डब्ल्यूएचओ ने मंकीपॉक्स को घोषित किया हेल्थ इमरजेंसी, क्या ये वाकई कोविड-19 की तरह खतरनाक है?

दिल्ली में मंकीपॉक्स का पहला मामला आने के बाद से ही हेल्थ एजेंसियां इसे लेकर सतर्क हो गईं। विश्व अब कोरोना जैसी किसी दूसरी महामारी को बर्दाश्त नहीं करने वाला।

Monkeypox cases tezi se badh rahe hain
मंकीपॉक्स के मामले बढ़ रहे हैं। चित्र शटरस्टॉक।
अंजलि कुमारी Published on: 25 July 2022, 18:53 pm IST
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रविवार को राजधानी दिल्ली में एक 34 वर्षीय व्यक्ति में मंकीपॉक्स की पुष्टि हुई। यह दिल्ली में मंकीपॉक्स का पहला मामला है। जबकि भारत में इसे मिलाकर मंकीपॉक्स के मामलों की संख्या चार हो गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शनिवार को ही मंकीपॉक्स (Monkeypox) के बढ़ते मामलों को देखते हुए इसे ‘पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी ऑफ इंटरनेशनल कंसर्न’ घोषित कर दिया था। मंकीपॉक्स के बढ़ते मामलाें की तुलना कोविड-19 (Covid-19) से की जा रही है। ऐसी स्थिति में हम सभी का इससे सतर्क रहना जरूरी है।

यदि यह इसी तरह बढ़ता रहा, तो देश के लिए स्थिति काफी ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है।

रविवार को राजधानी के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि “दिल्ली में मंकीपॉक्स का पहला केस सामने आ चुका है। मरीज की हालत स्थिर है, और वह धीरे-धीरे रिकवर कर रहा है। ऐसे में घबराने की कोई बात नहीं है। स्थिति अभी हमारे नियंत्रण में है। वहीं हम पर्याप्त कोशिश कर रहे हैं कि इसे आगे फैलने से रोका जाए और आप सभी के लिए उचित सुरक्षा का प्रबंध भी किया जा रहा है।”

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विदेश यात्रा की प्लैनिंग कर रही हैं तो एक बार देख लीजिए मंकीपॉक्स संबंधित गाइडलाइन। चित्र : शटरस्टॉक

कई देशों में फैल चुका है मंकीपॉक्स

अभी तक 75 देशों में मंकीपॉक्स के 16,000 केस दर्ज किए जा चुके हैं। मिनिस्ट्री ने सभी पोर्ट अथॉरिटीज को इस हफ्ते से इंटरनेशनल ट्रैवलर्स की स्ट्रिक्ट स्क्रीनिंग करने की हिदायत दी है। विशेषज्ञों और स्वास्थ्य एजेंसियों का मानना है कि इसे समय रहते नियंत्रित करना बहुत जरूरी है। अन्यथा बाद में यह कोविड-19 जैसी खतरनाक समस्या का रूप ले सकता है।

मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ ने ट्विटर के माध्यम से मंकीपॉक्स के कारण एवं लक्षण से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। इसके साथ ही समय रहते इसे समझने और इसका उपचार करवाने का आग्रह भी किया है। तो चलिए जानते हैं क्या हैं वे लक्षण और कारण जो मंकीपॉक्स के फैलने के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। साथ ही यह भी कि इससे कैसे बचा जाए।

इस तरह नजर आ सकते हैं मंकीपॉक्स के लक्षण

बुखार

त्वचा पर चकत्ते (हाथ, पैर, चेहरा, हथेलियां और तलवे)

लिम्फ नोड में सूजन

सिर दर्द मांसपेशियों में दर्द और थकान महसूस होना

गले में खराश और खांसी

Monkeypox
बुखार और सर्दी खांसी हो सकते हैं मंकीपॉक्स के लक्षण। चित्र शटरस्टॉक।

इसके बाद मरीज को इन परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है

आंखों में दर्द रहना या दृष्टि में धुंधलापन आना

सांस लेने में कठिनाई

सीने में दर्द रहना

बार-बार बेहोश हो जाना और दौरे पड़ना

पेशाब में कमी

मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ के अनुसार यदि कोई व्यक्ति कोमोर्बिडिटी से ग्रसित है, या किसी व्यक्ति की इम्युनिटी काफी ज्यादा कमजोर है, तो उनके संक्रमित होने का जोखिम बहुत ज्यादा होता है।

मनुष्यों से मनुष्यों में फैलता है मंकीपॉक्स

मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ के अनुसार मंकीपॉक्स मनुष्य से मनुष्य में फैलने वाली समस्या है।

किसी के साथ शारीरिक संपर्क में आना जैसे कि शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थ, यौन संपर्क, या खुले घावों के संपर्क में आना।

अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क में आना जैसे कि प्रभावित व्यक्ति के कपड़ों का इस्तेमाल।

किसी व्यक्ति के नजदीक खड़े होना और उनकी सांसों से निकली बूंदों के कारण।

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लोगो के संपर्क में आने से बचें। चित्र शटरस्टॉक।

मंकीपॉक्स से बचने के लिए इन नियतों का जरूर रखें ध्यान

मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ द्वारा इस समस्या से दूरी बनाए रखने के लिए कुछ सुझाव बताए गए हैं। इन्हें ध्यान से पढ़ें और अपनाने की कोशिश करें।

लक्षण नजर आते ही फौरन स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।

यदि आपके आसपास का कोई व्यक्ति मंकीपॉक्स से ग्रसित है, तो सबसे पहले संक्रमित व्यक्ति को आइसोलेट करें और अन्य व्यक्ति उससे दूरी बनाएं।

संक्रमित व्यक्ति अपनी नाक और मुंह को हमेशा मास्क से ढके रखें। इसके साथ ही त्वचा के घाव को भी किसी हल्के कपड़े से ढक कर रखें।

संक्रमित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल किए गए चादर कपड़े इत्यादि सामग्री के संपर्क में आने से बचें।

साबुन और पानी से हाथ धोते रहें। साथ ही अल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का उपयोग करना न भूलें।

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लेखक के बारे में
अंजलि कुमारी अंजलि कुमारी

इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज़्म ग्रेजुएट अंजलि फूड, ब्यूटी, हेल्थ और वेलनेस पर लगातार लिख रहीं हैं।

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