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वेलेंटाइन्स डे पर पार्टनर के साथ डेट प्‍लान कर रहीं हैं, तो कोरोनावायरस के बारे में जान लेना भी है जरूरी

Updated on: 10 February 2021, 14:02pm IST
हां, ये सच है! वैलेंटाइन्‍स डे भी कोरोनावायरस की काली छाया से बच नहीं पाया है। अगर आप सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो वर्चुअल सेलिब्रेशन अब भी ज्‍यादा बेहतर है।
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ
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आपको अभी भी कोरोना सुरक्षा गाइडलाइंस का पालन करना होगा। चित्र : शटरस्टॉक
आपको अभी भी कोरोना सुरक्षा गाइडलाइंस का पालन करना होगा। चित्र : शटरस्टॉक

विश्व में कोरोना महामारी है और वैलेंटाइन्स डे आ रहा है, ऐसे में अपने पार्टनर से शारीरिक नज़दीकियां बढ़ना लाज़मी है। लेकिन क्या ये नज़दीकी आपको कोविड- 19 के जोखिम में डाल सकती है? शायद हां.. क्योंकि कोरोना वायरस एक रेस्पिरेटरी सिंड्रोम है। और अभी तक यह पूरी तरह काबू नहीं किया जा सका है।

क्या कहती है गाइडलाइन्स

रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (Centers for Disease Control and Prevention Trusted Source, CDC) के अनुसार जो लोग वर्तमान में कोरोना के लक्षणों का अनुभव नहीं कर रहे हैं, उन्‍हें भी एक- दूसरे से कम से कम 6 फीट (1.83 मीटर) की दूरी बना कर रखनी चाहिए।

साथ ही यह भी सिफारिश की गई है कि सार्वजनिक स्थान पर लोग चुंबन या आलिंगन करने से बचना चाहिए। ऐसा करने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

सार्वजानिक स्थान पर चुम्बन बढ़ा सकता है कोरोना वायरस का खतरा। चित्र : शटरस्‍टॉक
सार्वजानिक स्थान पर चुम्बन बढ़ा सकता है कोरोना वायरस का खतरा। चित्र : शटरस्‍टॉक

क्या कोरोना काल में सेक्‍स आपको कोविड-19 के जोखिम में डाल सकता है?

डॉ. एरिक मिज़ुनो जो शिकागो में वीस मेमोरियल हॉस्पिटल में एक बोर्ड प्रमाणित इंटर्निस्ट हैं। वे बताते हैं कि “कोरोना वायरस एक रेस्पिरेटरी वायरस है, जो रेस्पिरेटरी ड्राप्लेट्स की वजह से फैलता है। अर्थात ये खांसने, छींकने, थूकने या इसी तरह के फिजिकल टच से फ़ैल सकता है।”

कैसे इस दौरान सेक्‍स हो सकता है जोखिम भरा

डॉ. मिजुनो इसे और विस्‍तार से समझाते हैं, “ये सेक्सुअली ट्रांसमिटेड नहीं है, लेकिन, अगर एक व्यक्ति को फ्लू होता है और आप उसके साथ रहते हैं, तो आपको भी फ्लू हो सकता है। इसी तरह से आपके कोरोना वायरस से संक्रमित होने का जोखिम भी बढ़ जाता है।

चीन में एक अध्ययन में कुछ रोगियों के स्पर्म में वायरस के निशान पाए गए थे, जो COVID-19 से ठीक हो चुके थे। हालांकि, अभी इसके बारे में शोध होना बाकी है।”

पीसीओएस एसओएस : ए स्त्री रोग विशेषज्ञ और लाइफलाइन टु नेचुरली रिदम, हॉर्मोन्स एंड हैप्पीनेस की निर्माता डॉ फेलिस गेरश कहती हैं, “ नॉवेल कोरोना वायरस की बढ़ती वजह संभोग नहीं है, बल्कि आपके शरीर का करीब होना है।”

कोरोनाकाल में साथ रहने वाले जोड़े हैं ज्यादा सुरक्षित। चित्र: शटरस्टॉक
कोरोनाकाल में साथ रहने वाले जोड़े हैं ज्यादा सुरक्षित। चित्र: शटरस्टॉक

साथ रहने वाले जोड़े हैं ज्‍यादा सुरक्षित

गेर्श के अनुसार, “साथ रह रहे पार्टनर के साथ सेक्स करना ज्‍यादा सुरक्षित है, बजाए किसी ऐसे व्यक्ति के साथ सेक्स करना, जिसे आप अच्छी तरह से जानती नहीं हैं। या जिससे मिलने के लिए आपको यात्रा करनी पड़ रही है।”

“एक बिस्तर साझा करने वाले जोड़ों के लिए, यह संभावना अधिक है कि अगर एक व्यक्ति को कोरोनोवायरस होता है, तो दूसरा व्यक्ति भी संक्रमित हो जायेगा।

केवल मास्‍क नहीं है सुरक्षा की गारंटी

अगर आप सोचते हैं कि केवल मास्क लगा लेने से आप कोविड संक्रमण से बच सकती हैं, तो यह गलत है। यदि आपके पार्टनर, शहर से बाहर हैं तो आप दोनों का मिलना स्वाभाविक है। मगर आपको ऐसे में संभोग करने से बचना चाहिए। बाहर से आया हुआ व्यक्ति संक्रमण का खतरा साथ ला सकता है। इसीलिए अपनी भावनाओं पर काबू कर संभोग करने से बचें।

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ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।