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आयुर्वेद में औषधीय फूल है है कचनार, कैंसर के जोखिम को कम करने के साथ ही ये लाभ भी देता है कचनार

Published on:25 March 2021, 19:30pm IST
यह फूल जितना सुंदर होता है, उतना ही महत्‍वपूर्ण भी हैं। जानिए आयुर्वेद में क्‍या हैं इस औषधीय पौधे के लाभ।
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ
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कचनार के हैं ढ़ेरों स्वास्थ्य लाभ, इसे आहार में शामिल करें. चित्र : शटरस्टॉक
कचनार के हैं ढ़ेरों स्वास्थ्य लाभ, इसे आहार में शामिल करें. चित्र : शटरस्टॉक

कचनार के बारे में आपने ज़रूर सुना होगा और इसके फूल दिखने में बेहद आकर्षक होते हैं। हालांकि यह सब्जी के रूप में काफी कम घरों में बनाई जाती है, लेकिन, इसके कई औषधीय लाभ हैं। जिनके बारे में आपको ज़रूर जानना चाहिए। कचनार के फूल से लेकर इसकी छाल तक, सब आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक हैं। इसका सेवन कई तरह की बीमारियों को दूर करने के लिए भी किया जाता है।

बायो-मेड रिसर्च इंटरनेशनल के एक ऑनलाइन जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार कचनार के अर्क में मौजूद फाइटोकेमिकल्स में मानव कैंसर कोशिका लाइनों के खिलाफ शक्तिशाली जीवाणुरोधी गतिविधि और साइटोटोक्सिक क्षमता है। इसके अलावा, कचनार के पत्तों के अर्क में इसकी ओक्सीडेटिव डैमेज को कम करने की क्षमता होती है। जो कैंसर का एक बड़ा कारक है।

1 पाचन तंत्र में सुधार

पेट में गैस की समस्या होने पर आप कचनार की छाल का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं। बस कचनार की छाल को पानी में डालें और आधा चम्मच अजवाइन मिलाकर इसे अच्छे से उबाल लें। सुबह-शाम भोजन करने बाद इसका सेवन करने से पेट फूलना, गैस, पेट दर्द आदि की तकलीफ दूर होती है।

2 रक्त को साफ करे

कचनार का सेवन करने से रक्त साफ होता है। इसके फूलों का काढ़ा बनाकर पीने से बॉडी नैचुरली डिटॉक्‍स हो जाती है। जब आपका खून साफ रहेगा, तो अन्य बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। त्वचा संबंधी समस्याएं जैसे दाग-धब्बे और मुंहासे दूर रहते हैं। इसके अलावा रक्त विकार जैसे- दाद, खाज-खुजली, एक्जीमा, आदि के लिए भी कचनार की छाल का उपयोग किया जाता है।

कचनार को आहार में शामिल करें यह रक्त साफ़ करती है . चित्र : शटरस्टॉक
कचनार को आहार में शामिल करें यह रक्त साफ़ करती है . चित्र : शटरस्टॉक

3 स्किन डिजीज से बचाव

कचनार आपकी त्वचा के लिए काफी फायदेमंद है, क्योंकि यह आपके रक्त को साफ करती है और किसी भी तरह के संक्रमण से बचाव करने में मदद करती है। इसमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एस्ट्रींजेंट गुण स्किन अल्सर को दूर रखते हैं और आपकी त्वचा को साफ करने में मदद करते हैं।

4 सर्दी-खांसी से बचाव

सर्दी-खांसी से राहत पाने के लिए आप कचनार के फूलों से तैयार किये हुए काढ़े का सेवन कर सकते हैं। दिन में दो बार कचनार के फूल के काढ़े का सेवन करने से सर्दी-खांसी से जल्द राहत मिल सकती है। ये अस्थमा के मरीजों के लिए भी बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है।

5 मुंह के छाले का होगा इलाज

अगर आप मुंह के छालों से परेशान हैं, तो कचनार की छाल से बने काढ़े से दिन में 2-3 बार कुल्ला करें। इससे मुंह के छालों में काफी राहत मिल सकती है। काढ़ा तैयार करने के लिए 1 लीटर पानी में करीब 50 ग्राम कचनार की छाल मिलाकर उबालें। अच्छी तरह से पानी उबलने के बाद इसे मुंह में कुछ देर रखें। ऐसा करने से आपको मुंह के छालों से तुरंत राहत मिलेगी।

बोन हेल्‍थ का ख्‍याल रखने के लिए आहार में कचनार शामिल करें ।चित्र: शटरस्‍टॉक
बोन हेल्‍थ का ख्‍याल रखने के लिए आहार में कचनार शामिल करें ।चित्र: शटरस्‍टॉक

6 जड़ों के दर्द से राहत

जड़ों के दर्द में उठने-बैठने और चलने में काफी ज्यादा परेशानी होती है। ऐसे में कचनार का सेवन करने से राहत मिल सकती हैं। इससे अर्थराइटिस जैसी परेशानी में भी आराम मिल सकता हैं और पैरों की सूजन कम हो सकती है क्योंकि इसमें एंटी-इन्फ्लामेंट्री गिन मौजूद होते हैं। इसमें चलने, शरीर में किसी तरह की परेशानी होने पर कचनार का सेवन करें। इससे सूजन की परेशानी से राहत पा सकते हैं।

7 मधुमेह को नियंत्रित करे

मधुमेह रोगियों का ब्लड शुगर लेवल नियंत्रण में रहना बेहद ज़रूरी होता है। कचनार में मौजूद एंटी-डायबिटिक गुण शरीर में ब्लड शुगर के लेवल को नियंत्रित करते हैं जिससे, ह्रदय रोग और कई तरह की बीमारियों के जोखिम से भी बचा जा सकता है।

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ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।