेबसाइट पर प्रस्तुत सामग्री केवल जानकारी देने के उद्देश्य से है। इसे विशेषज्ञ चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। अपनी विशेष स्वास्थ्य स्थिति और चिंताओं के लिए हमेशा एक योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह लें।