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मां कहती हैं, गर्भावस्था में गेंहू से भी बेहतर है बेसन की रोटी, साइंस भी करता है समर्थन

Updated on: 10 December 2020, 12:13pm IST
गर्भावस्था में आपको डाइट से जुड़ी बहुत सारी सलाह मिलती होंगी, लेकिन मां की सलाह को एक बार फिर से साइंस ने बेस्ट साबित किया है। आइये साइंस में ढूंढते हैं कि क्‍यों गर्भावस्‍था में फायदेमंद है बेसन की रोटी।
विदुषी शुक्‍ला
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क्यों प्रेगनेंसी में खानी चाहिए बेसन की रोटी।चित्र- शटरस्टॉक।

प्रेगनेंसी हर महिला के जीवन का सबसे खूबसूरत और साथ ही साथ जटिल समय होता है। उस दौरान आपका शरीर बहुत से बदलावों से गुजर रहा होता है। चाहें हॉर्मोनल बदलाव हों, शारीरिक बदलाव हों या आपकी मनोदशा में होने वाले बदलाव हों।

प्रेगनेंसी के दौरान ज्‍यादा देखभाल की जरूरत होती है। ऐसे में आप हर किसी की सलाह तो नहीं मान सकतीं। लेकिन अगर आपकी मम्‍मी बेसन की रोटी खाने की सलाह दें, तो वह जरूर मान लेनी चाहिए क्योंकि उसका समर्थन तो साइंस भी कर रहा है।

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बेसन है एक सुपरफूड

बेसन यानी चने का आटा न सिर्फ स्वादिष्ट है, बल्कि सेहतमंद भी होता है। इसमें गेंहू के आटे के मुकाबले न सिर्फ आधी कैलोरी होती हैं, बल्कि फाइबर भी अधिक होता है। यही नहीं बेसन में प्रोटीन भी भरपूर मात्रा में होता है।

बेसन को अपनी डाइट में आज ही जगह दें। चित्र- शटरस्टॉक।

लेकिन सिर्फ यही कारण नहीं है कि बेसन गर्भवती महिलाओं को फायदा पहुंचाता है। इसके और भी फायदे हैं जो आपको जानने चाहिए –

गर्भवती महिलाओं को फायदा पहुंचाता है बेसन

असल में बेसन में भरपूर मात्रा में फॉलेट होता है, जो महिलाओं में प्रेगनेंसी के दौरान होने वाली बैकबोन समस्याओं की रोकथाम के लिए आवश्यक होता है। फॉलेट के सेवन से न सिर्फ मां की रीढ़ की हड्डी स्वस्थ रहती है, बल्कि शिशु के विकास में भी सहायक होता है।
पबमेड सेंट्रल में प्रकाशित 16,000 से अधिक महिलाओं में एक अध्ययन में, महिलाओं को आटे और बेसन का सेवन करने को कहा गया। जो महिलाएं बेसन का सेवन करती थीं उनमें प्रेगनेंसी के बाद रीढ़ की हड्डी सम्बंधी समस्या 68 प्रतिशत कम थीं। बजाय उनके जो सादे आटे का सेवन करती थीं।

गर्भावस्था में संतुलित आहार लें, क्योंकिं जो आप खा रही हैं वही बच्चा भी खा रहा है। चित्र: शटरस्टॉक।

जिन महिलाओं ने बेसन का इस्तेमाल किया, उनके रक्त में अन्य प्रतिभागियों की तुलना में 26% अधिक फोलेट पाया गया।
बेसन में प्राकृतिक रूप से फोलेट होता है। 100 ग्राम बेसन में हमारी दैनिक आवश्यकता से कुछ अधिक ही फॉलेट होता है।
साथ ही, यह कई अन्य मिनरल्स का महत्वपूर्ण स्रोत है, जिनमें आयरन, मैग्नीशियम, फास्फोरस, कॉपर और मैंगनीज शामिल हैं।

इन कारणों से भी बेहतर है बेसन

1. बेसन में फाइबर की मात्रा अधिक है जिससे यह पाचनतंत्र के लिए बेहतर है। प्रेगनेंसी में पाचन दुरुस्त होना और पेट साफ होने आवश्यक होता है। इसलिए एक आहार में बेसन का सेवन आपके लिये फायदेमंद होगा।

2. बेसन में प्रोटीन भी प्रचुर मात्रा में होता है, जिसकी आवश्यकता शिशु के विकास के लिए होती ही है।

3. बेसन एंटीऑक्सीडेंट का भी उत्कृष्ट स्रोत है, यानी यह आपके शरीर को फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाता है। प्रेगनेंसी के दौरान त्वचा पर होने वाले दुष्प्रभाव को भी बेसन कम करता है।

तो लेडीज, कोशिश करें कि दिन में एक वक्त बेसन की रोटी ही लें। इसके अतिरिक्त आप बेसन का चीला, ढोकला या शैलो फ्राइड पकौड़ियां भी नाश्ते में ले सकती हैं। आप भुने चने भी अपने आहार में शामिल करें।

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विदुषी शुक्‍ला विदुषी शुक्‍ला

पहला प्‍यार प्रकृति और दूसरा मिठास। संबंधों में मिठास हो तो वे और सुंदर होते हैं। डायबिटीज और तनाव दोनों पास नहीं आते।