Monsoon and joint pain: मानसून के साथ अगर गठिया भी देने लगा है दस्तक, तो जानिए इसका कारण और बचाव के उपाय

गठिया की समस्या से परेशान लोगों के लिए मानसून समस्या पैदा कर सकता है। हानिकारक मौसम में गठिया की समस्या से बचने लिए लोग दिए गए टिप्स को फॉलो कर राहत पा सकते हैं।
हानिकारक मौसम में गठिया की समस्या से बचने लिए लोग दिए गए टिप्स को फॉलो कर राहत पा सकते हैं। चित्र शटरस्टॉक
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गर्मी से राहत दिलाने के लिए देश में मानसून ने दस्तक दे दी है। ऐसे में कई लोगों को गर्मी से राहत की उम्मीद कर सकते हैं। वहीं, गठिया से पीड़ित लोग मानसून से बचने का प्रयास करना चाहिए। इसका सीधा जोड़ों पर पड़ता है, जिससे चलने-फिरने में दर्द का एहसास होता है। हालांकि कुछ गठिया से पीड़ित लोग मानसून की दस्तक से सहम जाते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि साल के मानसून वाले दिनों में जोड़ों ( joint pain ) में दर्द की समस्या बढ़ जाती है।
गठिया एक ऐसी बीमारी है जो एक या अधिक जोड़ों के साथ जकड़न, सूजन की समस्या होती है। मानसून में एडिमा, दर्द और अकड़न बढ़ जाती है। मानसून में ज्वाइंट्स के आसपस द्रव कम होता है जिससे दर्द ( joint pain ) बढ़ जाता है। बरसात के दिनों में ज्वाइंट्स पेन को कम करने के लिए क्या किया जा सकता है। इसके बारे में विस्तार से जानने के लिए हेल्थ शॉट्स ने कानपुर के ज्वाइंट्स पेन एंड रिलीफ सेंटर के डॉक्टर और सर्जन डॉ देवेश से बातचीत की, जिसमें उन्होंने इस समस्या कारण और उपाय बताया। चलिए जानते हैं क्या कहते हैं डॉक्टर।

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मानसून ज्वाइंट्स को कैसे प्रभावित करता है ?

मानसून में ज्वाइंट्स को प्रभावित करने हाई ह्रयूमिडिटी कारण है। इस दौरान अधिक मॉइश्चर लेवल होने से ब्लड वेसल में अधिक दबाव पड़ता है। जिससे खून गाढ़ा होने लगता है। नम वाले मौसम में पानी की मात्रा कम होने से जोड़ों के आसपास कम द्रव होने से ज्वाइंट पेन बढ़ता है। यह समस्या ( joint pain ) 60 साल से अधिक लोगों में अधिक देखने को मिलती है। अर्थराइटिस से जूझ रहे लोग इस समस्या का जल्दी शिकार होते हैं।

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गर्म वातावरण से दर्द और चोट में राहत मिलती है। चित्र- शटरस्टॉक

बरसात में अगर बढ़ जाता है जोड़ों का दर्द, तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान

गर्म कपड़े दे सकते हैं राहत

डॉ देवेश कहते हैं मानसून के दिनों में तापमान में गिरावट होने के बाद भारी बारिश होती, जिससे ज्वाइंट्स पेन की समस्या होती है। जोड़ों ( joint pain ) के दर्द को कम करने के लिए बॉडी को गर्म रखना जरूरी है। हवा का स्पर्श सीधे बॉडी से न हो पाए। यदि हवा सीधे शरीर से टकराएगी तो जोड़ों में दर्द बढ़ेगा। गर्म शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही रहता है, जिससे दर्द कम होता है और दर्द की समस्या को कम करता है। इसके अलावा राहत पाने के लिए गर्म सिकाई, गर्म कपड़े पहनना, हाइड्रोथेरेपी की मदद से राहत पा सकते हैं। जिनके जोड़ें में दर्द रहता है वह दिए गए उपाय को आजमा सकते है, जिससे मौसम में बरसात का आंनद मिल सके।

संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन

एक्सपर्ट बता रहे हैं यदि आपके जोड़ों में दर्द रहता है तो आप पोष्टिक और संतुलित आहार लेकर हेल्दी, पेन रिलीफ की समस्या से राहत पा सकते हैं। ज्वाइंट्स पेन की समस्या के राहत पाने के साथ सूजन में कमी करने के लिए डाइट में एंटी-इंफ्लेमेटरी आइटम शामिल कर सकते हैं। इसमें ( joint pain ) आप विटामिन ई वाले आहार का सेवन अधिक कर सकते हैं। जैसे एवोकाडो, मेवे, सी डाइट, नट्स, फ्रूट, जामुन व साबूत अनाज का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा अंडा, जड़ी बूटियां शामिल कर सकते हैं।

प्रतिदिन व्यायाम

बारिश के दिनों में शारीरिक गतिविधि पर असर पड़ता है, नियमित तौर पर वॉकिंग, वर्कआउट नहीं संभव हो पाता। जिससे ज्वाइंट्स पेन( joint pain ) की परेशानी बढ़ जाती है। ऐसे में आपको ध्यान रहे बरसात के दिनों व्यायाम करना जरूरी रहता है। जिसमें स्ट्रेचिंग, फ्लैक्सबिलिटी वाले व्यायाम जरूर करना चाहिए।
व्यायाम ब्लड सर्कुलेशन, ज्वाइंट्स लुब्रीकेशन, मसल्स और टिशू को बढ़ाते हैं। व्यायाम को नियमित तौर हर रोज करना चाहिए। इससे शारीरिक समस्याएं और बीमारियां दूर रहती है। शरीर भी रोग मुक्त हो जाता है। मानसून में ( joint pain ) व्यायाम पर विशेष ध्यान देना चाहिए, गठिया से पीड़ितों को।

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यदि आपके जोड़ों में दर्द होने लगा है तो यह गठिया का संकेत हो सकता है। चित्र : शटरस्टॉक

चलते-चलते

डॉ पांडेय कहते हैं मौसम हर किसी को अलग तरह से प्रभावित करता है। आप महसूस करते हैं कि मौसम दर मौसम आपकी शारीरिक समस्या बदलती
रहती है, आपको दर्द ( joint pain ) की समस्या बनी हुई है, तो डॉक्टर की मदद लेना आपके लिए आवश्यक है। गठिया की समस्या से राहत पाने के लिए तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। खतरों के बारे में जानने के लिए गठिया की परीक्षण करवाएं।

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लेखक के बारे में

कानपुर के नारायणा कॉलेज से मास कम्युनिकेशन करने के बाद से सुमित कुमार द्विवेदी हेल्थ, वेलनेस और पोषण संबंधी विषयों पर काम कर रहे हैं। ...और पढ़ें

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