Fatty liver disease: चेहरे की त्वचा पर ये 5 लक्षण, हो सकते हैं गंभीर समस्या के संकेत, ऐसे करें उपचार

नॉन एल्कोहलिक फैटी लीवर कई बार चेहरे पर होने वाली मुहांसों और रैशिज़ का कारण भी साबित हो सकता है। खराब लाइफस्टाइल के कारण दुनिया भर में तेज़ी से बढ़ रही इस बीमारी के ये 5 शुरूआती लक्षण चेहरे पर नज़र आने लगते हैं।
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सर्दियां ड्राई स्किन के साथ शुरु होती हैं, जो आपकी स्किन में सीबम उत्पादन को बढ़ाती है। चित्र अडोबी स्टॉक
ज्योति सोही Updated: 23 Oct 2023, 09:14 am IST
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कमज़ोरी महसूस होना, आंखों का रंग पीला पड़ना और चेहरे पर होने वाली मुहांसों में जलन फैटी लीवर डिज़ीज़ (Fatty liver disease) के शुरूआती लक्षण साबित हो सकते है। एनसीबीआई के मुताबिक नॉन अल्कोहलिक फैटी लीवर डिज़ीज (NAFLD) इस वक्त दुनियाभर में सबसे बड़ी क्रोनिक लीवर बीमारी बनकर उभर रही है। विश्वस्तर पर 25 प्रतिशत लोग इसकी चपेट में है। मोटापा, टाइप 2 मधुमेह और मेटाबॉलिक सिंड्रोम के कारण इसका प्रसार तेज़ी से हो रहा है। फैटी लीवर दो प्रकार का होता है। एक अल्कॉहलिक (Alcoholic fatty liver) और दूसरा नॉन अल्कॉहलिक फैटी लीवर (Nonalcoholic fatty liver) । जानते हैं फैटी लीवर डिज़ीज़ (Fatty liver disease) के कारण, लक्षण और उपचार सब कुछ इस लेख में।

फैटी लीवर (Fatty liver) क्या है

फैटी लीवर यानि वो अवस्था जब लीवर पर फैट अधिक मात्रा में जमा होने लगते हैं। इसका सेहत पर दुष्प्रभाव नज़र आने लगता है। इससे लीवर खराब होने का खतरा बना रहता है। देखते ही देखते शरीर फैटी लीवर डिजीज यानि एफएलडी से ग्रस्त हो जाता है। एनसीबीआई के मुताबिक बॉडी में फैट्स जब लीवर के वेट से 10 फीसदी ज्यादा बढ़ जाता है। उस दशा में लीवर सुचारू रूप से कार्य नहीं कर पाता है। गलत इटिंग हेब्टिस इसका सबसे मुख्य कारण है।

फैटी लीवर के कारण (Reasons of Fatty liver)

गलत खान पान

शरीर का ज्यादा वज़न बढ़ना

ब्लड शुगर लेवल का हाई होना

खून में फैट की मात्रा का बढ़ना

हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों में इसकी आंशका ज्यादा बढ़ जाती है।

फैटी लीवर के चेहरे की त्वचा पर दिखने वाले सामान्य लक्षण

यदि हमारे भोजन में शुगर और फैट अधिक हैं, तो यह नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज को बढ़ावा देता है।

1. मुंह में छाले होना

फैटी लीवर की बीमारी से ग्रस्त होने के कारण शरीर जिंक जैसे पोषक तत्वों को आसानी से एब्जॉर्ब नहीं कर पाता है। ये हमारे शरीर में पोषक तत्वों का एक संकेत मात्र होता है। ऐसी सिचुएशन में मुंह में चारों ओर छाले दिखने लगते हैं। ये डर्मेटाइटिस की सूजन का कारण बन सकती है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के एक रिसर्च के मुताबिक एक अध्ययन में कहा गया है कि डर्मेटाइटिस की समस्या जिंक की कमी के कारण होती है। इसमें त्वचा पर जलन और खुजली महसूस होने लगती है।

