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Fight Coronavirus at home : एक्‍सपर्ट से जानिए घर पर रहकर कैसे करना है कोरोनावायरस से मुकाबला

Published on:19 April 2021, 14:39pm IST
कोविड-19 के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अस्‍पतालों में बिस्‍तर और ऑक्‍सीजन की कमी के कारण हालात भयावह हो रहे हैं। ऐसे में आपके लिए यह जानना जरूरी है कि आप घर पर रहकर इस स्थिति का सामना कैसे कर सकती हैं।
Dr. S.S. Moudgil
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कोरोनावायरस के हर मामले में अस्‍पताल दौड़ने की जरूरत नहीं है। चित्र: शटरस्‍टॉक

सोशल मीडिया, न्‍यूज चैनल और फ्रेंड्स एंड फैमिली ग्रुप में भी हर जगह इस समय कोविड-19 की ही चर्चा है। अस्‍पतालों में बेड की कमी सभी को आशंकित कर रही है। बावजूद इसके कि हर मामले में अस्‍पताल भागना जरूरी नहीं है। कोविड-19 के हल्‍के लक्षणों का निदान हम घर पर रहकर भी कर सकते हैं। बस जरूरत है आपको सही रणनीति अपनाने की।

एक्‍सपर्ट बता रहे हैं कि आप घर को किस तरह कोविड से लड़ाई के लिए तैयार कर सकती हैं

पहला कदम : सबसे पहले लक्षणों की पहचान करें

कोविड-19 (COVID-19) के आम लक्षण

वायरस से संक्रमित अधिकांश लोगों में कोई लक्षण नहीं होते। जब वायरस लक्षण पैदा करता है, तब ज्‍यादातर लोगों को बुखार, शरीर में दर्द, सूखी खांसी, थकान, ठंड लगना, सिरदर्द, गले में खराश, भूख की कमी और गंध की हानि शामिल है।

कोरोनावायरस से बचाने में मास्‍क ही ज्‍यादा कारगर है। चित्र: शटरस्‍टॉक

कुछ लोगों में, COVID-19 तेज बुखार, गंभीर खांसी और सांस की तकलीफ जैसे अधिक गंभीर लक्षणों का कारण बनता है, जो अक्सर निमोनिया को इंगित करता है ।

कुछ अन्य अजीब से लक्षण

COVID-19 वाले लोगों को न्यूरोलॉजिकल लक्षण, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जीआई) लक्षण या दोनों का अनुभव भी हो सकता है। ये श्वसन लक्षणों के साथ या बिना उनके हो सकते हैं।

कुछ लोगों में ब्रेन फंक्‍शन (neurological) लक्षणों में गंध न होना, स्वाद में असमर्थता या हर चीज कड़वी लगना, मांसपेशियों की कमजोरी, हाथ और पैरों में हल्के से भयानक दर्द, विशेषकर पिंडलियों मे कई दिन चलने वाला दर्द, झुनझुनी या सुन्नता, चक्कर आना, भ्रम, प्रलाप, मिर्गी के दौरे और स्ट्रोक शामिल हैं।

इसके अलावा कुछ लोगों में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (जीआई) के लक्षण होते हैं। जैसे – भूख न लगना, जी मिचलाना, उल्टी, दस्त और पेट दर्द।

दूसरा कदम: बाथरूम हायजीन का रखें ख्‍याल

COVID-19 का कारण बनने वाले वायरस का मल जांच में भी पाए जाने के सबूत मिले हैं। अत: बाथरूम हाइजीन का ध्यान रखना होगा। नियमित रूप से हाथ धोना ही नहीं, बाथरूम फिक्स्चर को कीटाणुरहित करते रहना व अपने शेव के सामान व टूथ ब्रश आदि को बाहर व हर सदस्य की इन वस्तुओं को अलग- अलग स्थान पर रखना जरूरी हो गया है।

निजी सफाई का ध्‍यान रखना बहुत जरूरी है। चित्र: शटरस्‍टॉक
निजी सफाई का ध्‍यान रखना बहुत जरूरी है। चित्र: शटरस्‍टॉक

तीसरा कदम : आवश्यक वस्तुओं को घर पर रखें

घर में 1 ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर, तीन लेयर वाली सर्जिकल मास्क का पूरा बॉक्स, साबुन, सेनेटाइजर, पर्याप्‍त पेरसिटामोल, विटामिन सी एवं किरयाने का जरूरी सामान पर्याप्‍त मात्रा में रखें।

