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डायबिटीज में खतरनाक हो सकती है डिहाइड्रेशन, एक्सपर्ट से जानिए इसे कैसे मैनेज करना है

Published on:28 June 2021, 17:22pm IST
गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन किसी के भी स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। पर अगर आपके पेरेंट्स डायबिटिक हैं, तो आपके लिए जिम्मेदारी और भी ज्यादा बढ़ जाती है।
Dr. Alka Jha
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गर्मी के मौसम में आपको अपने डायबिटिक पेरेंट्स का और भी ज्यादा ख्याल रखना है। चित्र: शटरस्टॉक
गर्मी के मौसम में आपको अपने डायबिटिक पेरेंट्स का और भी ज्यादा ख्याल रखना है। चित्र: शटरस्टॉक

अत्‍यधिक गर्मी आपके शरीर में ब्‍लड शूगर की मात्रा पर प्रतिकूल असर डालती है। इसकी वजह से ब्‍लड शूगर घट-बढ़ सकता है, जो कि इस पर निर्भर करता है कि आपने क्‍या खाया है, क्‍या आप सही ढंग से हाइड्रेटेड हो या नहीं, आप किस तरह की शारीरिक गतिविधियां कर रहे और क्‍या पहले से किसी किस्‍म की मधुमेह जनित जटिलताएं शरीर में मौजूद हैं।

गर्मी और शारीरिक गतिविधियों के चलते आपको बहुत पसीना आता है। आप डिहाइड्रेट हो सकते हैं, जिसके चलते ग्‍लूकोज़ का स्‍तर बढ़ जाता है।

डिहाइड्रेशन और ब्लड शुगर

यानी अगर आप डिहाइड्रेट होते हैं, तो आपका ब्‍लड ग्‍लूकोज़ लेवल ऊपर जा सकता है। इसकी वजह से आपको बार-बार पेशाब की समस्‍या हो सकती है। यह आपको और भी अधिक डिहाइड्रेट करता है जिसके परिणामस्‍वरूप आपका ब्‍लड ग्‍लूकोज़ लैवल पहले से भी ज्‍यादा हो सकता है।

डिहाइड्रेशन से ब्लड शुगर लेवल अचानक बढ़ सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक
डिहाइड्रेशन से ब्लड शुगर लेवल अचानक बढ़ सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

अगर आप इंसुलिन लेती हैं, तो यह स्थिति और भी बिगड़ सकती है, क्‍योंकि डिहाइड्रेशन आपकी त्‍वचा को रक्‍तापूर्ति कम करता है। इस तरह इंजेक्‍शन वाले स्‍थान से इंसुलिन को अवशोषित करने की आपके शरीर की क्षमता काफी घट जाती है।

अगर आपके शरीर में मधुमेह जनित जटिलताएं पहले से हैं, जिनकी वजह से हो सकता है कि पसीने की ग्रंथियां पहले से ही क्षतिग्रस्‍त हो चुकी हैं, तो संभव है कि आपको ठीक से पसीना नहीं आएगा।

ऐसे में बाहरी तापमान बढ़ने पर स्थिति गंभीर हो सकती है, जो हीट एग्‍ज़ॉस्‍शन (गर्मी की वजह से थकान) तथा हीट स्‍ट्रैस (गर्मी की वजह से तनाव) का कारण भी बन सकता है।

आपकी दवा पर गर्मी का असर

गर्म तापमान में इंसुलिन को रखने से उस पर प्रतिकूल असर पड़ता है और दवा निष्‍प्रभावी या प्रयोग न करने योग्‍य भी हो सकती है। इसी तरह, अधिक तापमान अन्‍य दवाओं तथा मधुमेह के उपचार में काम आने वाली टैस्‍ट स्ट्रिप्स, मॉनीटरिंग डिवाइसों आदि पर भी बुरा असर डालता है।

तो क्या हो सकते हैं ब्‍लड ग्‍लूकोज़ मैनेज करने के टिप्स

जब पारा बढ़ने लगे, तो खुद को इंडोर तक ही सीमित नहीं रखें। डायबिटीज़ के मरीज़ों को आउटडोर गतिविधियों में भाग लेना चाहिए और हर तरह के मौसम का आनंद लेना चाहिए। ऐसा करते हुए कुछ आसान उपायों पर अमल करें।

