गर्मियों में जलने लगते हैं पैर? जानिए इसका कारण और बचाव के उपाय

क्या आपके भी रात में पैर जलने लगते हैं? पैरों में से गर्मी इतनी निकलती है कि आपका सोना मुश्किल हो जाता है? यदि हां... तो यह बर्निंग फीट सिंड्रोम के कारण हो सकता है।

janiye kya hai burning feet syndrome
गर्मियों में पैरों से क्यों निकलती है आग? चित्र : शटरस्टॉक
टीम हेल्‍थ शॉट्स Published on: 21 April 2022, 13:00 pm IST
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गर्मियों के दिनों में बॉडी से हीट निकलना आम बात है। धूप के कारण बॉडी में हीट प्रोड्यूस होती ही है। मगर क्या कभी आपने अपने शरीर में सिर्फ पैरों से हीट जेनरेट होती हुई महसूस की है? क्या कभी आपको अपने पैर बहुत गर्म लगने लगते हैं? इतने कि आपकी रातों की नींद ही उड़ जाए? यदि हां… तो इसे सिर्फ गर्मी के कारण होने वाली समस्या समझ कर नज़रअंदाज़ न करें।

यह अपने आप में एक समस्या है, जो कई गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकती है। यदि आपके पैरों में से गर्मी निकाल रही है और जलन भी महसूस हो रही है, तो यह बर्निंग फीट सिंड्रोम के कारण हो सकता है। चलिये जानते हैं इस स्थिति के बारे में –

जानिए क्या है बर्निंग फीट सिंड्रोम (Burning Feet Syndrome)

बर्निंग फीट सिंड्रोम, लक्षणों का एक समूह है जिसमें पैर अक्सर असुविधाजनक रूप से गर्म रहते हैं और इनमें दर्द भी होता है। इस स्थिति में रात में जलन अधिक तीव्र हो सकती है, लेकिन दिन में कुछ राहत मिल सकती है। ये लक्षण हल्के या गंभीर हो सकते हैं। इसमें गर्मी और दर्द पैरों के तलवों तक ही सीमित रहता है। मगर यह पैरों के ऊपरी हिस्से, टखनों और यहां तक कि निचले पैरों को भी प्रभावित कर सकता है।

बर्निंग फुट सिंड्रोम के सबसे आम लक्षण क्या हैं?

सबसे आम लक्षणों में शामिल हैं:

गर्मी या जलन महसूस होना
पैरों में सुन्नपन
तेज या चुभने वाला दर्द
पैरों में भारीपन महसूस होना
पैरों में दर्द
त्वचा का लाल होना या अत्यधिक गर्मी

जानिए क्या है पैरों में गर्मी का कारण

कई मामलों में इसका कारण केवल यह है कि जब हमारा मुख्य तापमान गर्म होता है, तो हमारा शरीर अधिक रक्त को हमारे पैरों तक बहने देता है, जो अक्सर ठंडा होने पर होता है। रक्त प्रवाह में यह वृद्धि हमारे पैरों को गर्म महसूस करा सकती है। महिलाओं में यह स्थिति अधिक आम है, खासकर रजोनिवृत्ति के दौरान।

Summers mein pair ka extra care kare
गर्मी में आपके पैर को एक्स्ट्रा केयर की जरूरत होती है। चित्र: शटरस्‍टॉक

क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार गर्म पैरों से जुड़ी अन्य स्थितियों में शामिल हैं:

हार्मोनल परिवर्तन – हार्मोन के स्तर को प्रभावित करने वाली स्थितियां, जैसे कि एक अंडरएक्टिव थायरॉयड (हाइपोथायरायडिज्म), गर्भावस्था या रजोनिवृत्ति, गर्म पैरों को ट्रिगर कर सकती हैं।

एरिथ्रोमेललगिया – यह दुर्लभ स्थिति पैरों और हाथों में लालिमा, जलन और दर्द जैसे लक्षणों की विशेषता होती है, जो अक्सर शरीर के तापमान में वृद्धि से उत्पन्न होती है।

एथलीट फुट – एथलीट फुट एक फंगल संक्रमण है जो पैरों में जलन, झुनझुनी और खुजली से जुड़ा होता है।

गुर्दा रोग – क्रोनिक किडनी रोग आपके रक्त से विषाक्त पदार्थों को फ़िल्टर करने की आपके शरीर की क्षमता को प्रभावित करता है। आपके पैरों में टॉक्सिन्स जमा हो सकते हैं, जिससे अतिरिक्त गर्मी हो सकती है।

जानिए क्या हो सकता है इसका इलाज

ऐसे जूते चुनें जो ठीक से फिट हों और पर्याप्त वेंटिलेशन प्रदान करें। जूतों में कम ऊंची एड़ी के जूते पहनें।

एथलीट फुट से बचाव के लिए साफ, सूखे मोजे पहनें। अपने मोज़े अक्सर बदलें यदि आप खेल या अन्य गतिविधियों में भाग लेते हैं जिससे पैरों से पसीना आता है।

संक्रमण या चोट के संकेतों के लिए रोजाना अपने पैरों की जांच करें। संक्रमण को रोकने के लिए अपने पैरों में छाले, घाव, कट, और अल्सर की जांच करें।

अपने पैरों को ठंडे पानी या बर्फ के स्नान में कुछ मिनट के लिए भिगोएं। यह उनकी त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है।

अपने पैरों को एप्सम साल्ट या एप्पल साइडर के घोल में भिगोएं। अगर आपको मधुमेह है, तो इस उपाय को आजमाने से पहले अपने डॉक्टर से पूछें।

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