क्या कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती हैं ओरल बर्थ कंट्रोल पिल्स, चलिये पता करते हैं

Published on: 15 June 2022, 13:41 pm IST

गर्भ निरोधक दवाएं आपके अनचाहे गर्भ को रोक सकती हैं, मगर कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकती हैं। यहां तक कि कैंसर भी! इसलिए इनका सेवन करने से पहले दो बार सोचें।

birth control pills aur cancer
बर्थ कंट्रोल पिल्स और कैंसर का कोई संबंधी है? चित्र : शटरस्टॉक

सेंटर फॉर डीजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार 15 से 49 वर्ष की लगभग 14 प्रतिशत महिलाएं वर्तमान में बर्थ कंट्रोल पिल्स (Birth control pills) का उपयोग करती हैं। बर्थ कंट्रोल पिल्स का उपयोग करने में कुछ गलत नहीं है, यह आपको अनचाही प्रेगनेंसी के जोखिम से आपको बचाती हैं। मगर इसका मतलब ये नहीं है कि आप सेफ सेक्स के महत्व को नज़रअंदाज़ कर दें, क्योंकि बर्थ कंट्रोल पिल्स का बार – बार और लगातार उपयोग करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक (Birth control pills side effects) साबित हो सकता है। यहां तक कि यह कैंसर (Birth control pills and cancer) के जोखिम को बढ़ा सकता है। कई अध्ययनों के अनुसार हॉर्मोनल बर्थ पिल्स आपके सर्वाइकल कैंसर (Cervical Cancer) और ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer) के जोखिम को बढ़ा सकती हैं। मगर सबसे पहले जान लेते हैं कि क्या होती हैं बर्थ कंट्रोल पिल्स।

गर्भनिरोधक गोली क्या है?

बर्थ कंट्रोल पिल्स (Birth control pills) साधारण टैबलेट्स की तरह होती हैं, जो शरीर में हार्मोन के स्तर को बदलकर गर्भावस्था को रोकती हैं। ये हार्मोन मासिक धर्म चक्र यानी पीरियड्स को नियंत्रित करते हैं।

इन गोलियों के दो मुख्य प्रकार होते हैं:

कंबाइंड पिल (Combined Pill) – इस गोली में 2 हार्मोन, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टोजन होते हैं।

प्रोजेस्टोजन पिल (Progesterone Pill) – इस गोली में केवल हार्मोन प्रोजेस्टेरोन होता है।

बर्थ कंट्रोल पिल्स के बारे में क्या कहता है विज्ञान?

सर्विक्स कैंसर

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के अनुसार गर्भ निरोधक गोलियां और कैंसर के बीच संबंध है। 52,000 से अधिक महिलाओं के डेटा को रिव्यू करने के बाद शोधकर्ताओं नें यह पता लगाया कि बर्थ कंट्रोल पिल्स कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

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गर्भ निरोधक गोलियां और कैंसर के बीच संबंध है। चित्र : शटरस्टॉक

क्या है बर्थ कंट्रोल पिल्स और कैंसर के जोखिम का कारण

शोध से पता चला है कि इन दवाओं में मिलने वाले हार्मोन कैंसर के जोखिम को प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि वे कोशिकाओं को विभाजित करने और अंतर करने के तरीके को बदलती हैं। उदाहरण के लिए, स्तन ऊतक में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टिन दोनों कोशिकाओं को विभाजित करते हैं। इसलिए, गर्भ निरोधक गोलियां कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

अधिकांश डेटा बताते हैं कि गर्भनिरोधक गोलियां आपके कैंसर के समग्र जोखिम को नहीं बढ़ाती हैं। मगर, मेयो क्लीनिक के अनुसार वैज्ञानिक प्रमाण बताते हैं कि लंबे समय तक गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने से आपके कुछ कैंसर जैसे सर्वाइकल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन गर्भनिरोधक गोलियों का उपयोग बंद करने के बाद जोखिम कम हो जाता है।

रक्तचाप को भी प्रभावित करती हैं गर्भनिरोधक गोलियां

गर्भनिरोधक गोलियां आपके रक्तचाप को थोड़ा बढ़ा सकती हैं। यदि आप गर्भनिरोधक गोलियां लेती हैं, तो नियमित रूप से अपने रक्तचाप की जांच करवाएं। यदि आपको पहले से ही उच्च रक्तचाप है, तो अपने डॉक्टर से इस बारे में बात करें कि क्या आपको जन्म नियंत्रण के किसी अन्य रूप पर विचार करना चाहिए।

इसलिए गर्भ निरोधक गोलियों का उपयोग सोच समझ कर करें, इन्हें ज़्यादा बार न लें, बल्कि सेफ सेक्स करने पर ध्यान दें और कंडोम का इस्तेमाल करें।

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ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ ऐश्‍वर्या कुलश्रेष्‍ठ

प्रकृति में गंभीर और ख्‍यालों में आज़ाद। किताबें पढ़ने और कविता लिखने की शौकीन हूं और जीवन के प्रति सकारात्‍मक दृष्टिकोण रखती हूं।

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