पानी आपके समग्र स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। चित्र-शटरस्टॉक।

आउटडोर का आनंद लेने के लिए डायबिटीज़ मैनेज करने के इन उपायों को अपनाएं:

1. पर्याप्‍त मात्रा में पानी पिएं और डिहाइड्रेट होने से बचें

शारीरिक व्‍यायाम करने वाले हर व्‍यक्ति के लिए हाइड्रेट रहना महत्‍वपूर्ण है और अगर आप मधुमेह रोगी भी हैं, तो ऐसा करना काफी जरूरी होता है। अपने साथ पानी की एक छोटी बोतल, लो कैलोरी इलैक्‍ट्रोलाइट ड्रिंक जैसे कि नींबू पानी, नारियल पानी वगैरह रखें। फलों का जूस लेने से बचें।

2. बीजी कंट्रोल

गर्मियों के मौसम में किसी भी बाहरी गतिविधि को शुरू करने से अपने ब्‍लड ग्‍लूकोज़ की जांच अवश्‍य करें। यदि आपका ब्‍लड ग्‍लूकोज़ > 250 मिग्राम/प्रतिदिन से अधिक है, तो भारी शारीरिक गतिविधियों से पहले इसका समुचित प्रबंधन करें।

3. इंसुलिन खुराक को एडजस्‍ट करना

शारीरिक गतिविधियों की वजह से ब्‍लड ग्‍लूकोज़ का स्‍तर घट सकता है और यह आपकी इंसुलिन की आवश्‍यकता को घटा सकता है। इसलिए व्‍यायाम आदि अचानक बढ़ाने से आपको लो शूगर का जोखिम हो सकता है।

इंसुलिन डोज को एडजस्ट करना भी जरूरी है। चित्र: शटरस्टॉक
इंसुलिन डोज को एडजस्ट करना भी जरूरी है। चित्र: शटरस्टॉक

अपने डॉक्‍टर से इस बारे में सलाह करें कि व्‍यायाम आदि से पहले इंसुलिन की मात्रा को किस तरह से एडजस्‍ट किया जा सकता है। हो सकता है कि आपको व्‍यायाम से पहले कार्बोहाइड्रेट स्‍नैक्‍स अलग से लेने की जरूरत हो।

4. अपने ब्‍लड शूगर स्‍तर की सही तरीके से जांच करें

अधिक तापमान की वजह से ब्‍लड शूगर स्‍तर में उतार-चढ़ाव आ सकता है, इसलिए यह जरूरी है कि आप इसकी जांच अक्‍सर करें ताकि इसे स्थिर बनाए रखने के लिए तत्‍काल और आवश्‍यक उपायों को अपनाया जा सके।

5. अपने साथ हाइपोग्‍लाइसीमिया किट रखें (ब्‍लड ग्‍लूकोज़ स्‍तर में गिरावट के प्रबंधन के लिए) 

अपने साथ हमेशा ग्‍लूकोज़ टैबलेट/शूगर कैंडी रखें ताकि लो शूगर होते ही इनका सेवन कर सकें। अपने साथ कुछ स्‍नैक्‍स रखें ताकि जरूरत पड़ने पर आप तत्‍काल कुछ खा सकें।

6. अपनी दवाएं तथा अन्‍य सप्‍लाइज़ को सुरक्षित रखें 

किसी भी आउटडोर एक्टिविटी से पहले अपनी इंसुलिन को सुरक्षित रखने के पर्याप्‍त उपाय करें। आप अपनी इंसुलिन को आइस पैक में या छोटे थर्मस में रख सकते हैं जिससे कुछ समय के लिए तापमान स्थिर रह सके।

मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति थकान जैसी समस्या से भी पीड़ित रहता है।चित्र: शटरस्‍टॉक
मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति थकान जैसी समस्या से भी पीड़ित रहता है।चित्र: शटरस्‍टॉक

अगर आप इंसुलिन पंप पर हैं तो इसे अत्‍यधित ऊंचे तापमान से बचाकर रखें। यदि आप अधिक लंबे समय के लिए आउटडोर एक्टिविटीज़ की योजना बना रहे हैं तो अपने साथ ग्‍लूकोमीटर ले जाना न भूलें।

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Dr. Alka Jha Dr. Alka Jha

Dr. Alka Jha is Senior Consultant, Fortis Hospital, Vasant Kunj