चिया सीड्स से लेकर अजवाइन तक, आपकी रसोई में मौजूद हैं ब्लड शुगर कंट्रोल करने के 5 उपाय

अपने बढ़ते ब्लड शुगर को लेकर चिंतित रहती हैं? तो आज ही अपने डाइट में शामिल करें पोषक तत्वों से भरपूर यह 5 तरह के बीज। ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के साथ ही इन्सुलिन रेजिस्टेंस में भी फायदेमंद होते हैं।

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बीजों में मैग्नीशियम, विटामिन ई और जिंक जैसे विटामिन और खनिज होते हैं। चित्र : शटरस्टॉक
अंजलि कुमारी Published on: 5 October 2022, 11:00 am IST
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दिन प्रतिदिन डायबिटीज की बढ़ती समस्या का सबसे बड़ा कारण आपकी खराब लाइफस्टाइल, गलत खानपान की आदत, खाने में एडेड शुगर और शारीरिक रूप से इनएक्टिव रहना हो सकता है। यदि इन आदतों को समय रहते नियंत्रित न किया जाए तो यह समस्या दिन प्रतिदिन और ज्यादा गंभीर होती जाती है। वहीं कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकती हैं।

ऐसे में अपने नियमित आदतों में कुछ जरूरी बदलाव करके आप इस समस्या को बढ़ने से रोक सकती हैं। सबसे महत्वपूर्ण है अपने खानपान में उचित बदलाव करना। वहीं कुछ महत्वपूर्ण बीज को अपनी नियमित डाइट में शामिल कर सकती हैं। पोषक तत्वों से भरपूर यह सभी बीज शरीर ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करेंगे और डायबिटीज की स्थिति को भी बढ़ने से रोकते हैं। साथ ही यह कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी काफी ज्यादा फायदेमंद होते हैं। तो चलिए जानते हैं इन बीजों के बारे में विस्तार से।

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चिया सीड्स एंटीऑक्सीडेंट, ओमेगा 3 फैटी एसिड, फाइबर और मैग्नीशियम का एक अच्छा स्रोत हैं। चित्र शटरस्टॉक।

यहां जाने ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए कुछ आवश्यक सीड्स के नाम

1. चिया सीड्स

चिया सीड्स एंटीऑक्सीडेंट, ओमेगा 3 फैटी एसिड, फाइबर और मैग्नीशियम का एक अच्छा स्रोत हैं। यह सभी पोषक तत्व डायबिटीज की संभावना को कम कर देते हैं। साथ ही ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखते हैं। ऐसे में यदि आप डायबिटीज से पीड़ित हैं तो इसे अपनी डाइट में जरुन शामिल करें। यदि नहीं हैं तो यह आपको प्रीडायबिटीज की स्थिति से बचाएगा।

इसे अपने ब्रेकफास्ट में योगर्ट और अन्य अनाज के ऊपर स्प्रिंकल करके ले सकती हैं। साथ ही इसकी पुडिंग भी काफी फायदेमंद होती है। वहीं इसे स्मूथी में ऐड कर सकती हैं।

2. फ्लैक्स सीड्स

फ्लैक्स सीड्स में पर्याप्त मात्रा में फाइबर मौजूद होता है। फाइबर शरीर मे ब्लड शुगर लेवल को मेन्टेन रखता है और डायबिटीज की स्थिति को गंभीर होने से रोकता है।

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन द्वारा प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक फ्लैक्स सीड्स इंसुलिन सेंसटिविटी को इंप्रूव करता है। यदि इंसुलिन सही से रिस्पांस करती है, तो ब्लड शुगर लेवल संतुलित रहती है। इसी के साथ इसमें पर्याप्त मात्रा में लिगनेन मौजूद होता हैं जो एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता हैं और डायबिटीज की स्थिति को नियंत्रित रखता है।

फ्लैक्स सीड्स को डाइट में शामिल करने के लिए इसे ग्रैंड करके पाउडर बना लें। इसके पाउडर को नियमित आटे के साथ मिलाकर चपाती बना सकती हैं। इसके साथ ही इसे स्मूथी और योगर्ट में मिलाकर लें। या फिर इसे रोस्ट करके सीधा चवा कर भी खा सकती हैं।

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मेथी के बीज में पर्याप्त मात्रा में सॉल्युबल फाइबर मौजूद होते हैं. चित्र शटरस्टॉक।

3. मेथी के बीज

मेथी के बीज में पर्याप्त मात्रा में सॉल्युबल फाइबर मौजूद होते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखते हैं। वहीं कई स्टडी में मेथी के बीज में एंटी डायबिटीक इफ़ेक्ट देखने को मिलें। वहीं की गई एक स्टडी के अनुसार खाने के बाद मेथी का सेवन करने से यह आपके खाने में मौजूद ग्लूकोज के प्रभाव को कम कर देता है। इसके साथ ही यह ग्लूकोज टोलरेंस को बढ़ाता है और कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी नियंत्रित रखता है।

इसे डाइट में शामिल करने के लिए रात को एक कप पानी में मेथी दाने को फूलने के लिए छोड़ दें और सुबह फुले हुए मेथी दाने को चवाते हुए उसी पानी की मदद से इसे घोंट लें।

4. पंपकिन सीड्स

रिसर्च की मानें तो पंपकिन सीड्स शरीर मे ब्लड ग्लूकोस की मात्रा को नियंत्रित करता है। वहीं इसमें मौजूद डाइटरी फाइबर टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित मरीजों के लिए फायदेमंद होते हैं। वहीं इसमें मौजूद विटामिन और महत्वपूर्ण पोषक तत्व ब्लड में ग्लूकोज की मात्रा को संतुलित रखते हैं। इसके साथ ही यह शरीर मे इंसुलिन रेगुलेट करने में भी मदद करता है।

पंपकिन सीड्स को डाइट में शामिल करने का सबसे अच्छा तरीका है इसे रोस्ट करके रख लें और नियमित रूप से एक चम्मच पंपकिन सीड्स का सेवन करें।

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अजवायन की चाय पिएं! चित्र: शटरस्‍टॉक

5. अजवाइन

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसिन द्वारा प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार अजवाइन में एंटी हाइपोग्लाइसेमिक इफेक्ट होते हैं। यह ब्लड शुगर लेवल को कम करता है और शरीर मे एक एंटी डायबिटीक एजेंट की तरह काम करता है। वहीं अजवाइन फाइबर, विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट का एक अच्छा स्रोत है। इसके साथ ही इसमें मौजूद एंटी इनफॉर्मेटरी प्रॉपर्टी डायबिटीज की स्थिति में काफी फायदेमंद मानी जाती है। यह मेटाबॉलिज्म को भी बूस्ट करता है।

इसे डाइट में शामिल करने के लिए आपके पास कई विकल्प है। परंतु उन सभी मे से सबसे बेहतर विकल्प रहेगा इसे सीधा चबाकर पानी की मदद से लेना। इसके साथ ही आप अजवाइन की चाय का सेवन भी कर सकती हैं। यदि चाहे तो इसे आटे में मिलाकर अपनी नियमित चपाती बनाएं।

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लेखक के बारे में
अंजलि कुमारी अंजलि कुमारी

इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट अंजलि फूड, ब्यूटी, हेल्थ और वेलनेस पर लगातार लिख रहीं हैं।

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