Appendicitis : जानिए क्या है पेट में तेज दर्द के साथ होने वाली यह समस्या

आपने बहुत से लोगों से अपेंडिक्स के दर्द और उसकी सर्जरी के बारे में सुना होगा। ये अचानक और बहुत तेज दर्द के साथ पेश आने वाली समस्या है। पर क्या शरीर में इसकी कोई जरूरत नहीं है?

Appendicitis
बॉडी में अपेंडिक्स का होना बेहद जरूरी है। चित्र: शटरस्टॉक
निशा कपूर Published on: 29 August 2022, 19:03 pm IST
  • 148

किसी भी व्यक्ति के स्वस्थ रहने के लिए बेहद जरूरी है उसके पेट का स्वस्थ रहना। यदि पेट से संबंधित कोई भी परेशानी होती है, तो उसका प्रभाव पूरे शरीर पर होता है। मगर पेट के भीतर कौन-कौन से अंग काम करते हैं और वे कैसे अपनी भूमिका निभाते हैं, बहुत सारे लोग इस बारे में नहीं जानते। पाचन तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करने वाला ऐसा ही एक अंग है अपेंडिक्स। ज्यादातर लोग इसे शरीर का गैरजरूरी अंग मानते हैं और निकलवाने की सलाह देते हैं। पर क्या वास्तव में ऐसा है? आइए जानते हैं अपेंडिक्स (Appendix) और उसमें होने वाली समस्या अपेंडिसाइटिस (appendicitis) के बारे में सब कुछ।

अपेंडिक्स क्या है और इसकी हमारे शरीर में क्या उपयोगिता है, यह जानने के लिए हमने बात की सिल्वर लाइन हॉस्पिटल में सर्जन डॉ. शोएब इक़बाल से।

क्या है अपेंडिक्स?

डॉ इकबाल के मुताबिक बॉडी में अपेंडिक्स का होना बेहद जरूरी है। यह छोटी आंत और बड़ी आंत के बीच मौजूद एक ऑर्गन है। जिसका आकार शहतूत के जितना होता है। यह आंतों से बाहर की तरफ निकला रहता है। इस ऑर्गन में डाइजेशन के लिए अच्छे बैक्टीरिया जमा होते रहते हैं।

इसमें कई बार इन्फेक्शन की वजह से अपेंडिसाइटिस नामक बीमारी हो जाती है। जिसके चलते असहनीय दर्द होता है।

appendix.jpg
इन्फेक्शन की वजह से होती है अपेंडिसाइटिस बीमारी। चित्र: शटरस्टॉक

शरीर में जरूरी है अपेंडिक्स या गैरजरूरी?

पहले डॉक्टर्स का मानना था कि अपेंडिक्स बॉडी के लिए एक अनुपयोगी ऑर्गन है और इसका कोई प्रयोग नहीं है। लेकिन एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की रिसर्च के मुताबिक, एक हेल्दी बॉडी के लिए अपेंडिक्स भी आवश्यक ऑर्गन है।

इसमें डाइजेस्टिव सिस्टम के लिए गुड बैक्टीरिया जमा होते हैं, जो डाइजेशन में मदद करते हैं। जब हमारी बॉडी में लंबी बीमारी की वजह से बैक्टीरिया की कमी हो जाती है, तो अपेंडिक्स का कार्य डाइजेस्टिव सिस्टम को ठीक रखना होता है।

तब क्या है अपेंडिसाइटिस में होने वाला दर्द?

आंतों में इन्फेक्शन, कब्ज, पेट में पलने वाले खराब बैक्टीरिया के बढ़ने की वजह से अपेंडिक्स में सूजन या इसकी नली में रुकावट आ जाती है। इसे अपेंडिसाइटिस (appendicitis) कहा जाता है। अगर लंबे वक़्त तक अपेंडिक्स की समस्या को नज़रअंदाज़ किया जाए, तो यह फट भी सकता है और जानलेवा साबित हो सकता है।

यहां जानिए अपेंडिसाइटिस (appendicitis) के प्रकार

एक्यूट अपेंडिसाइटिस – एक्यूट अपेंडिसाइटिस एक प्रकार की गंभीर और अचानक से शुरू होने वाली समस्या है। इसके लक्षण एक-दो दिन में ही बढ़ सकते हैं। एक्यूट अपेंडिसाइटिस का इलाज तुरंत करने की जरूरत होती है। अगर वक़्त पर इलाज न किया जाए, तो अपेंडिक्स फट भी सकता है। इससे अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

क्रोनिक अपेंडिसाइटिस – क्रोनिक अपेंडिसाइटिस की परेशानी एक्यूट अपेंडिसाइटिस की तुलना में बहुत कम होती है। इस अपेंडिसाइटिस के एक बार ठीक होने के बाद फिर से होने की आशंका कम ही होती है। क्रोनिक अपेंडिसाइटिस का निदान करना मुश्किल हो सकता है। कभी-कभी तो इसकी पहचान करना काफी कठिन हो जाता है। इस प्रकार का अपेंडिसाइटिस ज्यादा नुकसानदायक हो सकता है।

