क्या प्रेगनेंसी में डायरिया या कब्ज होने से गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है? चलिए पता करते है

यदि आप मानती हैं कि दस्त और कब्ज आपके बच्चे को नुकसान पहुंचा सकते है, तो आपको इन बातों को जानने की जरूरत है।
Jaane pregnancy me kaise karna hai urinary incontinence ko manage
जानें प्रेगनेंसी में कैसे करना है यूरिन इनकांटीनेंस को मैनेज। चित्र: शटरस्टॉक
टीम हेल्‍थ शॉट्स Published: 14 Sep 2021, 13:05 pm IST
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आप सब जानती है कि प्रेगनेंसी एक चुनौतीपूर्ण और बेहद संवेदनशील स्थिति है। इस दौरान कुछ सामान्य चुनौतियां हैं जो अक्सर हर गर्भवती महिला अनुभव करती है। जबकि कुछ लक्षण अलग होते हैं, जो हर महिला में अलग-अलग होते हैं। लेकिन यह स्वाभाविक है कि आप जो कुछ भी करती है, उसमें सबसे पहला विचार आता है कि, “क्या यह मेरे बच्चे को प्रभावित करेगा?” अब इसे ममता कहे या चिंता लेकिन ऐसा होना तय है। 

बेशक, गर्भावस्था के दौरान छोटी-छोटी हिचकी आती है, लेकिन अगर दस्त या कब्ज हो जाए तो क्या होगा? क्या यह डरने की बात है? क्या इससे गर्भपात (miscarriage) हो सकता है? यह चिंता का विषय है क्योंकि दस्त के वक्त होने वाली ऐंठन गर्भपात के दर्द के समान होती है। कुछ महिलाएं कब्ज के दौरान अपने पेट पर तनाव देने से घबरा जाती है कि यह उनके भ्रूण को नुकसान ना पहुंचाए। 

डॉ रश्मि ताराचंदानी, एक प्रसिद्ध चिकित्सक बताती हैं कि,”यह एक चिंता है जो उचित है। ऐसा इसलिए है क्योंकि आपके गर्भाशय और आंत दोनों एक ही मांसपेशियों का उपयोग करते हैं।  लेकिन दोनों स्थिति में आपकी शारीरिक गतिविधि समान नहीं होती है। यह बात आपका शरीर जानता है कि क्या हो रहा है।”

क्या आपके बाथरूम हैबिट्स आपकी प्रेगनेंसी को प्रभावित करते है?

वास्तव में इसका उल्टा होता है। गर्भावस्था के दौरान आपके हार्मोन काम कर रहे होते हैं, और वे आपके मेटाबॉलिज्म को बड़े पैमाने पर प्रभावित कर सकते हैं। प्रेगनेंसी के समय आपका शरीर फ्लूइड (fluids) का इस्तेमाल अलग तरह से करने लगता है। जिसके कारण दस्त और कब्ज होना स्वाभाविक है। ज्यादातर मामलों में, ये स्थितियां अपने आप ठीक हो जाती हैं। लेकिन अगर डायरिया कुछ दिनों तक बना रहे तो इसका मतलब यह हो सकता है कि आपको इन्फेक्शन हो गया है।

pregnancy ke shuruaati dino mein ho sakta hai kabj
प्रेगनेंसी के शुरुआती दिनों में हो सकता है कब्ज। चित्र : शटरस्टॉक

कुछ महिलाएं डिहाईड्रेशन के गंभीर लक्षणों से भी गुजरती हैं। डॉ ताराचंदानी कहती हैं, “सुनिश्चित करें कि यदि आपका दस्त तीन दिनों से अधिक समय तक बना रहता है, और आपको इसके साथ बुखार भी है, तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं। आपको पेट में गंभीर दर्द का भी सामना करना पड़ सकता है। अगर आपके मल में खून है, तो यह भी चिंता का कारण हो सकता है। ये लक्षण आपकी गर्भावस्था को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन गर्भपात का कारण नहीं बन सकते।” 

क्या है इसका उपाय? 

यदि आप दस्त से जूझ रही हैं, तो खूब पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें। डॉ ताराचंदानी कहती है, “दूध या फलों के रस से दूर रहें क्योंकि इससे आपकी स्थिति बदतर हो सकती हैं। साथ ही, जब आप गर्भवती हों, तो बिना पर्ची के मिलने वाली दवाएं लेना कभी भी अच्छा विचार नहीं है। निर्णय लेने से पहले अपने डॉक्टर से बात करें।” 

कब्ज के मामले में, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ पीने की कोशिश करें और फाइबर से भरपूर आहार लें। इसके अलावा, अपनी दिनचर्या में व्यायाम शामिल करना सुनिश्चित करें। अपने आप दवा बिल्कुल न लें। यदि समस्या बनी रहती है, तो आपका डॉक्टर ही सही सुझाव दे सकता है।

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