कैस्टर ऑयल कर सकता है कब्ज की छुट्टी, जानिए कैसे करना है इस्तेमाल 

Published on: 16 July 2022, 12:30 pm IST

कुछ आयुर्वेदिक औषधियां कमाल की हैं। ये न सिर्फ इस्तेमाल में आसान हैं, बल्कि समस्या का भी तत्काल उपचार कर सकती हैं।

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यहां जानिए आंखों के लिए कैसे करना है कैस्टर ऑयल का इस्तेमाल। चित्र:शटरस्टॉक

खराब लाइफस्टाइल और खानपान की गलत आदतों के कारण कब्ज की शिकायत हो जाती है। इससे बॉवेल मूवमेंट सही तरीके से नहीं हो पाता है। इसके कारण कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी होने लगती हैं। गैस, ब्लोटिंग आदि पेट की समस्या के अलावा, एक्ने, पिंपल्स भी कहीं न कहीं कब्ज के कारण होते हैं। इससे अनिद्रा की भी शिकायत हो सकती है। कब्ज होने पर लोग तरह-तरह के घरेलू उपाय आजमाने लगते हैं। इनमें से कुछ उपाय तो फायदेमंद होते हैं, तो कुछ असरकारक नहीं होते हैं। कब्ज को दूर करने के कई उपायों में से एक है कैस्टर ऑयल का प्रयोग। कब्ज को दूर करने में कैस्टर ऑयल (castor oil to relieve constipation) कितना प्रभावी है, आइए गुरुग्राम के पारस अस्पताल में चीफ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. रजनीश मोंगा के माध्यम से चेक करते हैं।

अलग-अलग होता है टॉयलेट जाने का समय

जब आपको कब्ज की समस्या होती है, तो आप या तो उतनी बार मोशन नहीं कर पाते जितनी बार आपको करना चाहिए या आपके लिए मल त्याग मुश्किल हो जाता है। कब्ज या कॉन्स्टिपेशन के बारे में आमतौर पर यह समझा जाता है कि हफ्ते में तीन से कम बार मल का त्याग हो। 

हालांकि हर किसी के टॉयलेट जाने और उसका उपयोग करने का शेड्यूल अलग-अलग होता है। कुछ लोगों को हर दिन कई बार मल त्यागना पड़ता है। जबकि कुछ लोगों को केवल एक या हर दूसरे दिन मल त्याग करना भी काम करता है। 

क्रॉनिक काॅन्सटिपेशन के लक्षण

कब्ज का संकेत हमें तभी मिल पाता है जब किसी भी कमी के कारण बॉवेल मूवमेंट सामान्य पैटर्न से अलग हो जाता है। यदि स्टूल हार्ड है, तो आपको टॉयलेट का उपयोग करने के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है। एब्डोमिनल पेन और ब्लोटिंग क्रॉनिक काॅन्सटिपेशन के लक्षण हैं।

कब्ज और कैस्टर ऑयल 

डॉ. रजनीश मोंगा कहते हैं, ‘कभी-कभी अरंडी के तेल या कैस्टर ऑयल के उपयोग से बावेल मूवमेंट में मदद मिल सकती है। कैस्टर की फलियों से अरंडी का तेल मिलता है। यद्यपि इस तेल का उपयोग कई वर्षों से नेचुरल लैक्सेटिव के रूप में किया जाता रहा है। 

वैज्ञानिकों ने हाल में यह पता लगाया है कि यह कैसे काम करता है। अन्य स्टिमुलेंट लैक्जेटिव की तरह इसमें मौजूद रिसिनोलिक एसिड इन मांसपेशियों को सिकुड़ने और रिसेप्टर्स से जुड़ने के बाद स्टूल को पास करने के लिए प्रेरित करता है। अरंडी के तेल का उपयोग पिछले कुछ वर्षों से लेबर पेन शुरू करने के लिए किया जाने लगा है, क्योंकि इसका यूट्रस पर समान प्रभाव पड़ता है।’

कब्ज से निजात पाने के लिए कैसे करें कैस्टर ऑयल का इस्तेमाल 

डॉ. रजनीश मोंगा के अनुसार, जो वयस्क कब्ज से पीड़ित हैं, वे प्रतिदिन 15 मिलीलीटर अरंडी का तेल ले सकते हैं। कैस्टर ऑयल की कूलिंग के लिए अरंडी के तेल को कम से कम एक घंटे के लिए रेफ्रिजरेटर में डाला जाता है। इसे एक गिलास फलों के रस में डालकर और मिलाकर लिया जा सकता है। 

कैस्‍टर ऑयल
इन दिनों फ्लेवर्ड कैस्टर ऑयल की मांग बढ़ी है। चित्र:शटरस्टॉक

इनके अलावा, फ्लैवर्ड कैस्टर ऑयल की भी मांग होती है। कैस्टर ऑयल का असर तेजी से होता है। इसे लेने के दो से छह घंटे बाद असर दिखना शुरू हो जाता है। सोने से पहले यदि आप कैस्टर ऑयल लेती हैं, तो बीच रात में भी यह आपकी नींद को तोड़ सकता है।

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स्मिता सिंह स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

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