क्या आपको भी मूंगफली खाने से गैस होने लगती है? तो जानिए इसका कारण

ये मूंगफलियों का मौसम है। एक मुट्ठी मूंगफली आपकी दिन भर की प्रोटीन की आवश्यकता को पूरा करती है। पर क्या ये बदले में आपको गैस दे रही है?
mungfali shareer ko jazbooti pradan krne ka kaam krti hai
शरीर को मज़बूती प्रदान करने वाली मूंगफली ना सिर्फ मस्तिष्क की शक्ति बढ़ाती है बल्कि दिल को भी तंदरुस्त रखती है। चित्र : शटरस्टॉक
अक्षांश कुलश्रेष्ठ Published: 17 Dec 2021, 06:00 pm IST
  • 118

सर्दियों में मूंगफली काफी पसंद की जाती है। इसके स्वास्थ्य लाभों के कारण इसे सर्दियों का मेवा कहा जाता है। विटामिन, खनिज, एंटीऑक्सीडेंट, फैटी एसिड समेत कई अन्य पोषक तत्वों के कारण मूंगफली सर्दियों का एक बेहतरीन सुपरफूड है। पर क्या आपको भी मूंगफली खाने के बाद गैस, कब्ज या ब्लॉटिंग महसूस होने लगती है? तो आइए जानते हैं इसका कारण और बचाव के उपाय। 

सुपरफूड है मूंगफली 

कई खास पोषक तत्वों से लबरेज मूंगफली सर्दियाों में आपको नेचुरली गर्म रखने में मदद करती है। यह दिल और नसों की बीमारियों को दूर करने में मददगार है। यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ़ एग्रीकल्चर (यूएसडीए) के अनुसार, 100 ग्राम कच्ची मूंगफली में 567 कैलोरी होती है। जिसमें प्रोटीन- 26 ग्राम, वसा- 49 ग्राम, कार्बोहाइड्रेट- 16 ग्राम, आहार फाइबर- 9 ग्राम, आयरन- 25%, कैल्शियम- 9% होता हैं।

momfali ke fayade
मूंगफली में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन होती है। चित्र : शटरस्टॉक

लेकिन कई लोगों को मूंगफली खाने के बाद गैस की समस्या उत्पन्न होती है। जो काफी कष्टदायक हो जाती है। अगर आप भी उनमें से एक हैं तो हेल्थ शॉट्स का यह लेख आप ही के लिए है। 

आखिर क्यों बनती है गैस?

साधारणत: तब पाचन ठीक नहीं होता, तब पेट में गैस की समस्या उत्पन्न होती है। इसके लिए  दवाएं, बीमारी, बढ़ती उम्र, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकारों जैसे आईबीएस, तनाव, धूम्रपान आदि इसके कारण हो सकते हैं। इनके साथ ही कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ भी हैं, जो पेट में गैस का कारण हो सकते हैं। आमतौर पर जिन खाद्य पदार्थों को पचाना मुश्किल होता है। जैसे अनाज (जैसे गेहूं), चीनी, ब्रेड और विभिन्न प्रकार के नट्स जैसे मूंगफली।

kamzor paachan aur galat khaan- paan hai acidity ka kaaran
क्यों बनती है मूंगफली खाने से गैस । चित्र: शटरस्टॉक

क्या सच में मूंगफली गैस की समस्या उत्पन्न कर सकती है ?

यूएसडीए के डाटा के अनुसार 100 ग्राम कच्ची मूंगफली में 9 ग्राम डाइटरी फाइबर होते हैं। डाइटरी फाइबर हमारे लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह पोषक तत्वों के अवशोषण की प्रक्रिया को धीमा कर अधिक पोषक तत्व लेने में मदद करते हैं। लेकिन बहुत अधिक फाइबर हमारे लिए समस्या खड़ी कर सकता है। 

मूंगफली फाइबर के लिए जानी जाती है। यदि एक बार में इसका ज्यादा सेवन कर लिया जाए, तो यह पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकती है। जिससे कब्ज, ब्लॉटिंग और एसिडिटी की समस्या हो सकती है। 

क्या हर तरह काा फाइबर गैस का कारण बनता है?

हमारा शरीर संतुलित मात्रा में ही फाइबर हजम करने की क्षमता रखता है। एक दिन में महिलाएं 28 ग्राम और पुरुष 32 ग्राम फाइबर हजम कर सकते हैं। फाइबर का अधिक सेवन करने से गैस की समस्या हो सकती है। हालांकि मूंगफली में फाइबर के अलावा एक फाइटिक एसिड या फाइटेट भी पाया जाता है।  

Moongfali poshak tatv se bharpur hai
मूंगफली पोषक तत्वो से है भरपूर। चित्र: शटरस्टॉक

यह मूंगफली के भीतर फास्फोरस के भंडारण को संदर्भित करता है, जो पौधे को बढ़ने में मदद करता है। भले ही मूंगफली में फाइटेट की मात्रा अलग-अलग हो, लेकिन यह निश्चित रूप से फास्फोरस के शीर्ष स्थानों में से एक है। अक्सर यह देखा गया है कि फाइटेट को आसानी से पचाया नहीं जा सकता। जिसके परिणामस्वरूप आपको गैस या कब्ज का सामना करना पड़ता है।

अंतिम शब्द 

यकीनन मूंगफली सर्दियों का सुपरफूड है। हम इसे अलग-अलग तरह से अपने आहार में शामिल करना चाहते हैं। पर ध्यान रहे कि किसी भी चीज की ज्यादा मात्रा सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकती है। इसलिए मूंगफली जरूर खाएं पर मॉडरेशन में। 

यह भी पढ़े :कफ और खांसी से परेशान हैं, तो इन टेस्टी पर अनहेल्दी फूड्स से करें परहेज

अपनी रुचि के विषय चुनें और फ़ीड कस्टमाइज़ करें

कस्टमाइज़ करें

  • 118
लेखक के बारे में

सेहत, तंदुरुस्ती और सौंदर्य के लिए कुछ नई जानकारियों की खोज में ...और पढ़ें

अगला लेख