जानिए नई मां के लिए कैसे लाभदायक है फिजियोथिरेपी

मां बनने पर शरीर में कई तरह के बदलाव आते है, इसलिए नई मां के लिए फिजियोथिरेपी का सुझाव दिया जाता है।
फिजियोथेरेपिस्ट (physiotherapist) लोगों की मदद करने में भी एक विशिष्ट भूमिका निभाते हैं. चित्र : शटरस्टॉक
टीम हेल्‍थ शॉट्स Updated on: 7 Jun 2022, 10:42 am IST
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मां बनना हर महिला के लिए एक बड़े बदलाव की तरह है। इस दौरान हर चीज बदलने लगती है, खासकर पोस्टपार्टम पीरियड् के पहले 6 सप्ताह सबसे कठीन होते हैं। बल्कि ऐसे समय में कई तरह के शारीरिक लक्षण सामने आने लगते हैं। कुछ लक्षण जैसे कि कमर और बाजुओं में दर्द। यह लगातार स्तनपान कराने के कारण हो सकता है। अन्य लक्षण जिस पर नई मां को ध्यान देना चाहिए वो है फ्लॉपी टम्मी (Floppy Tummy)।

थोड़ी भी शारीरिक गतिविधि जैसे कि कमरें में थोड़ी चेहल कदमी करना, कुछ समय अकेले रहना, प्रकृति में घुनमा, अच्छे गाने सुन्ना आदि आपकी मदद कर सकते हैं। इस दौरान नई माताएं  फिजियोथिरेपिस्ट की मदद भी ले सकती हैं, जो उनके अनुसार कुछ कस्टमाईज एक्सरसाईज बता सकें, जिससे डिलिवरी के बाद होने वाले लक्षणों से उबरने में मदद मिल सकें।

न्यू मॉम्स के लिए फिजियोथिरेपी

हाल ही में हुए शोध के अनुसार, पोस्टपार्टम एक्सरसाइज नई माताओं की एरोबिक फिटनेस, इनसुलिन सेन्सिविटी और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर बनाने में मदद करती है। किसी भी मेडिकल कोम्प्लिकेशन की अनुपस्थति होने पर पोस्टनेटन पीरीयड्स में एक्सरसाइज करना ज़रूरी होता है।

कई बार नई माताएं गर्दन और कमर के उपरी भाग में दर्द महसूस करती है। इसका कारण स्तनपान कराते वक्त गलत पोस्चर होना है। ऐसी परिस्थति में एक फिजियोथिरेपिस्ट स्टरेचिंग और पोस्चर सही करने वाली एक्सरसाइज सें आपकी मदद कर सकता है। साथ ही लम्बें समय तक स्तनपान के लिए कुछ सही और आरामदायक पॉस्चर भी बता सकता है।

फिजियोथिरेपिस्ट डायटेसिस रेक्टि (यानी गर्भावस्था के दौरान पेट की मांसपेशियों का अलग होना) का ध्यान भी रखता है, जो कि पोस्ट डिलिवरी के रास्ते को बंद करने के लिए बेहद जरुरी है। इसके कारण कई परेशानियां आ सकती हैं जैसे कि लगातार कमर में दर्द रहना और फ्लॉपी टम्मी।

नई मां के लिए कैसे फायदेमंद है फिजियोथैरेपी. चित्र : शटरस्टॉक

मदद लेने से कभी न घबराएं

सभी मांओं को अपने बच्चों के साथ – साथ खुद का भी ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि यदि आप खुश और स्वस्थ रहेंगी तभी अपने बच्चों का ध्यान रख पाएंगी।

अंत में…जरुरत पड़ने पर सभी नई माताओं को मदद मांगने से नहीं घबराना चाहिए। ऐसी कई  चीजें है, जिन्हें आप अपने परिवार और दोस्तो में बांट सकती हैं। इसलिए मातृत्व को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं क्योंकि यहां कई लोग है, जो आपके साथ अपने एक्सपिरिंस बांट सकते है।

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