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ये 7 आसान योगासन आपके एजिंग पेरेंट्स की डायबिटीज कंट्रोल करने में हो सकते हैं मददगार

Published on:14 October 2020, 10:18am IST
योग करने से आपके परिवार के उम्र दराज सदस्यों को अपने ब्‍लड शुगर को नियंत्रण में रखते हुए अपने स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल करने में मदद मिल सकती है।
टीम हेल्‍थ शॉट्स
मधुमेह से बचने का उपाय है योग। चित्र: शटरस्टॉक

मधुमेह को अक्सर जीवनशैली की बीमारी के रूप में जाना जाता है। यह आज के समय में हमारी आसीन जीवन शैली और अस्वास्थ्यकर खाने की आदतों को देखते हुए बेहद आम है। हालांकि यह किसी को भी हो सकता है, परंतु इसमें ज्‍यादा संख्‍या उम्रदराज लोगों की होती है।

बुढ़ापा विभिन्न स्वास्थ्य मुद्दों का कारण बन सकता है। ऐसी स्थिति में मधुमेह का प्रबंधन बेहद कठिन हो सकता है। कई लोग जो अधिक उम्र के हैं, वे अन्य बीमारियों के कारण पूरी तरह से सक्रिय जीवन नहीं जी सकते। हालांकि, आपके रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रण में रखने के लिए शारीरिक गतिविधि बेहद महत्वपूर्ण है।

करे सत्तू की नमकीन तासीर का सेवन, यह आपको मधुमेह से देगा छुटकारा। चित्र: शटरस्‍टॉक
करे यह योग, यह आपको मधुमेह से देगा छुटकारा। चित्र: शटरस्‍टॉक

इस दुविधा को देखते हुए, यहां है कुछ ऐसे योग जो डायबिटीज कंट्रोल करने में कमाल कर सकते हैं। न केवल यह किसी की दिनचर्या में शामिल करने का एक शानदार तरीका है, बल्कि कुछ ऐसे आसन भी हैं जो विशेष रूप से मधुमेह के रोगियों के लिए उपयोगी हैं।

इसलिए, यदि आपके परिवार में कोई भी व्यक्ति मधुमेह से पीड़ित है, तो आपको उन्हें यह बताने की आवश्यकता है कि उन्हें योग का सहारा लेना चाहिए।

यदि आप सोच रही हैं कि योग कैसे मदद कर सकता है, तो हमारे पास साइंटीफि‍कली अप्रूव जवाब है। कुछ योगासनों में आंतरिक मांसपेशियों को खींचना और मरोड़ना शामिल होता है, जो पैनक्रियाज और एंडोक्राइन सिस्टम को उत्तेजित करता है। उत्तेजना इंसुलिन स्राव को आसान बनाती है जो रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करती है।

मधुमेह के लिए सूर्यनमस्कार लाभदायक हैं। चित्र- शटर स्टॉक।

और तो और, योग तनाव के स्तर को प्रबंधित करने में भी मदद करता है, जो मधुमेह के विकास में एक प्रमुख योगदान कारक है।

एंडोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, नियमित रूप से विशिष्ट योगासनों का अभ्यास करने से व्यक्ति को रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है और मधुमेह के विकास के जोखिम को कम करने में प्रभावी हो सकती है।

इसके अलावा, कपालभाति प्राणायाम रक्त परिसंचरण को बढ़ावा दे सकता है और शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों को निकाल सकता है। जर्नल ड्रग इनवेंशन टुडे में प्रकाशित एक अध्ययन में यह भी कहा गया है कि कपालभाति बॉर्डरलाइन डायबिटीज के रोगियों में रक्त शर्करा के स्तर को कम कर सकता है।

रखे अपने परिवार का ख्याल। चित्र: शटरस्टॉक

ये योगासन न केवल प्रभावी हैं, बल्कि शरीर के लिए आसान भी हैं। आइए उन 7 योगासनों पर ध्यान दें जो उम्रदराज मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

1.कपालभाति

ज्यादातर लोग श्वास व्यायाम और इसके लाभों से अवगत हैं। इस अभ्यास में उपयोग की जाने वाली श्वास तकनीक पैनक्रियाज को सक्रिय करने में मदद करती है,जो शरीर में इंसुलिन उत्पादन के नियमन की सुविधा प्रदान करती है।

जी हां, यह सच है आप कपालभाति से भी पेट की चर्बी कम कर सकती हैं। चित्र: शटरस्‍टॉक
कपालभाति। चित्र: शटरस्‍टॉक

2.वक्रासन

यह योगासन ट्विस्टेड पोज़ या फिर मुड़ी हुई मुद्रा के रूप में जाना जाता है, यह आंतरिक अंगों की मालिश करने में मदद करता है। बदले में, मधुमेह रोगियों में बेहतर इंसुलिन उत्पादन की सुविधा प्रदान कर सकता है। इसके अलावा, यह मुद्रा आपके परिवार में मधुमेह रोगियों को वजन कम करने में मदद कर सकती है, जो रक्त शर्करा के स्तर को प्रबंधित करने के लिए आवश्यक है।

3.सुप्‍त मत्स्येन्द्रासन

लेटे-लेटे बॉडी ट्विस्ट पोज़ से आंतरिक अंगों की मालिश करने में मदद मिलती है और पेट के अंगों पर दबाव पड़ता है, जिससे पैनक्रियाज और एंडोक्राइन सिस्टम बेहतर होता है।

सुप्त मत्स्येन्द्रासन चित्र- शटरस्टॉक।

4.अर्ध मत्स्येन्द्रासन

जब मधुमेह के प्रबंधन की बात आती है, तो यह सबसे प्रभावी पोज़ में से एक है। यह आसन लिवर, पैनक्रियाज सहित विभिन्न अंगों के कार्य को बेहतर बनाने में मदद करता है।

यह शरीर में इंसुलिन के बेहतर उत्पादन की सुविधा देता है। और तो और, यह मुद्रा बेहतर पाचन में मदद करती है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालती है।

5.पश्चिमोत्‍तानासन

पसचिमोत्तानासन या  “बैठ कर आगे की ओर झुकनागुर्दे की प्रणाली और अग्न्याशय के कामकाज में सुधार करने के लिए जाना जाता है। यह रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद करता है।

6.सूर्य नमस्कार

सूर्य नमस्कार, जिन्होंने बस अपना योग अभ्यास शुरू किया है उनके लिए  मुश्किल हो सकता है । हालांकि, जब बात मधुमेह के प्रबंधन की आती है तब समय के साथ इसका अभ्यास करना बेहद उपयोगी हो सकता है।

सूर्य नमस्‍कार संपूर्ण व्‍यायाम माना गया है। चित्र: शटरस्‍टॉक

यह योग क्रम पूरे शरीर को प्रभावित करता है। यह पैनक्रियाज को रक्त के प्रवाह के लिए बढ़ावा देता है, जो शरीर में इंसुलिन उत्पादन को सुविधाजनक बनाता है।

7.पादहस्तासन

यह आसनहैंड अंडर फुट पोजयापैर के नीचे हाथ की मुद्राके रूप में जाना जाता है, यह आसन उदर क्षेत्र जैसे यकृत, पैनक्रियाज और गुर्दे में अंगों की उत्तेजना में मदद करता है। यह इन अंगों के समुचित कार्य को मजबूत करने और बढ़ावा देने में मदद करता है।

इसलिए, यदि आपके परिवार में किसी को मधुमेह है, तो योग उन्हें स्थिति को अच्छी तरह से प्रबंधित करने में मदद कर सकता है।

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