फॉलो
वैलनेस
स्टोर

हर बार स्‍तन में दर्द होना कैंसर नहीं होता, जानिए ब्रेस्ट सम्बंधी वे 5 स्थितियां जो कैंसर नहीं हैं

Updated on: 10 December 2020, 12:16pm IST
ब्रेस्ट में बिनाइन यानी नॉन-कैंसरस ट्यूमर होना बहुत आम है। तो घबराने से पहले जान लें क्या कहती हैं गाइनोकोलॉजिस्ट।
टीम हेल्‍थ शॉट्स
  • 76 Likes
स्‍तन में कैंसर के अलावा कुछ और कारणों से भी परेशानी हो सकती है। चित्र: शटरस्‍टॉक

क्या आप की रातों की नींद भी ब्रेस्ट कैंसर के डर से उड़ी हुई है? रातों को नींद न आना तो सामान्य होगा ही, लेकिन यह जानना भी जरूरी है कौन सी गांठ कैंसर है और कौन सी नहीं। इससे पहले कि आप ब्रेस्ट कैंसर की दहशत का शिकार हो जाएं, अपने ब्रेस्ट को खुद जांचना सीखें। और यह भी जानें कि कौन सी बीमारियां ब्रेस्ट कैंसर जैसी होती हैं, लेकिन कैंसर नहीं होतीं।

समझें ब्रेस्‍ट में तकलीफ के वे 5 काराण जो कैंसर नहीं हैं 

1. ब्रेस्ट में दर्द के कई कारण हो सकते हैं

दिल्ली के आकाश हेल्थ केयर एंड सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की डायरेक्टर और गाइनोकोलॉजिस्ट डॉ शिल्पा घोष के अनुसार ब्रेस्ट में दर्द के कई कारण हो सकते हैं। अगर आप एक टाइट या खराब फिटिंग की ब्रा पहनती हैं, तो भी ब्रेस्ट में दर्द हो सकता है। अगर आपके ब्रेस्ट का साइज बड़ा है, तो भार के कारण भी दर्द हो सकता है।

पाएं अपनी तंदुरुस्‍ती की दैनिक खुराकन्‍यूजलैटर को सब्‍स्‍क्राइब करें

स्तन में गांठ महसूस हो रही है? तो कैंसर के बारे में चिंता करने से पहले इन कारणों की भी करें जांच। चित्र : शटरस्टॉक

डॉ. घोष बताती हैं, “कई बार सर्दियों में मेरे पास मरीज ब्रेस्ट में दर्द की शिकायत लेकर आते हैं। यह कैंसर के कारण नहीं, तापमान में गिरावट के कारण हो सकता है।”

2. हर गांठ कैंसर नहीं है

कई बार आपको अपने ब्रेस्ट में कोई गांठ महसूस होती है और आप तुरन्त कैंसर के निष्कर्ष पर पहुंच जाते हैं। लेकिन लेडीज, यह फाइब्रोसिस मोटे होने के कारण भी हो सकता है। यह आपके पीरियड्स के दैरान भी हो सकता है। डॉ घोष समझाती हैं, “यह हॉर्मोन्स के कारण होता है!” कई बार फ्लूइड इकट्ठा होने के कारण सिस्ट हो सकती है और गांठ बन सकती है।

“जब अल्ट्रासाउंड होता है, उस सिस्ट में पानी साफ नजर आता है। कई बार इसको इलाज की जरूरत भी नहीं होती। बस दर्द के लिए दवा दी जाती है।”, कहती हैं डॉ घोष ।

3. फाइब्रो एडेनोमा को भी अक्सर ब्रेस्ट कैंसर समझा जा सकता है

“इसे ब्रेस्ट माउस या ब्रेस्ट मार्बल भी कहते हैं। इसका कारण यह है कि यह लम्प यानी गांठ जगह बदलती रहती है जिससे महिलाएं घबरा जातीं हैं। यह कनेक्टिविटी टिश्यू या ग्लैंड्यूलर टिश्यू होते हैं। जिन्हें देखने के लिए अल्ट्रासाउंड किया जाता है।”, वह बताती हैं।

फाइब्रोएडेनोमा किसी भी उम्र की महिला में हो सकती है, 20s और 30s की महिलाओं में भी यह आम है।

4. नई मां बनी हैं तो मस्टैटिस भी हो सकता है

यह ब्रेस्ट का एक इन्फेक्शन है जिसमें ब्रेस्ट सूज जाते हैं। इस सूजन में दूध भर जाने के कारण गांठ पड़ जाती है। ये कैंसर नहीं होता है। यह स्थिति बहुत दर्दनाक हो सकती है।

अगर आप हाल ही में मां बनी हैं तो भी आपको ब्रेस्‍ट में तकलीफ हो सकती है। चित्र: शटरस्‍टॉक
अगर आप हाल ही में मां बनी हैं तो भी आपको ब्रेस्‍ट में तकलीफ हो सकती है। चित्र: शटरस्‍टॉक

“गर्म सिंकाई से इस तरह के लम्प से छुटकारा पाने में राहत मिलती है। इस इन्फेक्शन के कारण बुखार और जुकाम भी हो सकता है। मस्टैटिस होने पर डॉक्टर के पास जरूर जाना चाहिए”, वह बताती हैं।

5. डक्ट एस्टेसिया- एक तरह की बिनाइन गांठ

इसे मैमरी डक्ट एस्टेसिया भी कहते हैं। इस स्थिति में, मिल्क डक्ट मोटे हो जाते हैं। जब यह डक्ट डाइलेट होते हैं, सूजन, इंफ्लामेशन, डिस्चार्ज और उल्टे निप्पल जैसी समस्या हो जाती हैं। यह ब्रेस्ट कैंसर के भी लक्षण हैं और यही कारण है कि महिलाएं परेशान हो जाती हैं। इस स्थिति में भी गर्म सिंकाई आराम देती है।

तो लेडीज, अगर आपको लगता है आपके ब्रेस्ट में कोई दिक्कत है तो चिंता करने से पहले गाइनोकोलॉजिस्ट के पास जाएं।

यह भी पढ़ें – अक्‍टूबर है आपके लिए खास, जानें वे 10 कारण जिनसे बढ़ सकता है ब्रेस्‍ट कैंसर का जोखिम

0 कमेंट्स

कृपया अपना कमेंट पोस्ट करें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

टीम हेल्‍थ शॉट्स टीम हेल्‍थ शॉट्स

ये हेल्‍थ शॉट्स के विविध लेखकों का समूह हैं, जो आपकी सेहत, सौंदर्य और तंदुरुस्ती के लिए हर बार कुछ खास लेकर आते हैं।