क्या हार्ट अटैक में फर्स्ट एड के तौर पर दी जा सकती है एस्पिरिन? एक्सपर्ट दे रहे हैं इसका जवाब

हार्ट अटैक के तुरंत बाद के एक घंटे को गोल्डन आवर कहा जाता है। इस समय अगर ठीक से प्रयास किए जाएं, तो व्यक्ति को बचाया जा सकता है।
40-50 की उम्र में क्यों बढ़ रहें हैं हार्ट अटैक के मामले। चित्र : शटरस्टॉक
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ Published on: 2 October 2021, 14:00 pm IST
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हार्ट अटैक (Heart Attack) एक ऐसी स्थिति से जिसमें आकसर समझ नहीं आता है कि क्या करें और क्या नहीं। ऐसे में आपको कई लोग यह सलाह देते हुए दिख जाएंगे कि हार्ट अटैक या स्ट्रोक (Stroke) होने पर एस्पिरिन लेनी चाहिए। मगर क्या इसे हार्ट अटैक में खुद से लेना सही है? आज हम हेल्थशॉट्स के इस लेख में, यही विश्लेषण करेंगे कि क्या हार्ट अटैक के दौरान एस्पिरिन (Aspirin) लेनी चाहिए? और यह कैसे काम करती है।

हृदय रोग और एस्पिरिन (Aspirin) की सिफारिश

इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अतुल माथुर सलाह देते हैं कि दिल का दौरा पड़ने पर एस्पिरिन की गोली ली जा सकती है। यदि आपको दिल का दौरा या स्ट्रोक पड़ा है, तो आपका डॉक्टर आपको थोड़ी मात्रा में एस्पिरिन की दैनिक खुराक लेने की सलाह दे सकता है। ताकि दूसरे अटैक को रोकने में मदद मिल सके।

डॉ. माथुर कहते हैं कि अगर आपको ऐसा लग रहा है कि आपके परिवार में किसी को हार्ट अटैक हुआ है तो बिना देर किए मरीज को एस्पिरीन की एक गोली पानी में घोलकर दें। यह हार्ट अटैक के फर्स्ट एड के तौर पर काम करती है और आपको मरीज को अस्पताल पहुंचाने तक का समय उपलब्ध करवा सकती है।

जिन लोगों को पहले दिल का दौरा पड़ चुका है, उनके लिए एस्पिरिन एक डेली ट्रीटमेंट की तरह काम कर सकती है। मगर बिना डॉक्टर की सलाह के इसे रोजाना लेना आपकी बहुत बड़ी भूल हो सकती है।

जानिए हार्ट अटैक रोकने में कैसे फायदेमंद है एस्पिरिन (Aspirin in Heart Attack)

हार्वर्ड हेल्थ (Harvard Health) के ऑनलाइन जर्नल के अनुसार जिन लोगों को कोरोनारी आर्टरी डिजीज है, उनमें हार्ट अटैक के जोखिम को रोकने के लिए एस्पिरिन मदद कर सकती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि एस्पिरिन खून को पतला (Blood Thinner) करती है। यह हार्ट अटैक के दौरान किसी भी आर्टरी ब्लॉकेज को सुधार सकती है।

क्या हार्ट अटैक में आपके लिए एस्पिरिन लेना सही है ? चित्र : शटरस्टॉक

जिन लोगों को पहले हार्ट अटैक आ चुका है उन्हें इसकी बहुत कम खुराक की ज़रूरत होती है, आमतौर पर केवल एक दिन में 1। मगर जिन लोगों को महसूस हो रहा है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा है, उन्हें अतिरिक्त 325 मिलीग्राम एस्पिरिन की आवश्यकता होती है। यह उन्हें जितनी जल्दी हो सके दी जानी चाहिए।

बिना डॉक्टर की सलाह के न लें एस्पिरिन

चूंकि एस्पिरिन रक्त को पतला करती है, यह कई जटिलताओं का कारण बन सकती है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (American Heart Association) के अनुसार आपको डॉक्टर से बात किए बिना लो डोज़ एस्पिरिन नहीं लेनी चाहिए, अगर आपको –

एस्पिरिन एलर्जी या इंटोलेरेंस है
गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ब्लीडिंग या स्ट्रोक के लिए जोखिम में हैं
नियमित रूप से शराब का सेवन करते हैं
किसी भी साधारण चिकित्सा या दंत चिकित्सा प्रक्रियाओं से गुजर रहे हैं
70 से अधिक उम्र के हैं

इन बातों का रखें ध्यान

जो लोग नियमित रूप से एस्पिरिन लेते हैं, उनके लिए पेट से खून बहने सहित पेट की समस्याओं का खतरा होता है। शराब का सेवन पेट के इन जोखिमों को बढ़ा सकता है। यदि आपको एस्पिरिन लेने के लिए कहा जाता है, तो अपने डॉक्टर से पूछें कि क्या आपके लिए कम मात्रा में शराब पीना सुरक्षित है।

vएस्पिरिन आपका हार्ट अटैक ठीक नहीं करेगी। चित्र : शटरस्टॉक

मधुमेह वाले लोग जिन्हें दिल का दौरा या स्ट्रोक का इतिहास नहीं है, उन्हें खुद से एस्पिरिन थेरेपी लेने की आवश्यकता नहीं है।

क्या मुझे हार्ट अटैक या स्ट्रोक के दौरान एस्पिरिन लेनी चाहिए?

हमारी सलाह यही है कि बिना डॉक्टर की सलाह के एस्पिरिन न लें। यदि आपको या आपके किसी जानने वाले को हार्ट अटैक आया है, तो तुरंत एम्ब्युलेन्स बुलाएं और एक डॉक्टर से बात करें और उनसे पूछें क्या कि आप एस्पिरिन ले सकते हैं?

एस्पिरिन आपका हार्ट अटैक ठीक नहीं करेगी, इसलिए एम्ब्युलेन्स बुलाएं और डॉक्टर से बात करें।

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लेखक के बारे में
ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

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