जब तक अति आवश्यक न हो घर से बाहर न जाएं। न ही किसी को घर आने दें। खास तौर पर प्‍लंबर, बिजली मेकेनिक को बहुत जरूरी होने पर ही बुलाएं। कुछ मित्र या पड़ोसी मिल कर एक ऑक्‍सीजन सेप्रेटर का इंतजाम भी इमरजेंसी हेतु कर लें, तो बेहतर होगा। अस्पताल में बेड न मिलने की स्थिति में यह काम आएगा।

चौथा कदम : इन आपातकालीन लक्षणों पर तुरंत सतर्क हो जाएं

उच्च या बहुत कम शरीर के तापमान, सांस की तकलीफ, भ्रम या पास आउट होने की फीलिंग हो, पल्स ऑक्‍सीमीटर 90 से नीचे बताने लगे, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। यह इमरजेंसी मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत के संकेत हैं।

आपातकालीन लक्षणों पर आपको तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। चित्र: शटरस्‍टॉक
आपातकालीन लक्षणों पर आपको तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। चित्र: शटरस्‍टॉक

तत्काल देखभाल केंद्र या आपातकालीन विभाग में तुरंत कॉल करें। कोविड के लक्षण होते ही अस्पताल को सूचित करना भी जरूरी है कि आप कभी भी पहुंच सकते हैं, जिससे जगह-जगह अस्पताल दाखिले हेतु भटकना न पड़े।

अपने इलाके के अस्पतालों के फोन नंबर किचन में बोर्ड पर लिख कर रखें। अगर लगता है कि बच्चे को COVID-19 संक्रमण हो सकता है, तो तुरन्त सलाह के लिए अपने डॉक्टर से बात करें।

इनक्यूबेशन अवधि (Incubation period) के बारे में जानना भी है जरूरी

संपर्क की शुरुआत से लक्षण आरंभ होने को इनक्यूबेशन पीरियड के रूप में जाना जाता है। जो दो से 14 दिनों तक हो सकती है। यह अवधि वायरल लोड या कितनी संख्या में वायरस ने शरीर के भीतर प्रवेश किया है तथा व्यक्ति की इमुनिटी पर निर्भर होती है।

हालांकि लक्षण आम तौर पर संपर्क के चार या पांच दिनों के भीतर दिखाई देते हैं। हम अब यह भी जानते हैं कि व्यक्ति के लक्षणों का अनुभव करने से 48 घंटे पहले ही संक्रामक हो सकता है यानी  दूसरे को संक्रमित कर सकता है।

एक व्‍यक्ति लक्षण उभरने से पहले भी अन्‍य लोगों को संक्रमित कर सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक
एक व्‍यक्ति लक्षण उभरने से पहले भी अन्‍य लोगों को संक्रमित कर सकता है। चित्र: शटरस्‍टॉक

बिना लक्षणों के हैं ज्‍यादातर मामले

COVID-19 खतरनाक तरीके से फैल रहा है। संभावना है कि बहुत लोग अभी और रोग से पीड़ित हो सकते हैं। यदि आप COVID-19 से पीड़ित किसी व्यक्ति के संपर्क में आ जाते हैं, तो क्या आप अपने आप को घर पर रह कर कोविड से निबटने हेतु तैयार हैं?

अगर आप कुछ तैयारी पहले से ही रखें, तो न केवल आप घर पर रहकर इससे निबट सकते हैं? बल्कि आप अपने घर में दूसरों को बीमार होने से भी रोक सकते हैं। इसके लिए बस आपको एक रणनीति अपनानी होगी।

जांच है जरूरी

बड़ा सवाल है कि कोविड-19 और मौसमी संक्रमण के लक्षण लगभग एक जैसे लगते हैं। जिसके कारण आप तय नहीं कर पाते कि आपको किस दिशा में आगे बढ़ना है। COVID-19 अक्सर समान लक्षणों का कारण बनता है, जो ठंड वाले व्यक्ति या फ्लू का अनुभव करेंगे। यह फ्लू की तरह, लक्षण प्रगति और जीवन के लिए खतरा भी बन सकता है।

इसलिए, वर्तमान समय में, “फ्लूनुमा” लक्षणों वाले लोगों को यह मान लेना चाहिए कि उन्‍हें कोविड-19 है। इसका मतलब है कि जांच जरूरी है।

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Dr. S.S. Moudgil Dr. S.S. Moudgil

Dr. S.S. Moudgil is senior physician M.B;B.S. FCGP. DTD. Former president Indian Medical Association Haryana State.