क्या हो सकते हैं अपेंडिसाइटिस के लक्षण

अपेंडिसाइटिस का सबसे आम लक्षण पेट में बहुत तेज दर्द होना है। यह दर्द अचानक से बढ़ भी सकता है और खांसने, छींकने या तेज सांस लेने पर और अधिक कष्टदायक हो सकता है। इसके अलावा भी अपेंडिक्स में होने वाली इस समस्या के कुछ लक्षण हैं।

Pet dard ka kaaran ban sakta hai sankramn
संक्रमण पेट दर्द का कारण बन सकता है। चित्र : शटरस्टॉक
  • पेट में बहुत दर्द होना
  • भूख न लगना
  • मतली
  • उल्टी
  • कब्ज या दस्त
  • बुखार होना
  • गैस संबंधी परेशानी
  • पेट में सूजन होना
  • मल त्याग करने में परेशानी होना

क्या इस समस्या से बचा जा सकता है?

अपेंडिक्स की बीमारी से बचने के लिए आवश्यक है कि अधिक से अधिक फाइबर्स वाले फूड, ग्रीन वेजिटेबल्स, सलाद वगैरह खाएं। पानी भरपूर मात्रा में पिएं। जंक फूड, स्मोकिंग ड्रिंकिंग को बिल्कुल अवॉयड करें।

हेल्दी लाइफस्टाइल आपके डाइजेस्टिव सिस्टम को दुरूस्त रखता है, जिससे आप अपेंडिक्स में होने वाले दर्द अथवा अपेंडिसाइटिस (appendicitis) से बची रहती हैं।

Green goodness salad health ke liye behad faydemand hai.
ग्रीन गुडनेस सलाद हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद है। चित्र : शटरस्टॉक

क्या है उपचार?

डॉ. इक़बाल के मुताबिक, यदि डॉक्टर को इस बात की आशंका होती है कि मरीज को अपेंडिसाइटिस है, तो वह पेट का अल्ट्रासाउंड करवाने का सुझाव दे सकता है। अल्ट्रासाउंड के जरिए अपेंडिक्स में सूजन या फिर किसी अन्य प्रकार की समस्या का पता लगाया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर अल्ट्रासाउंड की जगह सीटी स्कैन करवाने के लिए कह सकते हैं।

अपेंडिक्स के इलाज में इंजेक्शन की सहायता से इसमें मौजूद पस को बहार निकाला जा सकता है।
एंटीबायोटिक दवाओं का इस्तेमाल कर अपेंडिक्स की समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है, क्योंकि यह परेशानी अमूमन संक्रमण की वजह से ही होती है।
अपेंडिक्स की स्थिति में तेज दर्द हो सकता है। ऐसे में दर्द को कम करने वाले दवाई के इस्तेमाल से इस परेशानी को कम किया जा सकता है।
आहार में तरल पदार्थ की मात्रा को बढ़ाकर अपेंडिक्स के इलाज को बढ़ावा दिया जा सकता है।
अपेंडिक्स की गंभीर हालत में डॉक्टर सर्जरी का सुझाव देते हैं। अपेंडिक्स के इलाज के लिए दो प्रकार की सर्जरी की जाती है।

लेप्रोस्कोपिक सर्जरी- इस सर्जरी के वक़्त सर्जन कई छोटे- छोटे चीरे के माध्यम से अपेंडिसाइटिस को हटाने का कार्य करता है। लैप्रोस्कोपिक सर्जरी में कम जटिलताएं होती हैं और इसमें रिकवरी भी जल्दी होती है।

लैपरोटोमी सर्जरी- इस सर्जरी में डॉक्टर पेट के दाई ओर निचले भाग में एक चीरा लगाकर अपेंडिसाइटिस को हटा देते हैं।

सर्जरी की मदद से अपेंडिसाइटिस को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। सर्जरी के बाद दैनिक जीवन में अधिक बदलाव करने की आवश्यकता भी नहीं होती है। फिर भी सर्जन लैपरोटॉमी सर्जरी के बाद 10 से 14 दिन तक और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के बाद 3 से 5 दिन के लिए शारीरिक गतिविधि को कम करने की सलाह देते हैं, क्योंकि ऐसा न करने पर अपेंडिक्स का दर्द फिर से शुरू हो सकता है।

यह भी पढ़े: स्किन डैमेज का कारण बन सकते हैं ये 5 DIY हैक्स, सोच-समझकर करें इस्तेमाल

  • 148
लेखक के बारे में
निशा कपूर निशा कपूर

देसी फूड, देसी स्टाइल, प्रोग्रेसिव सोच, खूब घूमना और सफर में कुछ अच्छी किताबें पढ़ना, यही है निशा का स्वैग।

पीरियड ट्रैकर

अपनी माहवारी को ट्रैक करें हेल्थशॉट्स, पीरियड ट्रैकर
के साथ।

ट्रैक करें
nextstory