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Fathers Day : जानिए उन 5 स्वास्थ्य स्थितियों के बारे में, जो आपको विरासत में मिलती हैं

Updated on: 18 June 2021, 13:24pm IST
सिर्फ हमारा नाक-नक्शा ही नहीं, बल्कि बहुत हद तक हमारी सेहत भी हमें अपने अभिभावकों से मिलती है। इसका मतलब है कि आपको अपने फिटनेस गोल अचीव करने के लिए कुछ ज्यादा मेहनत करनी चाहिए।
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ
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कुछ ऐसी स्वास्थ्य स्थितियां हैं जो आपको विरासत में मिलती हैं. चित्र : शटरस्टॉक
कुछ ऐसी स्वास्थ्य स्थितियां हैं जो आपको विरासत में मिलती हैं. चित्र : शटरस्टॉक

“तुम्हारे हाथ में बिल्कुल मां का स्वाद है”, ये डायलॉग जितना फिल्मी है, उतना ही सच भी। असल में हमारी सेहत, नाक-नक्शा, आदतें और कुछ बीमारियां भी हैं, जो हमें अपने पिता (Father) और उनके पिता (Forefathers) से भी विरासत में मिलती हैं। असल में ये हमारे जीन की करामात है। अगर आप विरासत में मिलने वाली किसी भी तरह की स्वास्थ्य समस्या से बचना चाहती हैं, तो आपको इनके बारे में जानना और भी ज्यादा जरूरी है। इस फादर्स डे  (Fathers Day) बात करते हैं, उन स्वास्थ्य स्थितियों के बारे में जिसमें जीन्स की होती है महत्वपूर्ण भूमिका।

जब एक परिवार के सदस्य जीन के माध्यम से एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में लक्षणों को पारित करते हैं, तो उस प्रक्रिया को हेरिडिटरी कहा जाता है। यह जीन एक से दूसरी जनरेशन में म्युटेट होकर पहुंचते हैं और हेरेडिटरी डिजीज का कारण बनते हैं जो परिवार में चलती है। ऐसी कई स्वास्थ्य समस्याएं हैं जो बेहद आम हैं और ज़्यादातर जेनेटिक्स की वजह से होती हैं। जिनके बारे में आपको पता होना चाहिये –

1. मोटापा (Obesity)

जब किसी व्यक्ति के शरीर में अत्यधिक मात्रा में वसा जमा होने लगती है, तो वे मोटापे का शिकार होता है। हाल के अध्ययनों से पता चलता है कि 50 से अधिक जीनों की खोज के साथ जेनेटिक्स 40-70% मोटापे में योगदान करती है जो मोटापे से जुड़े हुए हैं।

जबकि पर्यावरण में परिवर्तन ने पिछले 20 वर्षों में मोटापे की दर में काफी वृद्धि की है, जेनेटिक कारकों की उपस्थिति या अनुपस्थिति हमें मोटापे से बचाती है या हमें मोटापे की ओर अग्रसर करती है।

इसलिए अगर आपके पेरेंट्स पहले से ही मोटापे से ग्रस्त हैं तो आपको फिट रहने के लिए और ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है।

अगर आपके पिता को मोटापे की समस्या है तो आपको भी यह हो सकती है, इसलिए अपना ख्याल रखिये। चित्र: शटरस्‍टॉक
अगर आपके पिता को मोटापे की समस्या है तो आपको भी यह हो सकती है, इसलिए अपना ख्याल रखिये। चित्र: शटरस्‍टॉक

2. कैंसर (Cancer)

वैसे तो कैंसर एक आम बीमारी है पर इसमें 5-10% हेरिडिटरी है। यदि आपके माता- पिता में से किसी को कैंसर की समस्या रही है, तो इसके जीन आपको विरासत में मिलते हैं। यह जीन में एक छोटे से परिवर्तन के कारण होता है, जिसे एक परिवार में एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरित किया जा सकता है।

जब किसी को अपने माता-पिता से म्युटेशन में कैंसर का जीन मिलता है, तो उस व्यक्ति को कुछ प्रकार के कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है जैसे –

स्तन कैंसर
पेट का कैंसर
प्रोस्टेट कैंसर
अंडाशयी कैंसर
गर्भाशय कैंसर
मेलेनोमा (एक प्रकार का त्वचा कैंसर)
अग्न्याशय का कैंसर

3. डायबिटीज (Diabetes)

जिन लोगों का टाइप 1 मधुमेह का पारिवारिक इतिहास है, वे इसे विकसित कर सकते हैं, मगर ज्यादातर मामलों में यह पैटर्न स्पष्ट नहीं है। वहीं अगर, टाइप 2 मधुमेह की बात करें तो यह विरासत में मिल सकता है और यह आपके पारिवारिक इतिहास और जेनेटिक्स से जुड़ा हुआ है, लेकिन इसमें पर्यावरणीय कारक भी एक भूमिका निभाते हैं।

टाइप 2 मधुमेह के पारिवारिक इतिहास वाले सभी लोगों को यह नहीं होगा, लेकिन यदि माता-पिता या भाई-बहन को यह है तो आपको इसके विकसित होने की अधिक संभावना है।

डायबिटीज की समस्या जेनेटिक भी हो सकती है. चित्र : शटरस्टॉक
डायबिटीज की समस्या जेनेटिक भी हो सकती है. चित्र : शटरस्टॉक

4. आर्थराइटिस / गठिया (Arthritis)

गठिया आपके एक या अधिक जोड़ों की सूजन और कोमलता है। कुछ प्रकार के गठिया परिवारों में चलती हैं, इसलिए यदि आपके माता-पिता या भाई-बहनों को यह विकार है तो आपको गठिया होने की संभावना अधिक हो सकती है।

आपके जीन आपको पर्यावरणीय कारकों के प्रति अधिक संवेदनशील बना सकते हैं जो गठिया को ट्रिगर कर सकते हैं। इसके कई अन्य रिस्क फैक्टर्स भी हो सकते हैं जैसे मोटापा और उम्र।

5. ब्लड प्रेशर (Blood Pressure)

जीन उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और अन्य संबंधित स्थितियों में कुछ भूमिका निभाते हैं। हालांकि, यह भी संभावना है कि उच्च रक्तचाप के पारिवारिक इतिहास वाले लोग सामान्य वातावरण और अन्य संभावित कारकों को साझा करते हैं जो उनके जोखिम को बढ़ाते हैं।

हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम तब और भी बढ़ सकता है जब जीन्स अनहेल्दी जीवनशैली विकल्पों, जैसे धूम्रपान और खराब आहार खाने के साथ मिलती है।

डियर गर्ल्स इन स्वास्थ्य स्थितियों के बारे में आपको जागरुक होना चाहिए, क्योंकि बचाव हमेशा उपचार से बेहतर होता है। आपको पैनिक नहीं होना, बस थोड़ी से एक्स्ट्रा मेहनत करनी है। खुश रहें, स्वस्थ रहें।

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ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।