थकान मिटाने के साथ आपकी याद्दाश्‍त भी बढ़ाती है पॉवर नैप, यहां हैं झपकी लेने के 4 फायदे

पॉवर नैप यानी दिन में ली गई नींद की एक ऐसी झपकी जो आपको फि‍र से तरोताजा कर देती है। एक सर्वे के अनुसार अमेरिका में एक तिहाई वयस्क दिन में पॉवर नैप लेते हैं।
Power-nap-1 (1)
दिन में लंबे समय तक सोना अच्छी आदत नहीं है। चित्र: शटरस्टॉक
विदुषी शुक्‍ला Updated: 10 Dec 2020, 12:16 pm IST
  • 67

सभी नैप एक समान नहीं होती हैं, इसलिए यह जानना जरूरी है कि नैप कितनी देर लेनी चाहिए और क्या है पॉवर नैप लेने का सही तरीका।

आपको कितनी देर नैप लेनी चाहिए?

पॉवर नैप से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण बात है नींद की अवधि। ‘द इफैक्‍ट ऑफ नैपिंग ऑन कॉग्निटिव फंक्शनिंग’ नामक 2010 की एक स्टडी में पाया गया कि 5 मिनट सोना पर्याप्‍त नहीं है। क्योंकि इतनी छोटी अवधि में दिमाग आराम की स्थिति में नहीं पहुंच पाता। वहीं 30 मिनट या ज्यादा सोने से आप गहरी नींद में पहुंच जाते हैं, जिससे उठने पर आपको चिड़चिड़ापन महसूस होता है।

इसे स्लीप इनर्शिया कहते हैं, जो एक घण्टे तक हो सकता है। अगर आधे घंटे सोने पर आपको एक घण्टे असहज महसूस हो रहा है, तो यह तो नुकसान ही हुआ। स्टडी के मुताबिक 15 से 20 मिनट की नैप परफेक्ट होती है। इससे आप फ्रेश महसूस करते हैं और दिमाग भी आराम कर पाता है।

क्या हैं पॉवर नैप के फायदे?

झपकी कितनी देर की होनी चाहिए? चित्र: शटरस्‍टॉक

1. दिन की थकान कम करती है

जब आप सोती हैं, आपका दिमाग आराम करता है। इसी आराम से दिमाग को दिन भर काम करने की शक्ति मिलती है। सुबह जब हम उठते हैं, तो दिमाग फ्रेश होता है, लेकिन दिन भर के काम से दिमाग थक जाता है। ऐसा होने पर शाम तक आते-आते आप पूरी तरह पस्त पड़ जाते हैं। अगर आप दिन में बीच में पॉवर नैप लेते हैं तो आपका दिमाग रिचार्ज हो जाता है और आप शाम तक बेहतर काम कर पाते हैं।

2. सीखने की क्षमता बढ़ाती है पॉवर नैप

प्रोग्रेस इन ब्रेन रिसर्च नामक जर्नल में प्रकाशित स्टडी में पाया गया है कि नींद की कमी दिमाग की सीखने की क्षमता को प्रभावित करती है। ऐसा टीनेज बच्चों में खासतौर पर देखा गया है। नींद की कमी दिमाग को जानकारी प्रोसेस करने में अड़चन पैदा करती है और पढ़ी हुई चीज याद भी नहीं रहती। यही कारण है कि यदि दिन में पॉवर नैप ले ली जाए, तो दिमाग की सीखने की क्षमता बढ़ जाती है।

नींद हमारे शरीर से ज्यादा हमारे दिमाग के लिए जरूरी होती है।चित्र-शटरस्‍टॉक

3. पॉवर नैप से याद्दाश्त होती है बेहतर

दिन में पॉवर नैप लेने से याद्दाश्त भी इम्प्रूव होती है। जब दिमाग को आराम मिल चुका होता है, तो न्यूरॉन्स की क्षमता बढ़ जाती है। यही कारण है कि आप फ्रेश महसूस करते हैं और समझने और याद रखने की क्षमता बढ़ जाती है।
जब आप पॉवर नैप लेते हैं, तो न्यूरॉन एक्टिविटी शांत हो जाती है और दिमाग को रिचार्ज होने का समय मिलता है। यही नहीं, उठने के तुरन्त बाद आपको बेहतर याद रहता है। यही कारण है कि सुबह उठ कर पढ़ना देर रात तक पढ़ने से ज्यादा फायदेमंद होता है।

4. काम की परफॉर्मेंस बढ़ती है

हम में से अधिकांश लोग 8 से 9 घण्टे ऑफिस का काम करते हैं, चाहें वह ऑफिस जाना हो या आजकल घर से काम करना। 9 घण्टे लगातार काम करने के लिए दिमाग को आराम भी चाहिए होता है। जर्नल वर्क एनवायरनमेंट हेल्थ में प्रकाशित लेख के अनुसार अगर व्यक्ति को चार घण्टे के बाद एक 20 मिनट की पॉवर नैप मिल जाये तो दिन के सेकंड हाफ में परफॉर्मेंस 35 से 40 प्रतिशत बढ़ जाती है।

कितनी देर दिन में सोना आपके लिए फायदेमंद है यह जानना जरूरी है। चित्र- शटरस्टॉक। चित्र- शटरस्टॉक।

हमेशा फायदेमंद नहीं होती पॉवर नैप

हर व्यक्ति को पॉवर नैप के बाद फ्रेश महसूस हो ऐसा जरूरी नहीं है। कई लोगों को नैप लेने के बाद रात को सोने में समस्या होती है।
कायदे से अगर आपको नैप लेने की जरूरत लगे तभी सोएं, इसे हर दिन की आदत न बनाएं।
साथ ही अलार्म लगा कर सोएं और जितनी देर प्लान किया है उससे अधिक ना सोएं।

  • 67
लेखक के बारे में

पहला प्‍यार प्रकृति और दूसरा मिठास। संबंधों में मिठास हो तो वे और सुंदर होते हैं। डायबिटीज और तनाव दोनों पास नहीं आते। ...और पढ़ें

अगला लेख