क्‍या पीसीओएस से ग्रस्‍त महिलाएं ले सकती हैं कोविड-19 वैक्‍सीन, जानिए क्‍या कहती हैं विशेषज्ञ

कोविड वैक्‍सीन को लेकर लोग कई तरह के सवाल पूछ रहे हैं। इन्‍हीं में से एक है कि क्‍या पीसीओएस से ग्रस्‍त महिलाएं भी कोविड वैक्‍सीन ले सकती हैं।
पीसीओएस से ग्रस्‍त महिलाओं के लिए कोविड-19 का जोखिम ज्‍यादा होता है। चित्र: शटरस्‍टॉक
पीसीओएस से ग्रस्‍त महिलाओं के लिए कोविड-19 का जोखिम ज्‍यादा होता है। चित्र: शटरस्‍टॉक
टीम हेल्‍थ शॉट्स Published: 18 May 2021, 03:31 pm IST
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जब से कोविड -19 टीकों ने दुनिया में कदम रखा है, तब से उनसे जुड़ी कई अफवाह हमारे आसपास फैल रहीं हैं। इस मामले में, कई लोग हैं जो अब खुद को टीका लगाने के लिए डर रहे हैं, और लेडीज, ये एक बड़ी समस्या है! टीका आपको वायरस से सुरक्षा प्रदान करता है – अब इसका मतलब यह नहीं है कि आप संक्रमित नहीं होंगी, बल्कि इस बात की अधिक संभावना है कि आपके लक्षणों की गंभीरता कम हो जाएगी।

कई पेशेवर चिकित्सकों ने इन अफवाहों का भंडाफोड़ करने की पूरी कोशिश की है। डॉ. तनाया नरेंद्र उर्फ डॉ. क्यूटरस (cuterus) ने भी अपनी हालिया पोस्ट में, बताया है कि पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं कैसे खुद को सुरक्षित रख सकती हैं।

कुछ छोटे अध्ययनों से पता चला है कि पीसीओएस (PCOS) वाले लोगों को कोविड -19 होने का अधिक खतरा हो सकता है। डॉ. क्यूटरस कहती हैं, हालांकि ये आवश्यक रूप से सच नहीं हो सकता हैं, फिर भी ये आपको खतरे के प्रति सजग करता है।

पीसीओएस में आपको अपना ज्‍यादा ध्‍यान रखने की जरूरत होती है। चित्र: शटरस्‍टॉक
पीसीओएस में आपको अपना ज्‍यादा ध्‍यान रखने की जरूरत होती है। चित्र: शटरस्‍टॉक

वास्तव में, बर्मिंघम विश्वविद्यालय के नेतृत्व में एक शोध सामने आया है। पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम या पीसीओएस एक सामान्य स्थिति है, जो अनियमित पीरियड्स, अतिरिक्त चेहरे या शरीर के बालों, वजन बढ़ने और बहुत कुछ द्वारा चिह्नित होती है।

पीसीओएस (PCOS) के साथ महिलाओं में टाइप 2 मधुमेह, फैटी लीवर रोग और उच्च रक्तचाप से पीड़ित होने का भी खतरा होता है। ये कोविड -19 के लिए उच्च जोखिम वाले कारक माने जाते हैं।

यूरोपियन जर्नल ऑफ एंडोक्रिनोलॉजी में प्रकाशित एक अन्य शोध है, जिसमें पीसीओएस(PCOS) से पीड़ित महिलाओं में पीसीओएस(PCOS) रहित महिलाओं की तुलना में कोविड -19 का खतरा दोगुना पाया गया।

पीसीओएस(PCOS) से पीड़ित महिलाएं इस तरह रख सकती हैं अपने स्वास्थ्य का बेहतर ध्यान :

* अपने पूरे खाने में पांच प्रतिशत फलों और सब्जियों को रख कर एक स्वस्थ आहार का सेवन करें।

हेल्‍दी डाइट फॉलो करने के साथ ही व्‍यायाम का रूटीन का हिस्‍सा बनाएं। चित्र : शटरस्‍टॉक
हेल्‍दी डाइट फॉलो करने के साथ ही व्‍यायाम का रूटीन का हिस्‍सा बनाएं। चित्र : शटरस्‍टॉक

1 स्वस्थ वजन बनाए रखने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करें। ऐसा इसलिए है क्योंकि कई अध्ययनों से पता चलता है कि आपके शरीर का वजन कंट्रोल रहे तो भी पीसीओएस (PCOS) कन्ट्रोल रह सकता है।

2 विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थ लें, जैसे तैलीय मछली (जैसे सैल्मन और मैकेरल), अंग मांस (जिगर), अंडे की जर्दी और नाश्ते में अनाज । आप सप्लीमेंट भी ले सकते हैं, लेकिन अपने डॉक्टर से परामर्श कर लें।

3 हाई ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के लिए गर्भनिरोधक गोलियां और मेटफार्मिन जैसी प्रेसक्राइब्ड दवाएं ले सकती हैं।

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