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कोविड वैक्‍सीन लेने के बावजूद कोरोना पॉजिटिव हो रहे हैं लोग, जानिए क्‍या है इस पर विशेषज्ञों की राय

कोविड वैक्‍सीनेशन के बीच ऐसे भी मामले सामने आ रहे हैं, जहां लोग कोरोना पॉजिटिव हो रहे हैं। जानिए क्‍यों हो रहा है ऐसा।
Updated On: 23 Mar 2021, 06:13 pm IST
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कोविड वैक्‍सीन लेने के बाद मृत्‍यु का जोखिम कम हो जाता है। चित्र: शटरस्‍टॉक
कोविड वैक्‍सीन लेने के बाद मृत्‍यु का जोखिम कम हो जाता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

दिल्‍ली के राजा हरिश्‍चंद्र अस्‍पताल में काम करने वाली नर्स रंजना कोविड वैक्‍सीन की दोनों डोज लेने के बावजूद कोरोना पॉजिटिव हो गईं हैं। जिसके बाद ये सवाल उठने लगे हैं कि क्‍या कोविड वैक्‍सीन के बाद भी कोरोना से संक्रमित होने का खतरा टला नहीं है। तब क्‍या हो सकता है इससे बचाव का उपाय।

दिल्‍ली सहित देश भर में कोरोना संक्रमण के मामले फि‍र से बढ़ने लगे हैं। तब जब देश भर में कोविड-19 का टीकाकरण अभियान जारी है। अभी हाल ही में खबर आई है कि दिल्‍ली में कार्यरत एक नर्सिंग अधिकारी कोविड वैक्‍सीन की दोनों डोज लेने के बावजूद कोरोना पॉजिटिव हो गई है।

क्‍या है पूरा मामला

नर्सिंग स्‍टाफ के तौर पर काम करने वाली रंजना ने 17 जनवरी को कोविशील्‍ड वैक्‍सीन की पहली डोज ली थी। वे कोरोना में फ्रंटलाइन वॉरियर हैं। तय मानक के अनुसार उन्‍हें वैक्‍सीन की दूसरी डोज 18 फरवरी को दी गई। इसके बावजूद पिछले दिनों उन्‍हें फि‍र से कोरोना जैसे लक्षण महसूस होने लगे। जब उन्‍होंने इसके लिए रेपिड टेस्‍ट किया तो उनका टेस्‍ट पॉजिटिव आया। वे फि‍लहाल अपने घर में आइसोलेशन में हैं।

कोविड वैक्‍सीन लेने के बाद ये कोरोना पॉजिटिव होने का मामला है। चित्र: शटरस्‍टॉक
कोविड वैक्‍सीन लेने के बाद ये कोरोना पॉजिटिव होने का मामला है। चित्र: शटरस्‍टॉक

गुजरात में भी हो चुका है ऐसा 

ऐसा ही एक मामला कुछ दिन पहले गुजरात में भी सामने आया था। जहां कोविड वैक्‍सीन की दोनों डोज लेने के बावजूद डॉक्‍टर दंपति कोरोना पॉजिटिव हो गए। डॉ. दिलीप धवे एक रोगविज्ञानी हैं, जबकि उनकी पत्नी डॉ. बेला दवे खोखरा में एएमसी संचालित डेंटल कॉलेज में प्रोफेसर हैं। दोनों का उनकी ड्यूटी के हिस्से के रूप में परीक्षण किया गया था, जिसमें उनमें वायरल संक्रमण से जुड़े कोई स्पष्ट लक्षण नहीं थे।

क्‍या कहते हैं विशेषज्ञ

एक तरह जहां इस तरह के मामलों पर शोध चल रहा है, वहीं विशेषज्ञों की राय इन मामलों को लेकर परेशान न होने की है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के गुजरात चैप्‍टर के सदस्‍य डॉ. मुकेश माहेश्वरी का कहना है कि इन घटनाओं के कारण आपको वैक्‍सीनेशन को लेकर कंफ्यूज होने की जरूरत नहीं है।

विशेषज्ञ किसी भी वैक्‍सीन की 100 फीसदी सफल नहीं मानते। चित्र: शटरस्‍टॉक
विशेषज्ञ किसी भी वैक्‍सीन की 100 फीसदी सफल नहीं मानते। चित्र: शटरस्‍टॉक

वे कहते हैं कि “कोई भी टीकाकरण 100% प्रभावकारिता का दावा नहीं कर सकता। जबकि कुछ ने 70% सफलता का दावा किया है। वहीं कुछ अन्‍य 81% सफलता का दावा करते हैं। वैक्‍सीन लेने का अर्थ यह नहीं है कि आप इसके संक्रमण से पूरी तरह सुरक्षित हैं, बल्कि इसका अर्थ यह हो‍गा कि संक्रमित होने के बावजूद इसकी गंभीरता और मृत्‍यु दर में कमी होगी।

तब क्‍या हो सकता है समाधान

एक तरफ जहां कोरोना वायरस के नए स्‍ट्रेन सामने आ रहे हैं, वहीं कोविड वैक्‍सीनेशन की सफलता को लेकर लोग कंफ्यूज हो रहे हैं। पर इस समय जरूरत दोहरी सतर्कता की है। इसके लिए आपको –

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प्रदूषण से बचने के लिए आप क्या करते हैं?
आपको अभी भी कोरोना सुरक्षा गाइडलाइंस का पालन करना होगा। चित्र : शटरस्टॉक
आपको अभी भी कोरोना सुरक्षा गाइडलाइंस का पालन करना होगा। चित्र : शटरस्टॉक
  1. अभी भी मास्‍क पहनकर रखना है
  2. कोविड वैक्‍सीन लेने का अर्थ भीड़ में घुसने का लाइसेंस नहीं है।
  3. आपको अभी भी कोरोना गाइडलाइंस को फॉलो करना है।
  4. बार-बार हाथ धोते रहना न केवल आपको कोरोना से बचाएगा, बल्कि यह आपको मौसमी संक्रमण से बचाने में भी मददगार होगा।
  5. पहली डोज लेने के बाद वैक्‍सीन की दूसरी डोज जरूर लें।

यह भी पढ़ें – World Water Day : सुबह सिर्फ एक गिलास पानी पीने से करें दिन की शुरुआत, आपकी सेहत को मिलेंगे ये 10 लाभ 

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लेखक के बारे में
योगिता यादव
योगिता यादव

योगिता यादव एक अनुभवी पत्रकार, संपादक और लेखिका हैं, जो पिछले दो दशकों से भी ज्यादा समय से हिंदी मीडिया जगत में सक्रिय हैं। फिलहाल वे हेल्थ शॉट्स हिंदी की कंटेंट हेड हैं, जहां वे महिलाओं के स्वास्थ्य, जीवनशैली, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक मुद्दों से जुड़ी सामग्री का संयोजन और निर्माण करती हैं।योगिता ने दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, जी मीडिया और अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य किया है। वे 'हेल्दी ज़िंदगी' नाम का उनका हेल्थ पॉडकास्ट खासा लोकप्रिय है, जिसमें वे विशेषज्ञ डॉक्टरों और वेलनेस एक्सपर्ट्स से संवाद करती हैं।

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