नेचुरोपैथी में भी है जोड़ों के दर्द का उपाय, विशेषज्ञ परामर्श से आजमा सकते हैं ये 5 तरीके

एलोपैथी, होमियोपैथी के अलावा नेचुरोपैथी में भी है जोड़ों के दर्द से राहत पहुंचाकर उन्हें मजबूत बनाने का उपाय। यहां नेचुरोपैथी एक्सपर्ट बता रही हैं क्यों होता है जोड़ों में दर्द और इस चिकित्सा पद्धति में कैसे होता है इलाज।
naturopathy se joint pain kam ho sakta hai.
जॉइंट पेन और स्टिफनेस को कम करने के लिए नेचुरोपैपैथी की मदद ली जा सकती है। चित्र : शटरस्टॉक
स्मिता सिंह Published: 6 Nov 2023, 08:00 am IST
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इनपुट फ्राॅम

उम्र बढ़ने खासकर बुजुर्गों में जोड़ो में दर्द होना आम समस्या होती है। अक्सर हाथों, पैरों, कूल्हे, घुटनों और बैकबोन में भी जोड़ों का दर्द होता है। इसके कारण हड्डियां स्टिफ हो जाती हैं। दर्द के कारण कभी-कभी जलन या एनी समस्याएं भी महसूस हो सकती हैं। उम्र बढ़ने के कारण बोन डेंसिटी कम होने लगती है। इससे हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। एक्सरसाइज की कमी और खराब पोषण की वजह से भी जोड़ों में दर्द होता है। नेचुरोपैपैथी अपनाकर भी जोड़ों के दर्द को कम किया (joint pain treatment) जा सकता है।

क्यों होता है जोड़ों में दर्द (Joint Pain Causes)

गठिया या अर्थरायटिस (Arthritis) जोड़ों के दर्द को बढ़ा सकती है। ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) में दर्द, जकड़न और सूजन होती है। विशेष रूप से हाथों, कूल्हों और घुटनों में परेशानी आम है। अर्थरायटिस के अन्य रूप जैसे कि गाउट (Gout), रुमेटीइड अर्थरायटिस (Rheumatoid Arthritis) और ल्यूपस (Lupus Syndrome) भी जोड़ों के दर्द में योगदान दे सकते हैं।

फाइब्रोमायल्जिया (fibromyalgia) , लाइम रोग (Lyme Disease) और बोन कैंसर (Bone Cancer) जैसी बीमारियां जोड़ों की परेशानी को बढ़ा सकती हैं। चोट लगने पर भी जोड़ों में दर्द हो सकता है।

नेचुरोपैपैथी कैसे काम कर सकती है (Naturopathy for Joint Pain)

जॉइंट पेन और स्टिफनेस को कम करने के लिए नेचुरोपैपैथी की मदद ली जा सकती है। उपचार में मुख्य रूप से केयर के तरीकों पर ध्यान दिया जाता है। इसमें आहार, जीवनशैली में बदलाव, फिजिकल एक्टिविटी, वजन नियंत्रण और खानपान में बदलाव खासकर प्लांट बेस्ड फ़ूड और हर्बल मेडिसिन का उपयोग किया जाता है। इसमें होम्योपैथी, ट्रेडिशनल चीनी चिकित्सा और एक्यूपंक्चर को भी शामिल किया जाता है। प्राकृतिक चिकित्सा या नेचुरोपैपैथी जॉइंट मूवमेंट में सुधार करने और प्रभावित क्षेत्र में सूजन को कम करने के लिए मालिश और स्ट्रेचिंग जैसी तकनीकों का भी उपयोग किया जाता है।

यहां हैं जॉइंट पेन कम करने के लिए नेचुरोपैथी में उपाय (joint pain treatment in naturopathy)

1 वजन नियंत्रण (Weight Management)

नेचुरोपैथी में जॉइंट पेन को कम करने के लिए सबसे पहले वेट मैनेजमेंट पर ध्यान दिया जाता है। स्वस्थ वजन बनाए रखना सेहत के लिए बहुत जरूरी होता है। अतिरिक्त वजन से जोड़ों, खास करके घुटनों, कूल्हों और पैरों पर बहुत अधिक दबाव पड़ता है। वजन कम करने से गतिशीलता (Joint Movement) में सुधार हो सकता है। दर्द कम हो सकता है। जॉइंट (joints Pain) को और ज्यादा नुकसान होने से रोका जा सकता है।

2 हॉट और कोल्ड थेरेपी (Hot and Cold Therapy for joint Pain)

हॉट और कोल्ड ट्रीटमेंट से काफी राहत मिल सकती है। गर्म शॉवर, इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट और हीटिंग पैड स्टिफनेस को कम करते हैं। कोल्ड थेरेपी में आइस पैक का उपयोग किया जाता है। इससे दर्द और सूजन को कम किया जा सकता है।

cold therapy joint pain se rahat dilate hain.
जोड़ों की परेशानी को कम करने में कोल्ड ट्रीटमेंट मददगार हो सकती है।चित्र : अडोबी स्टॉक

3 एक्यूपंक्चर (Acupuncture for joint Pain)

इस पारंपरिक चीनी चिकित्सा पद्धति का उद्देश्य शरीर में ऊर्जा संतुलन (Energy Balance for joint pain) बहाल करना है। इस पद्धति में बारीक सुइयां एनर्जी चैनलों को उत्तेजित करती हैं। इससे प्राकृतिक दर्द निवारक एंडोर्फिन रिलीज होता है। पर अगर आप डायबिटीज जैसी किसी समस्या से पीड़ित हैं , तो आपको इस उपाय से बचना (joint pain treatment) चाहिए।

4 योग (Yoga for Joint Pain)

जोड़ों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए योग सबसे अधिक असरदायक है। योग मांसपेशियों की ताकत (Muscles Health), लचीलेपन और गतिशीलता में सुधार करता है। वारियर योगा पोज और डाउनवर्ड फेसिंग डॉग पोज जैसे योग आसन जोड़ों को मजबूत कर सकते हैं

5 फूड और सप्लीमेंट्स (Food and Supplements for joint pain)

नेचुरोपैथी में आहार के माध्यम से भी जॉइंट पेन में आराम पहुंचाने का काम किया (joint pain treatment) जाता है। कुछ खाद्य पदार्थ और सप्लीमेंट जोड़ों की ताकत बढ़ा सकते हैं और दर्द को कम कर सकते हैं। एंटी इनफ्लेमेटरी एंथोसायनिन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, जैतून का तेल(Olive Oil for Joint Pain), विटामिन C और हल्दी युक्त ब्लूबेरी सप्लीमेंट जोड़ों की परेशानी को कम करने में मदद कर सकते हैं

vitamin-C food joint pain se rahat dete hain.
विटामिन C फ़ूड जोड़ों की परेशानी को कम करने में मदद कर सकते हैं। चित्र :  अडॉबी स्टॉक

ध्यान रहे

कोई भी एक उपचार सभी के लिए एक सा काम नहीं करता। इसलिए अपनी स्थिति के अनुसार आपको किस उपाय के लिए जाना चाहिए, इस बारे में विशेषज्ञ से परामर्श जरूर (joint pain treatment) कर लेना चाहिए।

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स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।...और पढ़ें

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