2. मुहांसों का निकलना

किशोरावस्था में हार्मोनल बदलाव के चलते चेहरे पर मुंहासों का निकलना एक आम बात है। इसके अलावा कई बार फैटी लिवर भी इस समस्या का कारण सिद्ध हो सकता है। एनएचएस के मुताबिक अगर मुहांसों में खुजली, दर्द या रेडनेस बने लगती है, तो ये इस बात की ओर इशारा करता है कि आपकी लीवर ठीक नहीं हैं। लीवर जब टॉक्सिक पदार्थों से भर जाता है, तो उससे स्किन पर जलन महसूस होने लगती है।

3. पीलिया के लक्षण

इस बीमारी में जहां आपकी स्किन सफेद पड़ने लगती है, तो वहीं आंखों में पीलापन नज़र आने लगता है। दरअसल, पीलिया की शिकायत बॉडी में बिलीरुबिन नामक पीले पदार्थ के निर्माण के कारण होती है। ये इस बात की ओर इशारा करता है कि आपको लीवर से संबधित परेशानी है।

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4.चेहरे पर सूजन

लीवर के फैटी होने से बॉडी में प्रोटीन बनाने की क्षमता घटने लगती है। इससे हमारा ब्लड फ्लो और फ्लूइड रिमूवल सिस्टम प्रभावित होने लगता है। नतीजन चेहरे पर सूजन दिखने लगती है।

5.खुजली का होना

बॉडी में बाइल साल्ट यानि पित्त लवण कि बढ़ने से चेहरे समेत शरीर के अन्य अंगों में खुजली महसूस होने लगती है। इसके अलावा जलन का भी अनुभव होने लगता है।

फैटी लीवर का कैसे करें उपचार

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एक चौथाई आबादी फैटी लिवर डिजीज से ग्रस्त है। चित्र: शटरस्टॉक

1. एक्सरसाइज है ज़रूरी

इन मरीजों के लिए व्यायाम बेहद ज़रूरी है। वज़न घटने से शरीर में मरीजों को जल्दी राहत मिलती है। ऐसे में दिनभर में से 30 मिनट व्यायाम के लिए ज़रूर निकालें।

2. हेल्दी फूड खाएं

ऐसे व्यक्ति को मौसमी फलों और सब्जियों का सेवन करना चाहिए। इसके अलावा होलग्रेन वीट और अन्य पोषक तत्वों को अपनी डाइट का हिस्सा बनाना चाहिए।

3. वज़न घटाएं

हेल्थ हार्वर्ड के मुताबिक बॉडी वेट का 5 फीसदी घटाकर लीवर के फैट का आसानी से कम किया जा सकता है। वहीं शरीर के वजन के 7 से 10 फीसदी तक कम होने से लीवर सेल्स में सूजन और चोट का जोखिम कम होने लगता है। इसके लिए जल्दबाज़ी न दिखाएं बल्कि हर सप्ताह 1 से 2 पाउंड वज़न घटाने की कोशिश करें। तेज़ी से वज़न घटाने से फाइब्रोसिस खराब होने का खतरा रहता है।

4. स्मोकिंग न करें

रेगुलर स्मोकिंग करने से दिल का दौरा पड़ने और स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बने लगता है। इसके अलावा ज्यादा मात्रा में अल्कोहल इनटेक से भी बचें। दरअसल, अधिक शराब अल्कोहलिक लीवर डैमेज का कारण बन सकता है।

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लेखक के बारे में

लंबे समय तक प्रिंट और टीवी के लिए काम कर चुकी ज्योति सोही अब डिजिटल कंटेंट राइटिंग में सक्रिय हैं। ब्यूटी, फूड्स, वेलनेस और रिलेशनशिप उनके पसंदीदा ज़ोनर हैं। ...और पढ़ें

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