लंबे समय तक भूखे रहने पर भी हो सकती है गॉल ब्लैडर में स्टोन की समस्या, एक्सपर्ट से जानिए कारण 

­यदि आप मोटापा कम करने के लिए लंबे समय तक भूखी रहती हैं, तो आप एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या को न्योता दे रही हैं। इससे आपके गॉल ब्लैडर में स्टोन होने का जोखिम भी बढ़ सकता है।

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लंबे समय तक भूखे रहने या बहुत अधिक डाइटिंग करने पर गॉल स्टोन की समस्या हो सकती है| चित्र : शटरस्टॉक
स्मिता सिंह Updated on: 10 October 2022, 17:53 pm IST
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वजन क­­­म (Weight loss) करने के लिए लोग बिना सोचे-समझे कोई भी नुस्खा अपनाने लगते हैं। कुछ लड़कियां वजन कम करने के लिए भूखे रहने को भी तैयार हो जाती हैं। बिना यह जाने, कि ये आपका वजन कम करने की बजाए आपको कई और समस्याएं दे सकता है। एक ताज़ा शाेध में यह बात सामने आई है कि लंबे समय तक भूखे रहने से गॉल ब्लैडर(पित्त की थैली) में पथरी की समस्या भी हो सकती है। आइए जानते हैं क्या है डायटिंग और गॉलस्टोन का कनैक्शन (Dieting and gallstones)। 

हालिया स्टडी से यह बात साबित हो चुकी है कि लंबे समय तक भूखे रहने पर मोटापा घटता नहीं, बल्कि बढ़ता है। भूखे रहने से आपकी सेहत को जिन स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है, उनमें गॉल ब्लैडर (पित्त की थैली) में स्टोन (Stone in Gallbladder) भी एक समस्या है। 

गॉल ब्लैडर में पथरी की समस्या (stone in gallbladder) 

आप व्यस्तता में नाश्ता स्किप कर रहीं हैं या पतले होने के लिए डाइटिंग कर रहीं हैं। असल में दोनों ही आपकी सेहत को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। इनमें वजन बढ़ना, कमजाेरी आना, चक्कर आना, फोकस कम होना के साथ ही गॉल ब्लैडर (पित्ताशय) की पथरी (Dieting and gallstones) की समस्या का जोखिम भी शामिल है। 

भूखे रहने से गॉल ब्लैडर स्टोन कैसे (How stone develop in Gallbladder) बन जाता है, यह जानने के लिए हमने नोएडा में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज के डीन और फेलो ऑफ इंडियन एसोसिएशन ऑफ गैस्ट्रोइंटेसटिनल एंड सर्जन डॉ. आशुतोष निरंजन से बात की।

कैसे काम करता है गॉलब्लैडर (Gallbladder work) 

डॉ. आशुतोष बताते हैं, “लिवर और छोटी आंत के बीच होता है गॉल ब्लैडर। यह छोटी थैली के आकार का होता है। यह लिवर के पिछले हिस्से में नीचे की ओर होता है। लिवर से भोजन को पचाने वाले एन्जाइम बाइल का स्राव होता है। लिवर और गॉल ब्लैडर के बीच एक छोटी सी नली बाइल डक्ट होती है। इससे बाइल या पित्त गॉल ब्लैडर तक पहुंच जाता है। जब शरीर में भोजन जाता है, गॉल ब्लैडर में मौजूद पित्त आंत के ऊपरी हिस्से डुएडेनिम में चला जाता है, जिससे भोजन पचाने में मदद मिलती है।”

कैसे बनता है स्टोन (How stone develop in Gallbladder)

डॉ. आशुतोष  बताते हैं, “जब गॉल ब्लैडर में बाइल नहीं होता है और यह सूखने लगता है, तो उसमें मौजूद चीनी-नमक और दूसरे माइक्रोन्यूट्रिएंट मिलकर स्टोन बनाने लगते हैं। इन्हें ही गॉल स्टोन (Gallstone) कहा जाता है।”  इसकी वजह से पेट के ऊपरी हिस्से में राइट साइड दर्द होने लगता है। गैस बनना, शरीर भारी लगना, उल्टी आना जैसे लक्षण भी दिख सकते हैं।

डाइटिंग और एक्सरसाइज न करना हो सकता है गॉल स्टोन का कारण 

डॉ. आशुतोष कहते हैं कि आप लंबे समय तक भूखी रहती हैं। व्रत उपवास के दौरान न के बराबर खाती हैं। नाश्ता-भोजन स्किप करती रहती हैं या अधिक तेल-मसाले वाले भोजन का सेवन करती हैं, तो आपको गॉल स्टोन की समस्या हो सकती है।

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गॉलब्लैडर स्टोन से बचाव के लिए जरूरी है नियमित फिजिकल एक्सरसाइज। चित्र: शटरस्टॉक

आप नियमित रूप से एक्सरसाइज नहीं कर पातीं या बिल्कुल भी एक्टिव नहीं रहतीं, तो भी आप इस समस्या से पीड़ित हो सकती हैं। किसी भी प्रकार की हार्मोनल थेरेपी या बर्थ कंट्रोल करने वाली पिल्स का सेवन लंबे समय से कर रही हैं, तो इस समस्या के होने की आशंका बढ़ जाती है।  

कब करना चाहिए डॉक्टर से सम्पर्क

यदि आपको पेट में दांयी ओर दर्द हो या शरीर भारी लगे, तो डॉक्टर से तुरंत मिलें।

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पेट में दर्द गॉल स्टोन के कारण हो सकता है। चित्र:शटरस्टॉक

यदि स्टोन फार्मेशन फर्स्ट फेज में होगा, तो संभव है कि दवाओं से इसे खत्म किया जा सकेगा। यदि स्थिति गंभीर होगी तो सर्जरी कर स्टोन को निकाला जा सकेगा। 

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लेखक के बारे में
स्मिता सिंह स्मिता सिंह

स्वास्थ्य, सौंदर्य, रिलेशनशिप, साहित्य और अध्यात्म संबंधी मुद्दों पर शोध परक पत्रकारिता का अनुभव। महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और नए नजरिए से उन पर काम करना, यही लक्ष्य है।

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